‘सिटिज़न साइंस बर्ड सर्वे 2026’ के लिए अब तक 12 राज्यों से मिले 135 आवेदन
रायपुर। बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में राष्ट्रीय स्तर पर पक्षियों का सर्वेक्षण होगा। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार तथा वनमंडलाधिकारी धम्मशील गणवीर के मार्गदर्शन में सिटिज़न साइंस बर्ड सर्वे 2026 का आयोजन 16 से 18 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। तीन दिनों तक चलने वाले इस सर्वे कार्यक्रम के लिए अब तक 12 राज्यों से 135 आवेदन आ चुके हैं।

सिटिज़न साइंस बर्ड सर्वे (नागरिक विज्ञान पक्षी सर्वेक्षण) एक ऐसा कार्यक्रम है, जिसमें आम लोग बिना किसी वैज्ञानिक अनुभव के, पक्षियों को देखकर उनका डेटा इकट्ठा करते हैं, जिससे वैज्ञानिकों को पक्षियों की आबादी, प्रवास और पर्यावरणीय बदलावों (जैसे जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण) के प्रभावों को समझने में मदद मिलती है और यह डेटा पक्षियों के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है। इस सर्वे का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की समृद्ध पक्षी-विविधता का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण करना, नागरिक वैज्ञानिकों की भागीदारी बढ़ाना और दीर्घकालिक संरक्षण कार्यों को मजबूत बनाना है।
सर्वे के लिए 12 राज्यों से आए है आवेदन
कार्यक्रम को लेकर प्रतिभागियों में उत्साह देखने को मिल रहा है। अब तक कुल 135 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें छत्तीसगढ़ सहित देश के 12 राज्यों आंध्र प्रदेश, बिहार, दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, केरल, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। यह बढ़ती सहभागिता छत्तीसगढ़ की जैव-विविधता के प्रति राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती रुचि को दर्शाती है तथा बारनवापारा अभयारण्य को महत्वपूर्ण संरक्षण स्थल के रूप में स्थापित करती है।
रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 15 दिसंबर
सर्वे के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 15 दिसंबर 2025 निर्धारित है। इच्छुक प्रतिभागी लिंक या फ्लायर पर दिए गए QR कोड के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। यह आयोजन Birds & Wildlife of Chhattisgarh के सहयोग से तथा eBird के तकनीकी समर्थन के साथ किया जा रहा है, जिससे प्रतिभागियों द्वारा जुटाई गई जानकारी वैश्विक डाटाबेस में शामिल होगी। प्रकृति- रक्षित क्षेत्रों, घासभूमियों और वनों के मिश्रित परिदृश्य से युक्त बारनवापारा अभयारण्य इस प्रकार के अध्ययन के लिए अत्यंत उपयुक्त माना जाता है।




