ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर को सर्वश्रेष्ठ सोयाबीन अनुसंधान केंद्र का राष्ट्रीय पुरस्कार
Share
Notification Show More
Latest News
महानदी केवल हमारी जीवनदायिनी नहीं, छत्तीसगढ़ की आस्था, संस्कृति और सभ्यता की अविरल धारा : मुख्यमंत्री साय
October 15, 2026
सरकारी योजनाओं में लापरवाही पर 1 तकनीकी सहायक और 3 रोजगार सहायक बर्खास्त, 2 सचिव निलंबित
October 15, 2026
शिवरीनारायण में महानदी पर 63 करोड़ से बनेगा नया पुल, सीएम साय की घोषणा
October 15, 2026
खनिज के अवैध परिवहन पर सख्ती, जीपीएम में रेत से भरे 6 ट्रैक्टर जब्त
October 15, 2026
स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता और सहज उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय
October 15, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsCG GovermentChhattisgarhFeaturedRaipur

कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर को सर्वश्रेष्ठ सोयाबीन अनुसंधान केंद्र का राष्ट्रीय पुरस्कार

By Poonam Patel Published April 13, 2026
Share
हैदराबाद में आयोजित सोयाबीन अनुसंधान परियोजना की वार्षिक बैठक में मिला सम्मान
हैदराबाद में आयोजित सोयाबीन अनुसंधान परियोजना की वार्षिक बैठक में मिला सम्मान
SHARE

रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में संचालित अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (सोयाबीन) को राष्ट्रीय स्तर पर वर्ष 2023-2025 की मूल्यांकन अवधि के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए “सर्वश्रेष्ठ केंद्र पुरस्कार” से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रीय स्तर के इस सम्मान के लिए कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री राम विचार नेताम ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।

यह सम्मान राष्ट्रीय अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (सोयाबीन) नेटवर्क के अंतर्गत प्रदान किया गया। यह पुरस्कार रायपुर केंद्र की बहुआयामी उत्कृष्टता के लिए प्रदान किया गया जिसमें अनुसंधान परीक्षण, वैज्ञानिक प्रकाशन, प्रजनन नवाचार, प्रौद्योगिकी विकास, किसान संपर्क कार्यक्रम और बीज उत्पादन शामिल हैं। यह पुरस्कार अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (सोयाबीन) विश्वविद्यालय टीम के सदस्यों डॉ. सुनील कुमार नाग (प्रधान वैज्ञानिक), डॉ. रामा मोहन सावु (वरिष्ठ वैज्ञानिक) एवं डॉ. ऐश्वर्या टंडन (सह-प्राध्यापक) द्वारा प्राप्त किया गया। यह सम्मान डॉ. प्रताप सिंह, माननीय कुलपति, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर; डॉ. एस.के. राव, पूर्व कुलपति, राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर; डॉ. के.एच. सिंह, निदेशक, आईसीएआर-राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान, इंदौर तथा डॉ. आर.के. माथुर, निदेशक, आईसीएआर-भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद द्वारा 09 अप्रैल 2026 को हैदराबाद स्थित प्रोफेसर जयशंकर तेलंगाना कृषि विश्वविद्यालय, राजेंद्र नगर में आयोजित अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (सोयाबीन) की 56वीं वार्षिक समूह बैठक में प्रदान किया गया। इंदिरा गांधी   कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने पुरस्कृत अनुसंधान दल के टीम लीडर एवं सदस्यों को इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं हैं।

यह पुरस्कार व्यापक मूल्यांकन प्रणाली और प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया पर आधारित है, जिसमें इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर केंद्र ने असाधारण उपलब्धियाँ प्रदर्शित कीं। केंद्र ने लगातार तीन वर्षों तक पादप प्रजनन, सस्य विज्ञान, पादप रोग विज्ञान एवं सूक्ष्मजीव विज्ञान सहित विभिन्न विषयों में सभी आवंटित परीक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण किए और उनकी स्वीकृति प्राप्त की। सोयाबीन अनुसंधान से संबंधित उच्च-गुणवत्ता वाले नास रेटेड शोध पत्र, सम्मेलन पत्र, बुलेटिन तथा एम.एससी. एवं पीएच.डी. छात्रों के मार्गदर्शन के माध्यम से महत्वपूर्ण योगदान दिया गया। केंद्र ने  सुदृढ़ जर्मप्लाज्म प्रबंधन (प्रति वर्ष 1000 से अधिक अभिग्रहण), व्यापक संकरण कार्यक्रम तथा आएससी 11-42, आएससी 11-72 और आएससी 12-32 जैसी उत्कृष्ट किस्मों के विकास में प्रगति की। प्रमुख उपलब्धियों में पूर्वी क्षेत्र के लिए तीन उन्नत सोयाबीन किस्मों का विकास, छह उत्पादन एवं संरक्षण तकनीकों का विकास तथा तीन जर्मप्लाज्म लाइनों का पंजीकरण शामिल है। केंद्र ने प्रति वर्ष 100 फ्रंट लाइन डेमोंस्ट्रेशन, कांकेर जिले में जनजातीय उप-योजना के अंतर्गत किसानों को लाभान्वित करने तथा नियमित किसान प्रशिक्षण एवं खेत प्रदर्शन के माध्यम से उत्कृष्ट विस्तार कार्य किया। प्रजनक बीज उत्पादन में लगभग 90 : लक्ष्य प्राप्ति के साथ-साथ न्यूक्लियस बीज उत्पादन में भी उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की गई।

