नई दिल्ली (एजेंसी)। कोरोना महामारी के कारण बीते दस माह से बंद दिल्ली के स्कूल सोमवार (18 जनवरी) से खुल गए हैं। स्कूल खुलते ही छात्र में गजब का उत्साह दिख रहा है। उनका कहना है कि हम बहुत खुश हैं कि स्कूल खुल गए। ऑनलाइन में वैसी पढ़ाई नहीं हो पाती जो स्कूल में शिक्षकों के मार्गदर्शन में होती है। उन्होंने कहा वह नहीं चाहते कि अब स्कूल बंद हों।

कुछ स्कूल सोमवार को, कुछ सप्ताह के अंत में खुलेंगे
कुछ स्कूल सोमवार को खुल गए तो कुछ ने तैयारी करने के लिए सप्ताह के अंत में स्कूल खोलने का फैसला किया है। सोमवार के लिए स्कूलों ने दो दिन पहले से ही अपनी तैयारी शुरू कर दी थी। स्कूलों में प्रार्थना सभा(असबेंली नहीं होगी) नहीं होगी, ना ही बच्चों के खाने के लिए कैंटीन खोली जाएगी। ना ही स्कूलों ने बच्चों को परिवहन की सुविधा दी है। बच्चों को खुद ही स्कूल पहुंचना होगा।
कोरोना महामारी के बाद खुल रहे स्कूलों में बच्चों को भेजने के लिए 60-80 फीसदी अभिभावकों ने ही अपनी मंजूरी दी है। एक कक्षा को दो ग्रुप में बांटा गया है, इस तरह से 10 से 15 बच्चे ही एक कक्षा में बैठ पाएंगे।
लिटिल फ्लॉवर ग्रुप ऑफ स्कूल के चेयरमैन रोहित दुआ ने बताया कि दसवीं-बारहवीं के लगभग 80 फीसदी बच्चों के अभिभावकों ने उन्हें भेजने की मंजूरी दी है। स्कूल पहुंचने के लिए सुबह 8.30 बजे का समय रखा गया है, नौ बजे से कक्षाओं की शुरुआत हो जाएगी जो कि 12.30 बजे खत्म होगी।




