नई दिल्ली (एजेंसी)। कोरोना से मौतों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद केन्द्र सरकार ने नई गाइड लाइन जारी की है। अब कोरोना से जान गंवाने वाले लोगों के डेथ सर्टिफिकेट पर इसे मौत के कारण के तौर पर दर्ज किया जाएगा। यह जानकारी भारत सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दी है। सरकार ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने नई गाइडलाइन तैयार की हैं, जिसके तहत कोरोना से संबंधित मौतों में आधिकारिक डॉक्यूमेंट प्रदान किया जाएगा।

केन्द्र सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक, सिर्फ उन मौतों को कोरोना संबंधित माना जाएगा, जिनमें मरीज का आरटीपीसीआर टेस्ट, मॉलिक्यूलर टेस्ट, रैपिड-एंटिजन टेस्ट किया गया हो या किसी हॉस्पिटल या घर में डॉक्टर ने जांच करके कोरोना संक्रमण की पुष्टि की हो। ऐसे मरीजों की मौत का कारण कोरोना मानकर डेथ सर्टिफिकेट में इसकी जानकारी दी जाएगी। ऐसे मरीज जिनकी अस्पताल में या घर पर मौत हुई और जिसमें पंजीकरण संस्था को जीवन और मृत्यु पंजीकरण एक्ट 1969 (सेक्शन 10) के तहत मरने की वजह के मेडिकल सर्टिफिकेट का फॉर्म 4 और 4 ए दिया गया है, सिर्फ उनकी मौत ही कोरोना संबंधित मानी जाएगी।
गाइडलाइन में यह भी बताया गया है कि अगर किसी मौत के मामले में डेथ सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं है, या मृतक का परिवार डेथ सर्टिफिकेट में दिए गए मृत्यु के कारण से संतुष्ट नहीं है और जो ऊपर बताए मानकों से कवर नहीं होते, ऐसे मामलों में राज्य व केंद्रशासित प्रदेश जिला स्तर पर बनी एक कमेटी को सूचना देंगे।




