नई दिल्ली (एजेंसी)। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि लगातार महंगाई बढऩे से लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है। तेल की कीमतें बढऩे से लोगों पर सीधा असर पड़ रहा है। इस दौरान उन्होंने केंद्र की एनएमपी (नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन) योजना पर भी बात की और आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस योजना के जरिए देश की संपत्तियां बेचना चाहती है।
उन्होंने कहा, एक तरफ डिमोनेटाइजेशन है और दूसरी ओर मोनेटाइजेशन। छोटे किसानों, मध्यम वर्ग और गरीबों का डिमोनेटाइजेशन हो रहा है। मोनेटाइजेशन सिर्फ सरकार के चार-पांच दोस्तों का भला हो रहा है। जब वे सत्ता में आए थे तो कहते थे कि पेट्रोल-डीजल और गैस के दाम बढ़ रहे हैं। अब देखिए गैस और बाकी सबके दाम आसमान छू रहे हैं।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि जीडीपी का मतलब है कि गैस, डीजल और पेट्रोल। जीडीपी बढऩे का मतलब है कि इनके दामों में बढ़ोतरी। 2014 के मुकाबले रसोई गैस की कीमत 116 फीसदी बढ़ी। पेट्रोल के दाम 42 फीसदी बढ़े और डीजल की कीमत में 55 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। रही सही कसर सरकार देश की संपत्तियों को बेचकर पूरा कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘मोदी जी कहते रहते हैं कि जीडीपी बढ़ रही है, वित्त मंत्री कहती हैं कि जीडीपी में ऊपर की ओर का रुख दिख रहा है। तब मैं समझा कि जीडीपी का मतलब है ‘गैस-डीजल-पेट्रोल’। राहुल ने कहा, पहले मोदी जी ने कहा कि वह नोटबंदी कर रहे हैं और वित्त मंत्री कहती हैं कि वह मुद्रीकरण कर रही हैं। लोग पूछ रहे हैं कि दोनों में हो क्या रहा है?
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कांग्रेस सासंद ने कहा कि सरकार ने जीडीपी के जरिए 23 लाख करोड़ रुपये कमाए हैं। यह जीडीपी, सकल घरेलू उत्पाद से नहीं बल्कि गैस-डीजल-पेट्रोल है। उन्होंने सवाल किया कि ये 23 लाख करोड़ रुपये कहां गए? जब 2014 में यूपीए सरकार से बाहर हुई थी तब एलपीजी सिलिंडर 410 रुपये में था। आज इसकी कीमत 885 रुपये प्रति सिलिंडर है।
प्रधानमंत्री जी,
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) September 1, 2021
आपके राज में दो ही तरह का "विकास" हो रहा है:
एक तरफ आपके खरबपति मित्रों की आय बढ़ती जा रही है।
दूसरी तरफ आमजनों के लिए आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ते जा रहे हैं।
अगर यही "विकास" है तो इस "विकास" को अवकाश (छुट्टी) पर भेजने का वक्त आ गया है।#IndiaAgainstBJPLoot pic.twitter.com/Pra7PfAQb8
मोदी के विकास को अवकाश पर भेजने का वक्त आ गया: प्रियंका गांधी
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी केंद्र पर आरोप लगाए। उन्होंने एक ट्वीट में कहा, ‘प्रधानमंत्री जी, आपके राज में दो ही तरह का ‘विकास’ हो रहा है। एक ओर आपके खरबपति मित्रों की आय बढ़ती जा रही है। दूसरी ओर आम जनों के लिए जरूरी वस्तुओं के दाम बढ़ते जा रहे हैं। यही विकास है तो इस विकास को ‘अवकाश’ पर भेजने का वक्त आ गया है।




