ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: शिक्षक की पहल से शाला त्यागी दुर्गावती फिर लौटी शिक्षा की मुख्यधारा में
Share
Notification Show More
Latest News
सिंगापुर में छत्तीसगढ़ ने कौशल विकास के लिए किया एमओयू, एग्रो प्रोसेसिंग में 350 करोड़ का नया निवेश
October 7, 2026
नकली सोने की पत्तियां असली बताकर ज्वेलर्स को लगाया 19 लाख का चूना, 6 आरोपी गिरफ्तार
October 6, 2026
नवरात्रि में श्रद्धालुओं को सुविधा, डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन 10 एक्सप्रेस ट्रेनों को मिलेगा ठहराव
October 6, 2026
26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता… रायपुर संभाग बना ओवरऑल चौम्पियन
October 6, 2026
अंगदान की मांग और आपूर्ति के बीच बड़ा अंतर कैसे भरेगा मध्य प्रदेश! – डॉ. अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार)
अंगदान की मांग और आपूर्ति के बीच बड़ा अंतर कैसे भरेगा मध्य प्रदेश! – डॉ. अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार)
October 6, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsCG GovermentChhattisgarhFeaturedRaipurSurajpur

शिक्षक की पहल से शाला त्यागी दुर्गावती फिर लौटी शिक्षा की मुख्यधारा में

By Poonam Patel Published August 21, 2026
Share
पालकों से संवाद, समझाइश और सहयोग से छात्रा का दोबारा विद्यालय में प्रवेश
पालकों से संवाद, समझाइश और सहयोग से छात्रा का दोबारा विद्यालय में प्रवेश
SHARE

रायपुर। शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है और किसी भी परिस्थिति में बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए शासन स्तर पर निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में सूरजपुर जिले में शिक्षक की पहल से शाला त्याग चुकी एक छात्रा को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रेरणादायी मिसाल सामने आई है। शिक्षक के निरंतर प्रयास, पालकों से संवाद और समझाइश के बाद ग्राम दवना की छात्रा दुर्गावती ने दोबारा विद्यालय में प्रवेश लिया और अब वह पूरे उत्साह के साथ पढ़ाई जारी रखने के लिए तैयार है।

विकासखंड शिक्षा अधिकारी अवधेश कुमार साहू के मार्गदर्शन में छात्रा को विद्यालय में प्रवेश दिलाया गया। पतरापाली से लगे ग्राम दवना स्थित प्राथमिक शाला भरूहमूड़ा से वर्ष 2025 में कक्षा 5वीं उत्तीर्ण करने के बाद छात्रा दुर्गावती, पिता भंवर सिंह ने आगे की पढ़ाई के लिए विद्यालय में प्रवेश नहीं लिया था। इस दौरान माध्यमिक शाला पतरापाली के शिक्षक योगेश साहू ने छात्रा और उसके पालकों से संपर्क कर पढ़ाई जारी नहीं रखने का कारण जाना।

पालकों ने बताया कि छात्रा विद्यालय जाने के लिए तैयार नहीं थी और वह अपनी नानी के घर चली गई थी। इसके अलावा जन्म प्रमाण पत्र एवं आधार कार्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण भी आगे विद्यालय में प्रवेश कराने में परेशानी आ रही थी। शिक्षक योगेश साहू ने छात्रा और उसके परिजनों से लगातार संवाद करते हुए उन्हें शिक्षा के महत्व तथा बच्चों की शिक्षा के अधिकार एवं अनिवार्य शिक्षा के प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने पालकों को समझाया कि किसी भी परिस्थिति में बच्चे की पढ़ाई रुकनी नहीं चाहिए और आवश्यक दस्तावेजों की व्यवस्था कर बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजना चाहिए।

शिक्षक की समझाइश और निरंतर संपर्क का सकारात्मक असर हुआ। दुर्गावती ने दोबारा पढ़ाई शुरू करने की इच्छा जताई और उसका विद्यालय में प्रवेश कराया गया। पुनः विद्यालय पहुंचने के बाद छात्रा में पढ़ाई को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। छात्रा के पुनः प्रवेश के अवसर पर प्रधान पाठक के.के. यादव एवं शिक्षिका अनिता सिंह ने उसे निःशुल्क पुस्तक एवं गणवेश प्रदान किया। वहीं शिक्षक योगेश साहू ने अपने स्तर पर छात्रा को कॉपी एवं पेन उपलब्ध कराकर उसका उत्साहवर्धन किया, ताकि शिक्षण सामग्री के अभाव में उसकी पढ़ाई प्रभावित न हो।

संवाद और संवेदनशीलता से बदली राह

दुर्गावती की कहानी यह बताती है कि शाला त्यागने वाले बच्चों को केवल विद्यालय में प्रवेश दिलाना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उनके परिवारों से निरंतर संपर्क और संवाद भी जरूरी है। शिक्षक की संवेदनशील पहल से न केवल छात्रा को दोबारा पढ़ाई का अवसर मिला, बल्कि उसके परिवार में भी शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी है। विद्यालय परिवार ने दुर्गावती को नियमित रूप से विद्यालय आने और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित किया। वहीं दुर्गावती भी लंबे अंतराल के बाद विद्यालय लौटकर नई ऊर्जा और उत्साह के साथ अपनी पढ़ाई शुरू करने को लेकर उत्साहित है। शिक्षक और विद्यालय परिवार का यह प्रयास शिक्षा से वंचित बच्चों को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक अनुकरणीय उदाहरण है।

You Might Also Like

सिंगापुर में छत्तीसगढ़ ने कौशल विकास के लिए किया एमओयू, एग्रो प्रोसेसिंग में 350 करोड़ का नया निवेश

नकली सोने की पत्तियां असली बताकर ज्वेलर्स को लगाया 19 लाख का चूना, 6 आरोपी गिरफ्तार

नवरात्रि में श्रद्धालुओं को सुविधा, डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन 10 एक्सप्रेस ट्रेनों को मिलेगा ठहराव

26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता… रायपुर संभाग बना ओवरऑल चौम्पियन

अंगदान की मांग और आपूर्ति के बीच बड़ा अंतर कैसे भरेगा मध्य प्रदेश! – डॉ. अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार)

Poonam Patel August 21, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article युवाओं को ‘जॉब सीकर’ नहीं, ‘जॉब क्रिएटर’ बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री साय
Next Article जैव ऊर्जा बनेगी छत्तीसगढ़ की ऊर्जा सुरक्षा और हरित अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार
× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?