बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में गुरूवार को 12 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया। 7 फरवरी को केन्द्रीय गृहीमंत्री अमित शाह तीन दिनों के दौरे पर छत्तीसगढ़ आ रहे हैं और उससे पहले बीजापुर में यह सरेंडर सुरक्षाबलों के लिए बड़ी सफलता है। सरेंडर करने वाले नक्सलियों पर कुल 46 लाख रुपए का इनाम घोषित था। यही नहीं इनमें 8 महिला नक्सली भी शामिल हैं। ये सभी माओवादी संगठन के ‘साउथ सब जोनल ब्यूरो’ से जुड़े थे।

बस्तर पुलिस की ‘पूना मर्जेम’ (पुनर्वास से सामाजिक पुनर्स्थापन) पहल के तहत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सामने इन नक्सलियों ने सरेंडर किया। सरेंडर नक्सलियों में सोमडू मड़काम (42) डिविजनल कमेटी मेंबर और कटेकल्याण एरिया कमेटी प्रभारी, हुंगी कुंजाम (19) और पायकी कुंजाम (22) शामिल हैं, जो अलग अलग यूनिट के पार्टी मेंबर थे। इन तीनों पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम घोषित था। इसके अलावा तीन अन्य नक्सलियों पर पांच-पांच लाख रुपये, एक पर दो लाख रुपये और पांच पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने एक एके 47 रायफल, दो सेल्फ लोडिंग रायफल (एसएलआर), 250 जिलेटिन स्टिक, 400 डेटोनेटर, बारूद से भरा एक प्लास्टिक ड्रम और कॉर्डेक्स वायर का एक बंडल भी पुलिस को सौंपा। आत्मसमर्पित नक्सलियों को 5 से 50 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी और सरकार की नीति के तहत उनका पुनर्वास किया जाएगा।
बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी ने कहा कि माओवादी संगठन तेजी से अपने अंत की ओर बढ़ रहा है। दूरस्थ और दुर्गम इलाकों में सुरक्षा कैंप स्थापित होने, सड़क संपर्क बेहतर होने, लगातार सफल नक्सल विरोधी अभियानों और विकास योजनाओं की प्रभावी पहुंच से संगठन का आधार क्षेत्र लगातार सिमट रहा है। उन्होंने अभी हिंसा की राह में चल रहे नक्सलियों से अपील करते हुए कहा वे हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटें।
2024 से अब तक 888 नक्सलियों ने किया सरेंडर
पुलिस के अनुसार, बीजापुर जिले में एक जनवरी 2024 से अब तक 888 नक्सलियों ने हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की है, जबकि 1,163 गिरफ्तार हुए और अलग अलग मुठभेड़ों में 231 मारे गए। वहीं इस वर्ष अब तक राज्य में 220 से अधिक नक्सली हथियार छोड़ चुके हैं। 15 जनवरी को बीजापुर जिले में ही 52 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। केंद्र सरकार ने इस वर्ष 31 मार्च तक देश से नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प लिया है।




