गरियाबंद। जिले में नक्सली विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। रविवार को डीवीएस मेंबर दीपक मंडावी समेत 19 लाख के 4 इनामी नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण किया। इनमें दो पुरुष और दो महिला नक्सली शामिल हैं। समर्पित नक्सलियों में दीपक मंडावी के सहयोगी कैलाश, रानिता और सुजाता भी शामिल हैं। ये सभी धमतरी-गरियाबंद नुआपड़ा डिवीजन कमेटी में साल 2013 से सक्रिय थे।

बता दें कि इस अभियान को मजबूती देने में जनवरी माह में केंद्रीय समिति सदस्य जयराम उर्फ चलपथी सहित 16 नक्सली ढेर किए जाने की कार्रवाई का बड़ा योगदान रहा। सुरक्षा बलों का कहना है कि उस कार्रवाई के बाद नक्सली संगठन में टूट नजर आ रही है और अब आर्थिक चोट भी लग रही है। अधिकारियों ने बताया कि जिन नक्सलियों ने सरेंडर किया है उनमें कमांडर दीपक मंडावी, कैलाश, रानिता और सुजाता शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि सरकार की नीति से प्रभावित होकर नक्सलियों ने सरेंडर करने का फैसला किया है। जिन नक्सलियों ने सरेंडर किया है वह धमतरी गरियाबंद नुआपड़ा डिविजन कमेटी के मेंबर थे और क्षेत्र में लंबे समय से एक्टिव थे।
रायपुर रेंज के आईजी अमरेंद्र मिश्रा, आईजी नक्सल ऑपरेशन अंकित गर्ग ने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों नें सरकार की योजना पहुंची है जिस कारण से नक्सलियों की मानसिकता पर बदलाव आया। उन्होंने कहा कि सरेंडर करने वाले नक्सली, माओवादी संगठन की खोखली विचारधारा और भेदभावपूर्ण रवैये से परेशान होकर उसे छोड़ने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में नक्सल विरोधी अभियान जारी है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की निशानदेही पर 16 लाख रुपये नकद, 31 जिंदा कारतूस, दो खाली मैगजीन, डेटोनेटर, 8 बीजीएल, 12 बोर राउंड, और नक्सली साहित्य बरामद किया गया। बताया गया कि यह रकम नक्सली अपने मांद इलाके में छिपाकर रखते थे।




