ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: बस्तर पंडुम 2026 : माँ दंतेश्वरी की धरती पर संस्कृति का उत्सव, सुकमा के जनजातीय वेशभूषा ने बिखेरा जलवा
Share
Notification Show More
Latest News
बस्तर में पहली बार राष्ट्रीय सहकारी सम्मेलन, 8 व 9 अक्टूबर को जगदलपुर में जुटेंगे देशभर के अधिकारी
October 6, 2026
सेवा संकल्प में बैगा अंचल तक पहुंची स्वास्थ्य सेवा
सेवा संकल्प में बैगा अंचल तक पहुंची स्वास्थ्य सेवा, कुष्ठ के लक्षणों की पहचान के बाद बेदकुमारी को मिला निःशुल्क उपचार
October 6, 2026
दुर्ग भिलाई के बस्तियों में पहुंची पुलिस की टीमें, जांच में मिले धारदार हथियार, शराब एवं संदिग्ध वाहन
October 6, 2026
छत्तीसगढ़ के देशी गोवंश ‘कोसली’ के संरक्षण और संवर्धन पर हुई चर्चा
राज्यपाल रमेन डेका से कामधेनु विश्वविद्यालय के कार्य परिषद सदस्यों ने की भेंट
October 6, 2026
’राज्योत्सव में होगा विजेता का सम्मान, उपलब्धियों पर आधारित सचित्र स्मारिका भी होगी जारी’
छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान देगा ‘चेन्दरू’ पुरस्कार, उत्कृष्ट योगदान पर मिलेगा एक लाख रुपये का सम्मान
October 6, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
BasterBreaking NewsCG GovermentChhattisgarhFeatured

बस्तर पंडुम 2026 : माँ दंतेश्वरी की धरती पर संस्कृति का उत्सव, सुकमा के जनजातीय वेशभूषा ने बिखेरा जलवा

By Mohan Rao Published February 9, 2026
Share
SHARE

गृहमंत्री  अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया सम्मानित, गुंजन नाग और किरण नाग ने बढ़ाया जिले का मान

जगदलपुर। बस्तर की आत्मा, उसकी परंपराएं और उसकी जनजातीय पहचान—इन सबका भव्य उत्सव बनकर उभरा “बस्तर पंडुम 2026” न केवल एक सांस्कृतिक आयोजन रहा, बल्कि यह सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और जनजातीय संरक्षण के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण भी बना। लाल बाग मैदान में हुए इस ऐतिहासिक समापन समारोह ने पूरे देश का ध्यान बस्तर की गौरवशाली विरासत की ओर आकृष्ट किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की परिकल्पना को प्रशासन ने पूरी निष्ठा के साथ साकार किया। यह आयोजन उन परंपराओं के लिए संजीवनी साबित हुआ, जो समय के प्रवाह में विलुप्त होने की कगार पर थीं। पारंपरिक नृत्य, लोकगीत, जनजातीय वेशभूषा, खानपान और शिल्प—सब कुछ अपने मूल स्वरूप में सहेजा गया, यही इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि रही।

सुकमा बना सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक
सुकमा जिला प्रशासन ने इस आयोजन में उत्कृष्ट समन्वय, प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता का परिचय दिया। जिले के कलाकारों ने बस्तर की आत्मा को मंच पर जीवंत कर दिया। छिंदगढ़ विकासखंड के किंदरवाड़ा निवासी गुंजन नाग और किरण नाग ने जनजातीय वेशभूषा प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर न केवल सुकमा, बल्कि पूरे बस्तर का मान बढ़ाया। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर देश के गृहमंत्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा कलाकारों को स्मृति चिन्ह एवं 50 हजार रुपये का प्रोत्साहन चेक प्रदान किया गया, जो शासन की कलाकारों के प्रति सम्मान और विश्वास को दर्शाता है।

सहभागिता ने रचा इतिहास
सुकमा जिले से 12 विधाओं में 69 कलाकारों की सहभागिता ने यह सिद्ध कर दिया कि प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए मंच और अवसर जनजातीय प्रतिभाओं को नई उड़ान दे रहे हैं। यह सहभागिता केवल प्रस्तुति नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, पहचान और भविष्य की उम्मीद का प्रतीक रही।

विकास के साथ संस्कृति का संरक्षण
बस्तर पंडुम 2026 यह स्पष्ट संदेश देता है कि श्री विष्णु देव साय सरकार का विकास मॉडल केवल सड़कों, भवनों और योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जनजातीय अस्मिता, सांस्कृतिक जड़ों और सामाजिक आत्मसम्मान को समान महत्व देता है। यह आयोजन साबित करता है कि जब प्रशासन संवेदनशील हो और नेतृत्व दूरदर्शी, तो विकास और परंपरा एक-दूसरे के पूरक बन सकते हैं।

You Might Also Like

बस्तर में पहली बार राष्ट्रीय सहकारी सम्मेलन, 8 व 9 अक्टूबर को जगदलपुर में जुटेंगे देशभर के अधिकारी

सेवा संकल्प में बैगा अंचल तक पहुंची स्वास्थ्य सेवा, कुष्ठ के लक्षणों की पहचान के बाद बेदकुमारी को मिला निःशुल्क उपचार

दुर्ग भिलाई के बस्तियों में पहुंची पुलिस की टीमें, जांच में मिले धारदार हथियार, शराब एवं संदिग्ध वाहन

राज्यपाल रमेन डेका से कामधेनु विश्वविद्यालय के कार्य परिषद सदस्यों ने की भेंट

छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान देगा ‘चेन्दरू’ पुरस्कार, उत्कृष्ट योगदान पर मिलेगा एक लाख रुपये का सम्मान

Mohan Rao February 9, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article फरीदाबाद जेल में संदिग्ध आतंकी रहमान की हत्या, साथी बंदी ने नुकीले हथियार से किया वार
Next Article मोर गांव मोर पानी अभियान से 45 परिवारों की जिंदगी में आया बड़ा बदलाव
× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?