ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: बच्चों का पेट पालने को मां ने 150 रुपये में बेचे बाल
Share
Notification Show More
Latest News
राजनांदगांव के सत्यानंद आश्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक विद्यार्थियों से किया संवाद
युवा शक्ति राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत, योग को जीवन में अपनाना जरूरी : संजय अग्रवाल
October 28, 2026
पावर हाउस फ्लाईओवर से गिरकर युवती की मौत
पावर हाउस फ्लाईओवर से गिरकर युवती की मौत, हादसा या खुदकुशी, जांच में जुटी पुलिस
October 28, 2026
दो महिला पायलटों की सहभागिता प्रदेश की बेटियों को देगी ऊंचे सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से भारतीय वायु सेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने की सौजन्य मुलाकात
October 28, 2026
एनआईटी रायपुर और आईएनएई का दो दिवसीय आयोजन
उप मुख्यमंत्री ने एनआईटी में आयोजित यूथ कॉनक्लेव-कम-नेशनल कॉन्फ्रेंस में तकनीकी विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और वैज्ञानिकों को किया संबोधित
October 28, 2026
महिला स्व-सहायता समूहों के आजीविका संवर्धन और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की पहल
खैरागढ़ में 1 से 3 नवंबर तक सजेगा जिला स्तरीय सरस मेला, स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को मिलेगा बाजार
October 28, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
FeaturedNational

बच्चों का पेट पालने को मां ने 150 रुपये में बेचे बाल

By @dmin Published January 10, 2020
Share
SHARE

सलेम. तमिलनाडु के शहर सलेम में रहने वाली प्रेमा (31) के सामने उसके तीन भूखे बच्‍चे खड़े थे और खड़ा था कर्ज का पहाड़ जिससे घबराकर उसके पति ने सात महीने पहले आत्‍महत्‍या कर ली थी। बच्‍चों का पेट भरने के लिए प्रेमा ने आखिरी उपाय के तौर पर अपने बाल बेचकर 150 रुपये कमाए, बच्‍चों का पेट भरा और खुद भी आत्‍महत्‍या करने की ठान ली। लेकन फिर कुछ ऐसा हुआ कि उसकी जिंदगी बदल गई।
पिछले शुक्रवार को विधवा प्रेमा के पास एक पैसा भी नहीं बचा था। अपने पांच, तीन और दो साल के बच्‍चों को भूख से तड़पते देख प्रेमा ने हर जानने वाले से कुछ पैसे उधार मांगे। लेकिन न पड़ोसियों ने और न ही रिश्‍तेदारों ने उसे उधार दिया। शुक्रवार को उधार देना अपशकुन माना जाता है।

बच्‍चों के खाने का इंतजाम कर खुदकुशी की ठानी
इसी समय एक शख्‍स वहां से गुजरा, उसने प्रेमा को बताया कि वह विग बनाता है और अगर प्रेमा अपने बाल उसे दे दे तो वह उसे कुछ पैसे दे सकता है। बिना हिचके प्रेमा अपनी झोंपड़ी में गई और अपना सिर मूंडकर 150 रुपये में उस शख्‍स को बाल बेच दिए। 100 रुपयों से उसने खाना खरीदा इसके बाद 50 रुपयों से वह एक दुकान से जहरीला कीटनाशक खरीदने गई। दुकानदार को उस पर शक हो गया तो उसने जहर बेचने से इनकार कर दिया।

सोशल मीडिया पर हुई मदद की अपील
इसके बाद उसने एक पौधे के जहरीले बीज खाने की कोशिश की लेकिन उसकी बहन ने उसे रोक लिया। जब प्रेमा की यह व्‍यथा ग्राफिक डिजाइनर जी बाला को पता चली तो उन्‍होंने सोशल मीडिया पर प्रेमा के लिए क्राउड फंडिंग के जरिए मदद मांगी।

पति को मिला था व्‍यापार में धोखा
प्रेमा और उसका पति सेल्‍वम दिहाड़ी मजदूर के रूप में एक ईंट भट्टे पर काम करते थे। सेल्‍वम अपना बिजनस करना चाहता था इसलिए उसने लगभग 2.5 लाख रुपये उधार ले लिए। लेकिन उसे व्‍यापार में धोखा मिला और पूरा परिवार गरीबी से जूझने लगा, इससे परेशान होकर सेल्‍वम ने खुदकुशी कर ली। पति की मौत से टूटी प्रेमा को देनदार तंग करने लगे। गरीबी से बच्‍चों की दुर्दशा देखकर प्रेमा भी अपना जीवन समाप्‍त करने की सोचने लगी।

बदल चुकी है प्रेमा, विधवा पेंशन भी मिली
लेकिन इस घटना के महज एक हफ्ते के भीतर प्रेमा पूरी तरह से बदल चुकी है। जी बाला और समाज के दूसरे उदार लोगों की वजह से प्रेमा के पास लगभग 1.45 लाख रुपये हैं। गुरुवार को सलेम के जिला प्रशासन ने उसकी मासिक विधवा पेंशन भी शुरू कर दी। बाला के दोस्‍त प्रभु ने भी प्रेमा को अपने ईंट भट्टे में काम दे दिया।

बच्‍चों को अच्‍छी शिक्षा देना चाहती है
प्रेमा के अंदर इतना आत्‍मविश्‍वास आ चुका है कि उसने बाला से कहा कि वह उसकी मदद के लिए फेसबुक पर की गई अपील को हटा दे। प्रेमा का कहना है, ‘तमाम लोगों ने जो मेरी मदद की मैं उसकी अहसानमंद हूं। मैं फिर कभी आत्‍महत्‍या के बारे में सोचूंगी भी नहीं। मैं अपने बच्‍चों को अच्‍छी शिक्षा देना चाहती हूं और उन्‍हें इस गरीबी से निकालना चाहती हूं।’

बाला की कहानी ने भी बढ़ाया हौसला
लोगों की मदद ही नहीं बल्कि बाला की कहानी ने भी प्रेमा में यह हौसला पैदा किया है। बाला ने बताया कि बचपन में उनकी मां ने भी गरीबी की वजह से आत्‍महत्‍या करने का फैसला किया था लेकिन रिश्‍तेदारों ने उन्‍हें बचा लिया। बाला ने कहा, ‘मैंने प्रेमा को बताया, अगर मेरी मां उस दिन मर गई होतीं तो आज तुम उनके बेटे की कार में न बैठी होतीं।’

You Might Also Like

युवा शक्ति राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत, योग को जीवन में अपनाना जरूरी : संजय अग्रवाल

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से भारतीय वायु सेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने की सौजन्य मुलाकात

उप मुख्यमंत्री ने एनआईटी में आयोजित यूथ कॉनक्लेव-कम-नेशनल कॉन्फ्रेंस में तकनीकी विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और वैज्ञानिकों को किया संबोधित

खैरागढ़ में 1 से 3 नवंबर तक सजेगा जिला स्तरीय सरस मेला, स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को मिलेगा बाजार

बस्तर संभाग में कौशल विकास के माध्यम से शांति, पुनर्वास और समृद्धि की दिशा में बढ़ रहे कदम

@dmin January 10, 2020
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article पेटीएम यूजर्स को झटका, 2 फीसदी का शुल्क
Next Article 15 देशों के राजनयिकों ने लिया जम्मू-कश्मीर की स्थिति का जायजा

Ro.No.-14097/18

× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?