दुर्ग। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को व्यवहारिक, समावेशी और जनोपयोगी बनाने के लिए राज्य शासन द्वारा गठित यूसीसी समिति ने जनपरामर्श और विचार-विमर्श शुरूआत कर दी गई है। इसी कड़ी में मंगलवार 08 सितम्बर को दुर्ग में समान नागरिक संहिता प्रारूप समिति द्वारा उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। उक्त बैठक में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एमके राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार, सेवानिवृत्त प्राचार्या डॉ. ज्योति रानी सिंह के समक्ष विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और लिव-इन संबंध जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक संघों के पदाधिकारियों ने खुल कर अपने सुझाव दिये।
बैठक में पारम्परिक-सामाजिक मान्यताओं को लेकर आधुनिक-वैधानिक सुधारों तक के कई अहम पहुलओं पर विचार-विमर्श हुआ। बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ में यूसीसी के पक्ष एवं विपक्ष में सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक संघों के पदाधिकारियों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिये। इसमें वरिष्ठ नागरिक कल्याण मंच के अध्यक्ष अरूण अग्रवाल, छत्तीसगढ़ कंवर समाज के प्रांतीय उपाध्यक्ष धन्नू राम ठाकुर, छत्तीसगढ़ के मनवा कुर्मी समाज दुर्ग के अध्यक्ष बीएल वर्मा, चन्द्रनाहू कुर्मी समाज के प्रांतीय विजय चन्द्राकर, गोंडवाना सेवा समिति रिसाली के अध्यक्ष अशोक कंगाले, आंध्र समाज भिलाई के संयोजक के. उमाशंकर राव, साहू समाज के कार्यकारी अध्यक्ष लखन लाल साहू, आम आदमी पार्टी जिला अध्यक्ष रविन्द्र साहू, गोड़ी धर्म संरक्षक समिति के महासचिव भूपेन्द्र नेताम, पेंशनर्स के सदस्य सियाराम सारगो, छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा बालोद के अध्यक्ष खेमलाल कुंजाम, प्रज्ञा वरिष्ठ नागरिक संघ के अध्यक्ष बीआर साहू, पद्मश्री शमशाद बेगम, अधिवक्ता लव कुमार रामटेके, हलवा समाज महिला प्रभाग की अध्यक्ष चन्द्रिका रावत, ताम्रकार समाज भिलाई के सचिव कमलेश ताम्रकार, छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष जनक लाल साहू, सर्व आदिवासी समाज दुर्ग के अध्यक्ष सुदर्शन ठाकुर, यादव समाज दुर्ग के अध्यक्ष महेश यादव, वरिष्ठ नागरिक संघ के सदस्य उधान सिंह पवार, आदिवासी समाज जिला बालोद के अध्यक्ष तुलाराम कोर्राम, दुर्ग जिला युवा आदिवासी प्रभाग के अध्यक्ष दिवाकर सिंह ठाकुर, छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कामर्स के सदस्य संजीव टावरी, आम आदमी पार्टी के पुरूर्षोत्तम राजपूत, बीएसपी एसटी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रवि टोप्पो, कर्मचारी अधिकारी संघ के जिला संयोजक राजेश चटर्जी, भारतीय बौद्ध महासभा के उपाध्यक्ष हेमंत तांडे, राम मंदिर ट्रस्ट बेमेतरा के अध्यक्ष एडवोकेट बृजमोहन शर्मा, छत्तीसगढ़ कंडरा आदिवासी समाज के अध्यक्ष विरेन्द्र कुंजाम और मुस्लिम समाज युवा प्रभाग के अध्यक्ष मोहम्मद सुहेल शामिल थे।
यूसीसी समिति के सदस्यों ने अवगत कराया कि सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक संघों के पदाधिकारियों के सुझाव के आधार पर ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा। एडवोकेट प्रांजल शर्मा ने पावर पाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से समान नागरिक संहिता क्या है के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। समिति द्वारा इसके माध्यम से भी सुझाव आमंत्रित किये गये हैं। बैठक में समिति के सदस्य सचिव रायपुर संभाग के आयुक्त श्याम धावड़े तथा दुर्ग संभाग आयुक्त एसएन राठौर, कलेक्टर अभिजीत सिंह, एडीएम विरेन्द्र सिंह, एसडीएम दुर्ग शहर प्रफुल्ल गुप्ता सहित दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिले के सामाजिक, राजनीतिक एवं धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारी उपस्थित थे।



