इंसास राइफल लावारिस छोड़कर सड़क पड़े रहे, वीडियो वायरल होने पर कार्रवाई
भिलाई। छत्तीसगढ़ में पुलिस विभाग को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। दुर्ग जिले में पदस्थ एएसआई व आरक्षक कैदी शिफ्टिंग के लिए अंबिकापुर गए और वहां नशे में धुत मिले। खासबात यह है कि दोनों आरक्षक नशे में धुत सड़क पर पड़े मिले और उनकी इंशास राइफल बगल में लावारिश पड़ी रही। इसका वीडियो वायरल होने के बाद एसएसपी दुर्ग विजय अग्रवाल ने सख्त कार्रवाई करते हुए दोनों आरक्षकों को सस्पेंड कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार दुर्ग जिले में पदस्थ एक एएसआई जीवन प्रकाश एक्का और एक कांस्टेबल ऋषिकांत दुर्ग से एक कैदी को शिफ्ट करने के लिए अंबिकापुर केंद्रीय जेल पहुंचे थे। कैदी को जेल में दाखिल कराने के बाद वे प्रतीक्षा बस स्टैंड के पास पहुंचे और वहां नशे में धुत हो गए। स्थानीय लोगों ने जब उन्हें सड़क किनारे नशे की हालत में पड़े देखा और पास में ही सरकारी हथियार लावारिस पड़ा देखा तो हड़कंप मच गया। सार्वजनिक स्थान पर इस तरह इंसास राइफल पड़े होने की सूचना लोगों ने तत्काल बस स्टैंड चौकी पुलिस को दी। सूचना पर बस स्टैंड चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और लावारिस हालत में पड़ी इंसास राइफल को अपने कब्जे में लिया। दोनों पुलिसकर्मियों को भी वहां से हटाया गया। इसी दौरान किसी ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो अब इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है।
एसएसपी विजय अग्रवाल ने किया सस्पेंड
इसका वीडियो वायरल होने के बाद एसएसपी विजय अग्रवाल ने सख्त कार्रवाई करते हुए एएसआई जीवन प्रकाश एक्का एवं आरक्षक ऋषिकांत त्रिपाठी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। जारी आदेश के अनुसार एएसआई जीवन प्रकाश एक्का एवं आरक्षक ऋषिकांत त्रिपाठी को मुलजिम पेशी ड्युटी के लिए 17 अक्टूबर 2026 को अंबिकापुर जिला सरगुजा भेजा गया था। उक्त दोनों के द्वारा 18 अक्टूबर शाम को नया बस स्टेंड, अंबिकापुर में पुलिस की वर्दी में शराब का सेवन कर इंसास रायफल को छोड़कर जमीन में सोते हुए पाए गए। फलस्वरूप एएसआई जीवन प्रकाश एक्का एवं आरक्षक ऋषिकांत त्रिपाठी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केन्द दुर्ग में सम्बद्ध किया जाता है। दोनों को निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।





