नईदिल्ली (एजेंसी)। भारत के अंतरिक्ष मिशन गगनयान के यात्रियों के लिए अंतरिक्ष में रहने के दौरान भोजन का जिम्मा रक्षा खाद्य अनुसंधान प्रयोगशाला (डीएफआरएल) मैसूर को सौंपा गया है। यात्रियों के स्वादिष्ट भोजन का मैन्यू फाइनल होकर भोजन के सैंपल वायुसेना को परीक्षण के लिए भेजे गए हैं। सैंपल में पास होने के बाद भोजन को तैयार करने की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा। खाने लायक पैक्ड फूड मार्च 2021 तक तैयार हो सकेगा।

70 सदस्यों की वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने देश के मानव अंतरिक्ष मिशन के लिए फिलहाल सात दिन का मैन्यू तैयार कर लिया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) मिशन गगनयान को अंतिम रूप देते समय इस स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन का परीक्षण करेगा और उसके बाद ही इस पर मुहर लगेगी। इसमें वह पौष्टिकता और इसके स्वाद को परखेंगे। डीएफआरएल को पहले भी अंतरिक्ष भोजन को तैयार करने में दक्षता है, इसलिए उन्हें फिर से यह काम सौपा गया है।
संस्थान ने 1984 में भारतीय के अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा (जो कि रूस के अंतरिक्ष मिशन के दौरान रूसी अंतरिक्ष यात्रियों के साथ सात दिन से ज्यादा अंतरिक्ष में रहे थे) के लिए भोजन तैयार किया था। इसलिए इस बार इसरो ने अब सेवानिवृत्त विंग कमांडर राकेश शर्मा से भी मानव अंतरिक्ष अभियान के लिए खासा परामर्श लिया है।




