ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: आईआईटी रोपड़ व मॉनाश यूनिवर्सिटी ऑस्ट्रेलिया ने बनाया ‘फेक-बस्टर’… वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल होने वाले फर्जी लोगों पर रखेगी नजर
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
FeaturedNational

आईआईटी रोपड़ व मॉनाश यूनिवर्सिटी ऑस्ट्रेलिया ने बनाया ‘फेक-बस्टर’… वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल होने वाले फर्जी लोगों पर रखेगी नजर

By @dmin
Published: May 19, 2021
Share
आईआईटी रोपड़ व मॉनाश यूनिवर्सिटी ऑस्ट्रेलिया ने बनाया 'फेक-बस्टरÓ… वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल होने वाले फर्जी लोगों पर रखेगी नजर
आईआईटी रोपड़ व मॉनाश यूनिवर्सिटी ऑस्ट्रेलिया ने बनाया 'फेक-बस्टरÓ… वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल होने वाले फर्जी लोगों पर रखेगी नजर
SHARE

नई दिल्ली (पीआईबी)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रोपड़, पंजाब और मॉनाश यूनिवर्सिटी, ऑस्ट्रेलिया के अनुसंधानकर्ताओं ने ‘फेक-बस्टरÓनामक एक ऐसा अनोखा डिटेक्टर ईजाद किया है, जो किसी भी ऑनलाइन फरेबी का पता लगा सकता है। विदित हो कि ऐसे फरेबी बिना किसी की जानकारी के वर्चुअल सम्मेलन में घुस जाते हैं। इस तकनीक के जरिये सोशल मीडिया में भी ऐसे लोगों पकड़ा जा सकता है, जो किसी को बदनाम करने या उसका मजाक उड़ाने के लिये उसके चेहरे की आड़ लेते हैं।
मौजूदा महामारी के दौर में ज्यादातर कामकाज और आधिकारिक बैठकें ऑनलाइन हो रही हैं। इस अनोखी तकनीक से पता लगाया जा सकता है कि किस व्यक्ति के वीडियो के साथ छेड़-छाड़ की जा रही है या वीडियों कॉन्फ्रें स के दौरान कौन घुसपैठ कर रहा है। इस तकनीक से पता चल जायेगा कि कौन फरेबी वेबीनार या वर्चुअल बैठक में घुसा है। ऐसी घुसपैठ अक्सर आपके सहकर्मी या वाजिब सदस्य की फोटो के साथ खिलवाड़ करके की जाती है।
फेक-बस्टर विकास करने वाली चार सदस्यीय टीम के डॉ. अभिनव धाल ने कहा, बारीक कृत्रिम बौद्धिकता तकनीक से मीडिया विषयवस्तु के साथ फेर-बदल करने की घटनाओं में नाटकीय इजाफा हुआ है। ऐसी तकनीकें दिन प्रति दिन विकसित होती जा रही हैं। इसके कारण सही-गलत का पता लगाना मुश्किल हो गया है, जिससे सुरक्षा पर दूरगामी असर पड़ सकता है। डॉ. धाल ने भरोसा दिलाया, इस टूल की सटीकता 90 प्रतिशत से अधिक है। अन्य तीन सदस्यों में से एसोशियेट प्रोफेसर रामनाथन सुब्रमण्यन और दो छात्र विनीत मेहता तथा पारुल गुप्ता हैं।
इस तकनीक पर एक पेपर फेक-बस्टर: ए डीपफेक्स डिटेक्शन टूल फॉर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को पिछले महीने अमेरिका में आयोजित इंटेलीजेंट यूजर इंटरफेस के 26वें अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में पेश किया गया था। डॉ. धाल का कहना है कि फेक-न्यूज के प्रसार में मीडिया विषयवस्तु में हेरफेर की जाती है। यही हेरफेर पोर्नोग्राफी और अन्य ऑनलाइन विषयवस्तु के साथ भी की जाती है, जिसका गहरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस तरह का हेरफेर वीडियो कॉन्फ्रें सिंग में भी होने लगा है, जहां घुसपैठ करने वाले उपकरणों के जरिये चेहरे के हावभाव बदलकर घुसपैठ करते हैं। यह फरेब लोगों को सच्चा लगता है, जिसके गंभीर परिणाम होते हैं। वीडियो या विजुअल हेरफेर करने को ‘डीपफेक्सÓकहा जाता है। ऑनलाइन परीक्षा या नौकरी के लिये होने वाले साक्षात्कार के दौरान भी इसका गलत इस्तेमाल किया जा सकता है।
यह सॉफ्टवेयर वीडियो कॉन्फ्रें सिंग सॉल्यूशन से अलग है और इसे ज़ूम और स्काइप एप्लीकेशन पर परखा जा चुका है। डीपफेक डिटेक्शन टूल ‘फेक-बस्टरÓऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों तरीके से काम करता है। इसेमौजूदा समय में लैपटॉप और डेस्कटॉप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके बारे में एसोशियेट प्रोफेसर सुब्रमण्यन का कहना है, हमारा उद्देश्य है कि नेटवर्क को छोटा और हल्का रखा जाये, ताकि इसे मोबाइल फोन और अन्य डिवाइस पर इस्तेमाल किया जा सके। उन्होंने कहा कि उनकी टीम इस वक्त फर्जी ऑडियो को पकडऩे की डिवाइस पर भी काम कर रही है। टीम का दावा है कि फेक-बस्टरसॉफ्टवेयर ऐसा पहला टूल है, जो डीपफेक डिटेक्शन प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करके लाइव वीडियो कॉन्फ्रेंससिंग के दौरान फरेबियों को पकड़ता है। इस डिवाइस का परीक्षण हो चुका है और जल्द ही इसे बाजार में उतार दिया जायेगा।

सड़क हादसे में घायलों को इलाज के लिये डेढ़ लाख रुपये देगी छत्तीसगढ़ सरकार; यहां जानें क्या है नियम
बीजापुर-कांकेर में 30 नक्सलियों का एनकाउंटर, सीएम साय बोले- नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक युद्ध… भयमुक्त होगा बस्तर
महाराष्ट्र में अब बैलट पेपर से भी होंगे चुनाव, कानून बनाने को उद्धव सरकार को मिला निर्देश
हाईस्कूल के बच्चों को राज्यपाल डेका ने दिए टिप्स, बोले- यूपीएससी के अलावा अन्य विकल्पों पर भी दें ध्यान
संकट: पश्चिमांचल में बिगड़ने लगी बिजली की चाल, कोयले की कमी से जूझ रहा विद्युत विभाग
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article निर्धारित समय 5 बजे के बाद खुला पाया ईलेक्ट्रिानिक व डेली निड्स की दुकान, निगम की टीम ने लगाया जुर्माना निर्धारित समय 5 बजे के बाद खुला पाया ईलेक्ट्रिानिक व डेली निड्स की दुकान, निगम की टीम ने लगाया जुर्माना
Next Article निगम आयुक्त ने नेवई गोठान का किया औचक निरीक्षण…. मुख्यमंत्री स्वास्थ्य स्लम शिविर का लिया जायजा निगम आयुक्त ने नेवई गोठान का किया औचक निरीक्षण…. मुख्यमंत्री स्वास्थ्य स्लम शिविर का लिया जायजा
× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?