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हेपेटाइटिस-‘सी’ वायरस की खोज करने वाले वैज्ञानिकों को मिला इस साल का नोबेल पुरस्कार

By @dmin
Published: October 5, 2020
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हेपेटाइटिस-'सी' वायरस की खोज करने वाले वैज्ञानिकों को मिला इस साल का नोबेल पुरस्कार
हेपेटाइटिस-'सी' वायरस की खोज करने वाले वैज्ञानिकों को मिला इस साल का नोबेल पुरस्कार
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एजेंसी , नई दिल्ली (एजेंसी)। साल 2020 के चिकित्सा नोबेल पुरस्कारों का ऐलान सोमवार को किया गया है। इस बार हार्वे जे अल्टर, माइकल ह्यूटन और चाल्र्स एम राइस को यह पुरस्कार मिला है। इन तीनों को ‘हेपेटाइटिस सीÓ वायरस की खोज के लिए यह पुरस्कार दिया गया है।
नोबेल पुरस्कार समिति के अनुसार, रक्त-जनित हेपेटाइटिस, विश्व भर के लोगों में सिरोसिस और यकृत कैंसर का कारण बनता है। इसके खिलाफ लड़ाई में इन तीनों ने निर्णायक योगदान दिया।
आपको बता दें कि नोबेल पुरस्कार स्वीडन के वैज्ञानिक अल्फ्रेड बनार्ड नोबेल की याद में दिया जाता है। अल्फ्रेड ने अपनी मृत्यु से पहले संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा ट्रस्ट को दिया था ताकि उन पैसों से मानव जाति के लिए काम करने वाले शख्सियतों को सम्मानित किया जा सके। पहला नोबेल शांति पुरस्कार 1901 में दिया गया था।

BREAKING NEWS:
The 2020 #NobelPrize in Physiology or Medicine has been awarded jointly to Harvey J. Alter, Michael Houghton and Charles M. Rice “for the discovery of Hepatitis C virus.” pic.twitter.com/MDHPmbiFmS

— The Nobel Prize (@NobelPrize) October 5, 2020

कौन थे अल्फ्रेड नोबेल?
अल्फ्रेड नोबेल स्वीडन के रहने वाले थे और रसायनज्ञ तथा इंजीनियर थे। इन्होने डाइनामाइट नामक प्रसिद्ध बिस्फोटक का आविष्कार किया था। नोबेल को डायनामाइट तथा इस तरह के विज्ञान के अनेक आविष्कारों की विध्वंसक शक्ति की बखूबी समझ थी। दिसंबर 1897 में मृत्यु के पूर्व अपनी विपुल संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा उन्होंने एक ट्रस्ट के लिए सुरक्षित रख दिया। अल्फेड नोबेल की इच्छा थी कि इस पैसे के ब्याज से हर साल उन लोगों को सम्मानित किया जाए जिनका काम मानव जाति के लिए सबसे कल्याणकारी पाया जाए। इस तरह से अल्फ्रेड नोबेल की इच्छा के अनुसार नोबेल फाउंडेशन द्वारा हर साल यह अवार्ड प्रदान किया जाता है।

अर्थशास्त्र का नोबेल
भारतीय मूल के अभिजीत बनर्जी को वर्ष 2019 के लिए अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार दिया गया है। उन्हें यह पुरस्कार फ्रांस की एस्थर डुफ्लो (अभिजीत बनर्जी की पत्नी) और अमेरिका के माइकल क्रेमर के साथ संयुक्त रूप से दिया गया है। यह पुरस्कार ‘वैश्विक स्तर पर गरीबी उन्मूलन के लिए किये गये कार्यों के लिए मिला।

शांति का नोबेल
इस बार नोबेल शांति पुरस्कार इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली को देने की घोषणा हुई है। यह पुरस्कार उनके देश के चिर शत्रु इरिट्रिया के साथ संघर्ष को सुलझाने के लिए दिया गया है। नोबेल पुरस्कार जूरी ने जानकारी दी थी कि अबी अहमद अली को शांति और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग प्राप्त करने के प्रयासों के लिए और विशेष रूप से पड़ोसी इरिट्रिया के साथ सीमा संघर्ष को सुलझाने के निर्णायक पहल के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

साहित्य का नोबेल
‘द रिमेन्स ऑफ द डे’ उपन्यास के लिए मशहूर ब्रिटिश लेखक काजुओ इशिगुरो को इस वर्ष के साहित्य के नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया है। घोषणा में कहा गया था कि 62 साल के लेखक ने शानदार भावनात्मक प्रभाव वाले उपन्यासों में दुनिया के साथ हमारे जुड़ाव की अवास्तविक भावना के नीचे के शून्य को दिखाया है।

फिजिक्स के लिए नोबेल
कनाडा-अमेरिका के जेम्स पीबल्स, स्विट्जरलैंड के माइकल मेयर और डिडियर क्वेलोज को फिजिक्स के लिए नेाबेल अवॉर्ड दिए जाने की घोषणा हुई है।

कैमेस्ट्री का नोबेल
कैमेस्ट्री के क्षेत्र के लिए भी नोबेल पुरस्कार के नामों की घोषणा हो चुकी है। नोबेल पुरस्कार के लिए अमेरिकी वैज्ञानिक जॉन गुडइनफ, ब्रिटेन के स्टेनली व्हिटिंघम और जापानी वैज्ञानिक अकीरा योशिनो को चुना गया है।

चिकित्सा क्षेत्र में नोबल पुरस्कार
दो प्रतिरक्षा वैज्ञानिकों (इम्यूनोलाजिस्ट) अमेरिका के जेम्स एलीसन और जापान के तासुकु होन्जो को कैंसर थेरेपी की खोज के लिए चिकित्सा के क्षेत्र का नोबेल पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की हो चुकी है।

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