भिलाई। महिलाओं की सुरक्षा के लिए दुर्ग पुलिस द्वारा विशेष पहल की गई है। गुरूवार को दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने पुलिस कंट्रोल रूम, सेक्टर-06 भिलाई से 14 पेट्रोलिंग टीमों को रवाना किया। यह टीमें जिलेभर में महिलाओं सुरक्षा के लिए सतर्क रहेंगी। इसके लिए जिले के 13 थाना क्षेत्रों एवं 01 रक्षा टीम सहित कुल 14 विशेष टीमों का गठन किया गया है, प्रत्येक टीम में 04 पुलिसकर्मी एवं एक पीएसआई प्रभारी तैनात रहेंगे।

स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थानों, बाजार, मॉल, पार्क, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर नियमित गश्त कर महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। महिला सुरक्षा संबंधी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई, डायल-112 के माध्यम से तत्काल सहायता तथा जन-जागरूकता अभियान के माध्यम से सुरक्षित वातावरण विकसित किया जाएगा। ये टीमें महिलाओं, छात्राओं, बच्चों एवं वरिष्ठ नागरिकों को त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सतत गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करेंगी।
पिंक पेट्रोलिंग अभियान के प्रभावी संचालन, समन्वय एवं मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी उप पुलिस अधीक्षक भारती मरकाम एवं उप पुलिस अधीक्षक आकर्षि कश्यप द्वारा निभाई जा रही है। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) सुखनंदन राठौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मणिशंकर चंद्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) ऋचा मिश्रा, नगर पुलिस अधीक्षक हर्षित मेहर, नगर पुलिस अधीक्षक सत्य प्रकाश तिवारी, उप पुलिस अधीक्षक (लाइन), उप पुलिस अधीक्षक (आईजीडब्ल्यू) भारती मरकाम, आकर्षि कश्यप सहित अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं एवं छात्राओं से अपील करती है कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति, छेड़छाड़, उत्पीडऩ अथवा संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल डायल-112, महिला हेल्पलाइन 1091 अथवा निकटतम पुलिस थाना को दें। महिला सुरक्षा दुर्ग पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा प्रत्येक सूचना पर त्वरित एवं प्रभावी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पिंक पेट्रोलिंग के प्रमुख कार्य
- स्कूल, कॉलेज एवं कोचिंग संस्थानों में प्रवेश एवं छुट्टी के समय नियमित पेट्रोलिंग कर छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
- महिलाओं से संबंधित शिकायतों एवं पिंक पैट्रोलिंग,डायल-112 से प्राप्त सूचनाओं पर तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक सहायता एवं वैधानिक कार्रवाई करना।
- पार्क, गार्डन, बाजार, मॉल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर नियमित गश्त करना।
- असामाजिक तत्वों, मनचलों एवं संदिग्ध व्यक्तियों पर सतत निगरानी रखते हुए आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करना।
- महिला हेल्पलाइन 1091, आपातकालीन सेवा 112 एवं साइबर हेल्पलाइन 1930 के संबंध में जन-जागरूकता बढ़ाना।
- महिलाओं, छात्राओं, बच्चों एवं वरिष्ठ नागरिकों में सुरक्षा एवं विश्वास का वातावरण स्थापित करना।




