नई दिल्ली (एजेंसी)। देश में आतंकवादियों को मिलने वाली मदद को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। इसके तहत आतंकी वित्त पोषण (टेरर फंडिंग) को रोकने के लिए गृह मंत्रालय और एनआईए में एक-एक सेल का गठन किया गया है।

भारत सरकार ने आतंकी वित्तपोषण (टेरर फंडिंग) की समस्या से निपटने में समन्वय के लिए गृह मंत्रालय में सीएफटी सेल (आतंकी वित्तपोषण से मुकाबले के लिए प्रकोष्ठ) का गठन किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने बताया कि इसके साथ ही आतंकी वित्तपोषण और नकली करेंसी के मामलों की जांच के लिए एक टेरर फंडिंग एंड फेक करेंसी सेल भी बनाई गई है।
उधर, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में बताया कि केंद्र सरकार ने पिछले तीन वर्षों में आतंकी वित्त पोषण के कितने मामलों को जांच के लिए एनआईए को सौंपे हैं। उन्होंने बताया कि साल 2018 में एनआईए को ऐसे 18 मामले सौंपे गए। वहीं साल 2019 में ऐसे मामलों की संख्या 14 रही। इसके बाद एजेंसी को 2020 में 23 मामले दिए गए और नवंबर 2021 तक नौ मामले दिए जा चुके हैं।




