ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: कुकरेल में 200 से अधिक फार्म पॉन्ड बने जल संरक्षण और आजीविका का सशक्त मॉडल
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsCG GovermentChhattisgarhdhamtariFeatured

कुकरेल में 200 से अधिक फार्म पॉन्ड बने जल संरक्षण और आजीविका का सशक्त मॉडल

By Poonam Patel
Published: September 8, 2026
Share
​धमतरी के आदिवासी अंचल में वीबी-जी रामजी योजना से बदला परिदृश्य
​धमतरी के आदिवासी अंचल में वीबी-जी रामजी योजना से बदला परिदृश्य
SHARE

रायपुर। जहां कभी बह जाता था बारिश का पानी, अब वहीं लिखी जा रही समृद्धि की कहानी। धमतरी जिले के वनांचल विकासखंड नगरी के कुकरेल क्षेत्र में यह उक्ति आज शत-प्रतिशत सटीक साबित हो रही है। जिस क्षेत्र में कभी वर्षा जल बिना किसी उपयोग के बह जाता था और किसानों को सिंचाई के लिए संघर्ष करना पड़ता था, आज वही जल संरचनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दे रही हैं। वीबी-जी रामजी योजना के अंतर्गत निर्मित फार्म पॉन्ड (डबरियों) ने जल संरक्षण को सीधे आजीविका से जोड़कर वनांचल में समृद्धि के नए द्वार खोले हैं।

​200 से अधिक फार्म पॉन्ड से मिला जल सुरक्षा का आधार

कुकरेल क्लस्टर में योजनाबद्ध तरीके से 200 से अधिक फार्म पॉन्ड तैयार किए गए हैं। प्रत्येक डबरी का मानक आकार 20 मीटर × 20 मीटर × 3 मीटर रखा गया है। इन वृहद जल संरचनाओं के बनने से न केवल वर्षा जल का संचयन हुआ है, बल्कि किसानों को सिंचाई के लिए एक विश्वसनीय अतिरिक्त स्रोत भी मिला है।

​कृषि के साथ मत्स्य पालन और झींगा पालन से बढ़ी आय

जल की उपलब्धता के साथ ही हितग्राहियों को आजीविका के नए साधनों से जोड़ा गया है। प्रत्येक डबरी में औसतन 320 आईएमसी (Indian Major Carp) तथा 1600 झींगा मछली के बीज डाले गए हैं। बेहतर प्रबंधन और देखरेख के चलते आईएमसी मछलियां 400 से 500 ग्राम तक विकसित हो चुकी हैं, जो बाजार में बिक्री के लिए तैयार हो रही हैं।

ABIS CSR का तकनीकी सहयोग और निरंतर मॉनिटरिंग

इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता इसका बहुआयामी प्रबंधन है। लगभग 2.30 लाख रुपये की स्वीकृति से तैयार इन संरचनाओं को अधिक लाभकारी बनाने के लिए ABIS CSR का महत्वपूर्ण सहयोग लिया जा रहा है।​ग्रामीणों को वैज्ञानिक मत्स्य पालन का तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ​रियायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण मत्स्य आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। विशेषज्ञों द्वारा निरंतर मॉनिटरिंग कर उत्पादन क्षमता में सुधार सुनिश्चित किया जा रहा है।

​आत्मनिर्भरता और ग्रामीण विकास का अनुकरणीय मॉडल

आदिवासी बहुल कुकरेल का यह एकीकृत मॉडल प्रमाणित करता है कि जब पारंपरिक जल संरक्षण को आधुनिक तकनीक, संस्थागत सहयोग और आजीविका के अवसरों से जोड़ा जाता है, तो दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भी टिकाऊ स्वरोजगार का निर्माण संभव है। कुकरेल की ये डबरियां अब केवल जल संचयन का जरिया नहीं, बल्कि मेहनतकश आदिवासियों के लिए आत्मनिर्भरता, रोजगार और खुशहाली का नया प्रतीक बन चुकी हैं।

Breaking News : नारायणपुर में 22 नक्सलियों ने किया सरेंडर, सीएम साय बोले- विकास की राह चुन रहे नक्सली
मुख्य सचिव का अफसरों को निर्देश : आई-गॉट में सभी विभागों को ऑन-बोर्ड होना अनिवार्य
CG News : गंगासागर मेला घूमने गया था परिवार, बेटे के साथ खो गई पत्नी… 13 साल बाद ऐसे मिला बिछड़ा परिवार
तपती दोपहरी में कुम्हारी ओव्हर ब्रिज का छतरी लेकर निरीक्षण करने पहुंच कलेक्टर
चीन की UN में ‘कश्मीर चर्चा’ चाल हुई फेल
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article shreekanchanpath 325 # 08 September 2026
Next Article राज्यपाल रमेन डेका से छत्तीसगढ़ी भाषाविदों ने की भेंट छत्तीसगढ़ी को आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए सकारात्मक पहल

Ro.No.-14150/37

× Popup Image

Ro. No.-14093/2

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?