चंडीगढ़ (एजेंसी)। कोरोना से बचाव में मास्क की भूमिका अहम है। वहीं मास्क लगाने के बाद कई तरह की समस्याएं आम बात हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए वैज्ञानिकों ने एक ऐसा मास्क तैयार किया है जो पारदर्शी होने के साथ की कई खूबियों से लैस है। आसानी से धुलने वाले इस मास्क को चंडीगढ़ की सेंट्रल साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट आर्गनाइजेशन ने बनाया है। केंद्रीय स्वास्थ्यमंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने भी इस मास्क को पहना है और इसकी तारीफ की है। स्वास्थ्य मंत्री चंडीगढ़ के अपने दौरे के दौरान सेक्टर-30 स्थित सीएसआईओ पहुंचे और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर इंटेलिजेंस सेंसर्स प्रयोगशाला का शुभारंभ किया।
बता दें कि आमतौर पर जो मास्क का इस्तेमाल किया जा रहा है उसके लगाने से लोगों को सांस फुलने की शिकायतें आ रही हैं। यही नहीं जो लोग नजर का चश्मा पहनते हैं उन्हें लैंस पर भाप जमने की शिकायत है। इस मास्क की खूबी यह है कि यह चारों ओर से बंद है, लेकिन इसको लगाने के बाद भी सांस नहीं फूलती। वहीं, सांस छोडऩे के बाद भाप भी जमा नहीं होती। ड्रॉपलेट आदि इस पर गिर जाता है तो उसको आसानी से धोया जा सकता है। सबसे खास बात यह है कि यह पारदर्शी है। इससे लोगों के पूरे चेहरे को देखा जा सकेगा। यह एयरपोर्ट आदि जगहों पर अधिक कारगर साबित होगा। सीसीटीवी कैमरे आदि में भी मास्क लगाए व्यक्ति की तस्वीर साफ आएगी। इसका पेटेंट फाइल कर दिया गया है।
केन्द्रीय मंत्री को किया गया गिफ्ट
चंडीगढ़ की सेंटर्ल साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट आर्गनाइजेशन (सीएसआईओ) ने इस मास्क को तैयार किया है। सीएसआईओ की वैज्ञानिक डॉ. सुनीता मेहरा ने पॉलीमर से ये मास्क बनाया है। इसमें कोरोना का वायरस प्रवेश नहीं कर सकेगा। यह मास्क केंद्रीय स्वास्थ्यमंत्री डॉ. हर्षवर्धन को भी गिफ्ट किया गया। इस दौरान केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इन प्रयोगशालाओं के जरिए हमारा जीवन आसान बनेगा। इन प्रयोगशालाओं में देश के दुश्मनों का पता लगाने से लेकर कोरोना वायरस तक से लडऩे के लिए विशेष उपकरण तैयार किए जा रहे हैं। फिलहाल इस मास्क की कीमत 150 से 200 रुपये के बीच पड़ रही है। बाजार में आएगा तो और भी सस्ता होगा। इसके अलावा चश्मा भी तैयार किया गया है। इसको लगाने के बाद आंखें पूरी तरह सुरक्षित हो जाती हैं। इसकी भी कई खूबियां हैं। इसकी लागत भी लगभग 250 रुपये है।





