ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: महुआ ने बदली महिलाओं की जिंदगी, वन धन योजना से मिली आत्मनिर्भरता की नई पहचान
Share
Notification Show More
Latest News
लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत 15 दिनों में जारी हुए जाति प्रमाण पत्र
पहाड़ी कोरवा परिवारों को मिला अधिकार, जाति प्रमाण पत्र बना शिक्षा और शासकीय योजनाओं की राह आसान
September 21, 2026
बिहान से मिली उड़ान, साय सरकार की योजनाओं से मजबूत हुआ आत्मविश्वास
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के महिला स्व-सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के विजन की दिख रही जमीनी तस्वीर
September 21, 2026
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की समीक्षा की
सेवा संकल्प अभियान को जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाने के निर्देश
September 21, 2026
मन में बरसों से बसी थी रामलला के दर्शन की आस, साय सरकार की योजना से पूरा हुआ डोमन-पार्वती का सपना
कबीरधाम के दंपती ने विशेष ट्रेन से पहुंचकर किए रामलला और बाबा विश्वनाथ के दर्शन
September 21, 2026
सतत जांच, उपचार और विभागीय परामर्श से हुए पूरी तरह स्वस्थ
सेवा संकल्प अभियान : टीबी उन्मूलन कार्यक्रम : विजय को मिली टीबी से मुक्ति
September 21, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsCG GovermentChhattisgarhFeaturedRaipur

महुआ ने बदली महिलाओं की जिंदगी, वन धन योजना से मिली आत्मनिर्भरता की नई पहचान

By Poonam Patel Published August 6, 2026
Share
महुआ ने बदली महिलाओं की जिंदगी
महुआ ने बदली महिलाओं की जिंदगी
SHARE

रायपुर। जनजातीय कार्य मंत्रालय और ट्राइफेड की एक पहल है, जिसे 2018 में शुरू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य वनों से लघु वनोपज एकत्र करने वाले आदिवासी समुदायों को प्रशिक्षित करना, उनके उत्पादों का मूल्यवर्धन  करना और उन्हें उद्यमी बनाकर स्थायी आजीविका प्रदान करना है। छत्तीसगढ़ के जंगलों में मिलने वाला महुआ अब ग्रामीण और आदिवासी महिलाओं के लिए आय और आत्मनिर्भरता का मजबूत साधन बन गया है। राज्य शासन की वन धन विकास केंद्र योजना के माध्यम से महिलाओं को महुआ से मूल्यवर्धित उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे उनकी आमदनी बढ़ रही है और वे सफल उद्यमी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

राजनांदगांव जिले के कोरिनभाठा वन धन विकास केंद्र की सफलता

राजनांदगांव जिले के कोरिनभाठा वन धन विकास केंद्र की महिलाओं ने इस योजना का पूरा लाभ उठाया है। पहले वे महुआ केवल संग्रह करती थीं, लेकिन अब प्रशिक्षण के बाद महुआ से लड्डू, कुकीज़, एनर्जी बार, स्क्वैश और अन्य उपयोगी उत्पाद तैयार कर रही हैं। आधुनिक प्रसंस्करण और आकर्षक पैकेजिंग के कारण इन उत्पादों की बाजार में अच्छी मांग बन रही है।

प्रशिक्षण और कौशल विकास

वन धन विकास केंद्र में महिलाओं को केवल उत्पाद बनाना ही नहीं सिखाया जाता, बल्कि गुणवत्ता, स्वच्छ उत्पादन, पैकेजिंग, लेबलिंग, भंडारण और विपणन की भी जानकारी दी जाती है। इससे वे बाजार की जरूरत के अनुसार बेहतर उत्पाद तैयार कर पा रही हैं और उन्हें उचित मूल्य भी मिल रहा है।

महुआ के मूल्यवर्धन से बढ़ा रोजगार

महुआ के मूल्यवर्धन से उसकी उपयोगिता और बाजार मूल्य दोनों बढ़े हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। महिलाओं की आय में वृद्धि हुई है और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है। महुआ के फूलों और बीजों के मूल्यवर्धन से ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में महिलाओं की आय कई गुना बढ़ गई है। अब केवल कच्चे महुआ को बेचने के बजाय उससे लड्डू, कुकीज, जैम, और एनर्जी बार जैसे उत्पाद बनाए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर नए रोजगार और स्थायी आजीविका के साधन विकसित हुए हैं।

राजनांदगांव जिले के कोरिनभाठा वन धन विकास केंद्र की सफलता
राजनांदगांव जिले के कोरिनभाठा वन धन विकास केंद्र की सफलता

छत्तीसगढ़ हर्बल्स के माध्यम से बाजार उपलब्धता

इन उत्पादों को ‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ के माध्यम से व्यापक बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे वन आधारित उत्पादों को नई पहचान मिल रही है और ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पाद बेचने के बेहतर अवसर प्राप्त हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वन उत्पाद संघ की एक अनूठी पहल है। इसके तहत वनों से मिलने वाले प्राकृतिक और शुद्ध उत्पादों जैसे वन शहद, एलोवेरा जेल, हर्बल जूस, महुआ उत्पाद, आयुर्वेदिक चूर्ण और तेलों को महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार कर बेचा जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य आदिवासियों और स्थानीय लोगों को आजीविका देना है।

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता कदम

कोरिनभाठा की महिलाओं की यह सफलता दिखाती है कि सही प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक और विपणन सहयोग मिलने पर वन संपदा को रोजगार और समृद्धि का मजबूत आधार बनाया जा सकता है। वन धन विकास केंद्र योजना आज महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रही है।

You Might Also Like

पहाड़ी कोरवा परिवारों को मिला अधिकार, जाति प्रमाण पत्र बना शिक्षा और शासकीय योजनाओं की राह आसान

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के महिला स्व-सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के विजन की दिख रही जमीनी तस्वीर

सेवा संकल्प अभियान को जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाने के निर्देश

कबीरधाम के दंपती ने विशेष ट्रेन से पहुंचकर किए रामलला और बाबा विश्वनाथ के दर्शन

सेवा संकल्प अभियान : टीबी उन्मूलन कार्यक्रम : विजय को मिली टीबी से मुक्ति

Poonam Patel August 6, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article जशपुर में 19 विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) मरीजों सहित 60 टीबी रोगियों को गोद लेकर पोषण सहायता प्रदान कर रहे हैं निरंजन टीबी के खिलाफ लड़ाई में आगे आएं, बनें किसी मरीज की उम्मीद
Next Article चिरायु योजना से 6 वर्षीय रिया को मिली नई जिंदगी, अब सुनने और बोलने लगी चिरायु योजना से 6 वर्षीय रिया को मिली नई जिंदगी, अब सुनने और बोलने लगी

Ro.No.-13998/18

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?