ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: भिलाई के मूर्तिकार अंकुश का कमाल : नवरात्रि पर संगमरमर तराशकर बनाई मां दुर्गा की सूक्ष्म प्रतिमा
Share
Notification Show More
Latest News
आवास जल्द पूरा करने वाले हितग्राहियों को प्रोत्साहित करने के निर्देश
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की समीक्षा बैठक संपन्न
October 15, 2026
दूरस्थ ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में शासकीय सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने पर विशेष जोर
सेवा सेतु पोर्टल से आम नागरिकों को घर के नजदीक मिलेंगी 900 से अधिक शासकीय सेवाएं
October 15, 2026
पांच लाख रुपये के ऋण से बढ़ाया कारोबार, परिवार के साथ मिलकर गढ़ रहीं आत्मनिर्भरता की राह
बिहान से हुनर को मिली नई पहचान, मूर्ति निर्माण से परिवार को सशक्त बना रहीं संतोषी प्रजापति
October 15, 2026
शाला नायक सुमन के हाथों कराया भूमिपूजन, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को किया सम्मानित
रामभांठा में 75 लाख रुपये की लागत से बनेगा नया हाई स्कूल भवन, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने किया भूमिपूजन
October 15, 2026
राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ के होनहार छात्र कृष्ण अग्रवाल का सम्मान, राष्ट्रीय स्पर्धा में दिखाई प्रतिभा
October 15, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsCG GovermentDurg-BhilaiFeatured

भिलाई के मूर्तिकार अंकुश का कमाल : नवरात्रि पर संगमरमर तराशकर बनाई मां दुर्गा की सूक्ष्म प्रतिमा

By Mohan Rao Published October 15, 2026
Share
SHARE

भिलाई। नवरात्रि के अवसर पर दुनिया की सबसे छोटी मां दुर्गा की मूर्ति का निर्माण छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध मूर्तिकार डॉ. अंकुश देवांगन ने किया है। संगमरमर पत्थर को तराशकर बनाए गए इस कलाकृति का आकार मात्र आधे सेन्टीमीटर या चने के दाने के बराबर है। उंगली के छोटे से नाखून पर प्रदर्शित मां की यह मूर्ति सिंह पर विराजमान है, जिसके आठो हाथों में खड्ग, तलवार, त्रिशूल, गदा और विभिन्न आयुध विद्यमान हैं।

ज्ञात हो कि समकालीन भारतीय कलाजगत के सशक्त स्तंभ अंकुश देवांगन ने अपने सूक्ष्मकला की शुरुआत 1985 से की थी। वहीं 1989 में चीन के तियानमेन चौक में प्रजातंत्र की मांग कर रहे हजारों छात्रों के नरसंहार के बाद उन्होंने माओवादी क्षेत्रों में हिंसा छोड़ो कला से नाता जोड़ो आंदोलन शुरू किया। जो विगत 36 वर्षों से जारी है। पौराणिक आख्यानों में दर्ज कला आनंदम ददाति से प्रेरणा लेकर उन्होंने सृजनात्मक विचारों से हिंसात्मक विचारों के नाश का प्रयास किया है। जो सदैव कारगर साबित हुआ है। परिणामस्वरूप उन्होंने बच्चों को कला के प्रति आकर्षित करने के लिए इन सूक्ष्मकलाओं का निर्माण किया। ताकि बच्चे सृजनशील, शिक्षित, सक्षम बन सकें और माओवादी विचारधारा में न जाएं। जिसका व्यापक प्रभाव पड़ा और हजारों बच्चे पढ़ लिखकर अपना जीवन संवारने में सफल हुए हैं।

अंकुश देवांगन ने हर धर्म के देवी देवताओं, महापुरुषों और ऐतिहासिक इमारतों की सूक्ष्मतम तस्वीरें उन्होंने बनाई है। 2003 में उन्हें इन सूक्ष्मकलाओं के लिए प्रतिष्ठित लिम्का बुक ऑफ द रिकॉर्ड का नेशनल अवार्ड भी मिल चुका है। वे राज्य के प्रथम कलाकार हैं जो ललित कला अकादमी, नई दिल्ली में एक्जीक्यूटिव बोर्ड मेंबर हैं। वे सूक्ष्म कलाकृतियों का निर्माण निरंतर करते रहते हैं और इसके माध्यम से सामाजिक सरोकारों के संदेश भी देते हैं। भारत में तेजी से बढ़ते जल प्रदूषण को रोकने के लिए उन्होंने इस कलाकृति के माध्यम से संदेश दिया है कि छोटी प्रतिमाओं का ही निर्माण करना चाहिए। ताकि जल कम से कम प्रदूषित हो। वर्तमान में वे भिलाई इस्पात संयंत्र के मेडिकल विभाग में कार्यरत हैं।

You Might Also Like

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की समीक्षा बैठक संपन्न

सेवा सेतु पोर्टल से आम नागरिकों को घर के नजदीक मिलेंगी 900 से अधिक शासकीय सेवाएं

बिहान से हुनर को मिली नई पहचान, मूर्ति निर्माण से परिवार को सशक्त बना रहीं संतोषी प्रजापति

रामभांठा में 75 लाख रुपये की लागत से बनेगा नया हाई स्कूल भवन, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने किया भूमिपूजन

राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ के होनहार छात्र कृष्ण अग्रवाल का सम्मान, राष्ट्रीय स्पर्धा में दिखाई प्रतिभा

Mohan Rao October 15, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article कोंडागांव के ढोकरा शिल्पकार बन्नूराम बैद का शिल्प गुरु अवार्ड 2025 के लिए चयन
Next Article राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ के होनहार छात्र कृष्ण अग्रवाल का सम्मान, राष्ट्रीय स्पर्धा में दिखाई प्रतिभा

Ro.No.-14097/18

× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?