केंद्र ने बड़े जर्मप्लाज्म संग्रह (1100 तक लाइनों) के मूल्यांकन, उच्च उपज एवं रोग प्रतिरोधी किस्मों (जैसे आएससी 11-42 एवं आएससी 11-35) के विकास, समेकित पोषक तत्व एवं खरपतवार प्रबंधन सहित टिकाऊ कृषि पद्धतियों में नवाचार तथा जलवायु-अनुकूल एवं किसान हितैषी तकनीकों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अपने सशक्त विस्तार तंत्र के माध्यम से अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना एवं सोयाबीन केंद्र ने उच्च उपज वाली किस्मों एवं उन्नत फसल प्रबंधन पद्धतियों को बढ़ावा देकर, लक्षित हस्तक्षेपों के जरिए जनजातीय किसानों को सहयोग प्रदान कर तथा टिकाऊ एवं यंत्रीकृत कृषि तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ाकर सोयाबीन उत्पादकता और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। यह पुरस्कार बहुविषयक टीम के सामूहिक प्रयासों, वैज्ञानिक उत्कृष्टता के प्रति समर्पण तथा किसानों के लिए सोयाबीन उत्पादन प्रणाली को सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। टीम भविष्य में भी नवाचार करते हुए राष्ट्रीय कृषि विकास में योगदान देती रहेगी। अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना एवं सोयाबीन, आईजीकेवी रायपुर में वर्ष 2001 से संचालित है और यह भारत के विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों में समन्वित अनुसंधान के माध्यम से सोयाबीन उत्पादकता बढ़ाने हेतु एक प्रमुख राष्ट्रीय कार्यक्रम है। इन उपलब्धियों में और वृद्धि करते हुए, डॉ. सुनील कुमार नाग को सोयाबीन अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सोयाबीन अनुसंधान एवं विकास समिति, इंदौर द्वारा फेलो-2025 से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, डॉ. तापस चौधरी को एक नवाचारपूर्ण तकनीक के विकास हेतु सम्मानित किया गया, जिसमें माइक्रोबियल कंसोर्टिया (ब्रैडीराईज़ोबियम डेकिंगेन्स एवं बैसिलस आर्यभट्टई) /10 ग्राम/किग्रा बीज के साथ बीज उपचार की सिफारिश की गई है, जो सोयाबीन की उत्पादकता बढ़ाने तथा पोषक तत्व उपयोग दक्षता में सुधार करने में सहायक है।

You Might Also Like

महानदी केवल हमारी जीवनदायिनी नहीं, छत्तीसगढ़ की आस्था, संस्कृति और सभ्यता की अविरल धारा : मुख्यमंत्री साय

सरकारी योजनाओं में लापरवाही पर 1 तकनीकी सहायक और 3 रोजगार सहायक बर्खास्त, 2 सचिव निलंबित

शिवरीनारायण में महानदी पर 63 करोड़ से बनेगा नया पुल, सीएम साय की घोषणा

खनिज के अवैध परिवहन पर सख्ती, जीपीएम में रेत से भरे 6 ट्रैक्टर जब्त

स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता और सहज उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय

Poonam Patel April 13, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article हर घर जल योजना: ग्राम छिबर्रा के 278 घरों में पहुंच रहा स्वच्छ पेयजल हर घर जल योजना: ग्राम छिबर्रा के 278 घरों में पहुंच रहा स्वच्छ पेयजल
Next Article भटके कदमों को नई दिशा : सुकमा में पुनर्वास से विकास की कहानी लिख रही है सरकार

Ro.No.-14097/18

× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?