स्पोर्ट्स डेस्क (एजेंसी)। चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के लिए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का 13वां सीजन अभी तक कुछ खास नहीं रहा है। टीम ने जीत के साथ टूर्नामेंट का आगाज किया, लेकिन फिर लगातार तीन मैचों में हार झेली। इसके बाद टीम ने 4 अक्टूबर को किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ खेले गए मैच में जबर्दस्त वापसी करते हुए 10 विकेट से जीत दर्ज की। इस मैच से पहले सीएसके का टॉप-ऑर्डर फ्लॉप हो रहा था और ऐसे में मिडिल ऑर्डर पर काफी दबाव पड़ रहा था। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी टीम को जीत दिलाने में नाकाम हो रहे थे, जिसके बाद से वह आलोचकों के निशाने पर थे। प्रज्ञान ओझा अब धोनी के सपोर्ट में सामने आए हैं, उन्होंने कहा कि एक ही शख्स सबकुछ नहीं कर सकता है।
इस सीजन में धोनी की बल्लेबाजी और कप्तानी दोनों पर सवाल खड़े हुए इसके अलावा उनकी फिटनेस को लेकर भी आलोचकों ने निशाना साधा। पूर्व क्रिकेट ओझा धोनी के सपोर्ट में सामने आए हैं। उन्होंने स्पोट्र्स टुडे पर कहा, ‘एक टीम गेम में, एक अकेला शख्स सबकुछ नहीं कर सकता है। वह टीम की कप्तानी, लगातार रन बनाना अकेले नहीं कर सकता, तो सभी को योगदान देना ही पड़ेगा। उन्होंने आगे कहा, ‘पिछले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ अगर टीम ने जल्द विकेट नहीं गंवाए होते या फिर केदार जाधव ने वैसी बैटिंग की होती जैसा टीम उनसे चाहती थी, तो मुझे नहीं लगता कि धोनी राशिद खान के ओवरों में इतना डिफेंसिव होकर खेलते, क्योंकि वो अपना विकेट गंवा नहीं सकते थे।
ओझा ने कहा, ‘अगर धोनी ने अपना विकेट गंवा दिया होता, तो आप जडेजा की हाफसेंचुरी नहीं देख पाते, वह हाफसेंचुरी बना सके क्योंकि दूसरे छोर पर महेंद्र सिंह धोनी थे। धोनी ने हर स्टेज पर अपना बेस्ट दिया है।Ó किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ शेन वॉटसन ने नॉटआउट 83 और फैफ डु प्लेसी ने नॉटआउट 87 रन बनाए और टीम ने 10 विकेट से शानदार जीत दर्ज की। इस तरह से सीएसके के हार का क्रम भी टूटा। इस जीत के साथ सीएसके प्वॉइंट टेबल में आखिरी पायदान से छठे पायदान पर आ गया है।
धोनी के आलोचकों पर भड़के प्रज्ञान ओझा, कहा- एक अकेला सबकुछ नहीं कर सकता




