नई दिल्ली (एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया है कि महिलाओं को इसी साल से एनडीए की प्रवेश परीक्षा में शामिल होने दिया जाए। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि नेशनल डिफेंस एकेडमी अगले साल यानी मई 2022 में महिलाओं को एंट्रेस एग्जाम में बैठने की इजाजत देगी। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की इस मांग को ठुकरा दिया और कहा कि इस साल 14 नवंबर को होने वाली एनडीए परीक्षा में महिलाओं को बैठने दिया जाए। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान इसकी तुलना आपात स्थिति से करते हुए कहा कि सशस्त्र बल आपात स्थितियों से निपटने के लिए सबसे उपयुक्त है।
Supreme Court tells the Centre that it cannot vacate its interim order that allowed female aspirants to take the NDA entrance examination to be held in November this year pic.twitter.com/oWRzuycRjD
— ANI (@ANI) September 22, 2021
खबर के मुताबिक, कोर्ट ने कहा कि परीक्षा के बाद अगर कोई समस्या आती है तो सरकार कोर्ट को सूचित कर सकती है। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि हम नहीं चाहते कि महिलाओं को उनके अधिकार से वंचित किया जाए। रक्षा मंत्रालय को यूपीएससी के सहयोग से जरूरी कदम उठाने चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि एक साल की देरी सब कुछ खत्म कर देगी। जस्टिस एसके कौल ने कहा कि हम प्रक्रिया में देरी नहीं करना चाहते लेकिन हम इस बारे में सटीक समय-सीमा नहीं तय करने जा रहे हैं कि किस तारीख तक यूपीएससी को अधिसूचना जारी की जानी चाहिए। अदालत ने कहा कि सशस्त्र बल बहुत सी आपात स्थितियों से निपटा है। उन्हें आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है और वे इससे निपटने में सक्षम होंगे।




