नई दिल्ली (एजेंसी)। मानवरहित उड़ान भरने को तैयार भारत की महत्वाकांक्षी गगनयान परियोजना को टाल दिया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार अब गगनयान 2021 में उड़ान भरेगा, क्योंकि इसरो ने कोविड -19 के कारण अपनी योजनाओं में बदलाव किया है। मिशन को मूल रूप से इस वर्ष के अंत में निर्धारित किया गया था। इसरो के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने कहा: हमें दी गई योजनाओं के अनुसार, गगनयान मानव रहित उड़ान इस साल के कार्यक्रम में नहीं है।
वैज्ञानिक ने कहा कि मानव रहित उड़ान को संभवत: अगले साल तक बढ़ा देने से अब 2022 तक मनुष्यों को अंतरिक्ष में भेजने की परिकल्पना प्रभावित होगी। इसरो के अध्यक्ष के. सिवन ने टीओआई को बताया, ‘वर्तमान परिस्थितियों के साथ, इस वर्ष मानव रहित उड़ान संभव नहीं हो सकती है। हम लगभग पांच से छह मिशनों की योजना बना रहे हैं, जिसमें GiSAT-1 भी शामिल है जिसका प्रक्षेपण इस साल की शुरुआत में स्थगित कर दिया गया था। इन मिशनों का विवरण बाद में सार्वजनिक किया जाएगा।
इसरो के अध्यक्ष के सिवन ने टीओआई को बताया, वर्तमान परिस्थितियों के साथ इस वर्ष मानव रहित उड़ान संभव नहीं हो सकती है। हम लगभग पांच से छह मिशनों की योजना बना रहे हैं, जिसमें GiSAT-1 भी शामिल है जिसका प्रक्षेपण इस साल की शुरुआत में स्थगित कर दिया गया था। इन मिशनों का विवरण बाद में सार्वजनिक किया जाएगा। गगनयान के लिए इसरो की तैयार योजनाओं के अनुसार, मानव उड़ान से पहले दो मानव रहित उड़ाने कराई जानी है जो मनुष्यों को जहाज पर भेजने से पहले सभी प्रणालियों का परीक्षण करेगी। अब, पहली मानवरहित उड़ान के स्थगित होने का मतलब होगा कि इसरो को अगले साल दो मानवरहित मिशन शुरू करने होंगे।
सिवान ने कहा हमारी योजना मानवरहित उड़ानों में ह्मनॉइड ले जाना है। हमें यह तय करना होगा कि आने वाले महीनों में क्या होता है- क्या हम अगले साल दो मानवरहित मिशन लॉन्च करेंगे, जो उभरती स्थितियों पर निर्भर करेगा? यदि कोविड प्रभाव आगे भी जारी रहता है, तो हमें अपनी कुछ योजनाओं को फिर से आगे बढ़ाना पड़ सकता है।
कोरोना के चलते टला मानवरहित गगनयान मिशन, इस साल नहीं भरेगा उड़ान




