भिलाई/रायपुर। स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में एक बार फिर छत्तीसगढ़ ने पूरे देश में सबसे स्वच्छ राज्य का तमगा हासिल किया है। आज नईदिल्ली में आयोजित वीडिय़ो कॉन्फे्रंसिंग में पीएम मोदी ने स्वच्छता सर्वेक्षण सूची जारी की। वहीं केन्द्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने वीडिय़ों कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सीएम भूपेश बघेल को इसके लिए बधाई दी है। राज्यों के अलावा देश के सबसे स्वच्छ शहर का तमगा एक बार फिर मध्यप्रदेश के इंदौर शहर को मिला है। वहीं गुजरात के सूरत को दूसरा और महाराष्ट्र के नवी मुंबई को तीसरा स्थान मिला है।

ऐसा लगातार दूसरी बार है, जब छत्तीसगढ़ पहले स्थान पर आया है। साथ ही देश में छत्तीसगढ़ अकेला ऐसा राज्य है, जिसके सभी 27 जिले ओडीएफ प्लस प्लस यानी कि खुले में शौच मुक्त घोषित कर दिए गए हैं। केंद्रीय आवास एवं शहरी मंत्रालय की ओर से जारी किए आंकड़ों और रैंकिंग में बाजी फिर अंबिकापुर के हाथ लगी है। एक बार फिर 10 लाख की आबादी वाले शहरों में अंबिकापुर नंबर एक पर बना हुआ है। वहीं, रायपुर ने भी ऊंची छलांग लगाई है। इसके बावजूद वह 41 से 21 नंबर पर ही पहुंच पाया है।
पुरस्कार वितरण के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय मंत्री पुरी को छत्तीसगढ़ में चलाई जा रही गोधन न्याय योजना और गोबर खरीदी के विषय में जानकारी दी। जिसे केंद्रीय मंत्री पुरी ने छत्तीसगढ़ की गोधन न्याय योजना एवं गोबर क्रय योजना को ‘वेस्ट टू वेल्थ‘ का अच्छा कमर्शियल मॉडल बताते हुए भूरि-भूरि प्रशंसा की और अन्य राज्यों के लिए इसे अनुकरणीय बताया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि हमारी कोशिश होगी कि अगले साल भी छत्तीसगढ़ स्वच्छ सर्वेक्षण में प्रथम स्थान पर रहें। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ में कचरे से खाद बनाई जा रही है। दो रूपए प्रति किलो की दर पर खरीदी कर इससे वर्मी कम्पोस्ट तैयार किया जा रहा है। गांव और शहरों में गोबर से होने वाली गंदगी पर रोक लगी है। गांव और शहर और अधिक स्वच्छ हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में भी यह योजना लागू की गई है। राज्य के शहरी क्षेत्रों में स्थापित 377 गोबर खरीदी केन्द्रों में गोबर खरीदी की जा रही है। इस योजना से लोगों की आय में भी बढ़ोतरी हुई है। केन्द्रीय मंत्री श्री पुरी ने स्वच्छ सर्वेक्षण में छत्तीसगढ़ के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मुख्यमंत्री श्री बघेल और नगरीय विकास मंत्री डॉ. डहरिया को बधाई दी।
भिलाई को सेल्फ सस्टेनेबल सिटी का अवार्ड
दुर्ग जिले के पाटन नगर पंचायत को 25 हजार की आबादी वाले केटेगरी में सबसे स्वच्छ नगर का दर्जा मिला। छत्तीसगढ़ से धमतरी शहर को 50 हजार से 1 लाख की आबादी वाले शहरों की सूची में सर्वोच्च स्थान मिला है। इसी प्रकार 25 से 50 हजार की आबादी वाले शहरों में जसपुर को सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया है। वहीं भिलाई शहर को पूरे भारत में सेल्फ सस्टेनेबल सिटी का अवार्ड मिला है। साथ ही प्रदेश के 10 अन्य शहरों में भिलाई का रैंक 34, 50 हजार से 01 लाख की जनसंख्या में भिलाई-चरोदा रैंक-02, चिरमिरी रैंक-03, बीरगांव रैंक-04, 25 से 50 हजार की जनसंख्या में कवर्धा का रैंक-02, चांपा रैंक-05, अकलतरा रैंक-74, 25 हजार से कम जनसंख्या श्रेणी में नरहरपुर रैंक-02 सारागांव रैंक-03 एवं पिपरिया रैंक-04 को भी राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। इस मौके पर प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया ने नगरीय निकायों एवं प्रदेश की जनता को बहुत-बहुत बधाई देते हुए इसी प्रकार अपना सहयोग आगे भी देते रहने का आवाहन किया।
लगातार चौथी बार इंदौर बना स्वच्छ शहरों का सिरमौर
स्वच्छता सर्वेक्षण के सबसे पहले संस्करण में मैसूर को सबसे स्वच्छ शहर का खिताब हासिल हुआ था। इसके बाद लगातार चार सालों 2017, 2018, 2019 और 2020 से इस खिताब को मध्यप्रदेश का इंदौर शहर अपने नाम कर रहा है। वहीं दूसरे स्थान पर सूरत, तीसरे पर नवी मुंबई, चौथे पर विजयवाड़ा, पांचवे पर अहमदाबाद, छठवें पर राजकोट, सातवें पर भोपाल, आठवें पर चंडीगढ़, नौवें पर जीवीएमसी विशाखापत्तनम और दसवें पर वडोदरा हैं। केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को इंदौर के सबसे स्वच्छ शहर बनने पर बधाई भी दी। इस दौरान साफ-सफाई को लेकर बेहतर प्रदर्शन करने वाले शहरों को पुरस्कृत भी किया गया। स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में भारत की सबसे स्वच्छ छावनी का तमगा जालंधर कैंट को मिला। सर्वेक्षण में 100 से ज्यादा शहरों वाले राज्य में सबसे साफ राज्य छत्तीसगढ़ और 100 से कम शहरों वाले राज्य में सबसे साफ राज्य झारखंड घोषित किया गया।




