भिलाई। साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने, छिपाने, स्थानांतरित करने एवं अवैध आर्थिक लाभ अर्जित करने के उद्देश्य से बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले कुल 10 आरोपी गिरफ्तार किए गए। थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने समन्वय पोर्टल से प्राप्त जानकारी के आधार पर 8 खाताधारकों को गिरफ्तार कर विभिन्न मोबाइल, इंडियन ओवरसीज बैंक की पासबुक, एटीएम कार्ड एवं आधार कार्ड जब्त किए। इसी प्रकार छावनी पुलिस ने पूर्व में गिरफ्तार 15 आरोपियों के अतिरिक्त गिरोह के 2 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस प्रकार दो अलग अलग मामलों में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

भारत सरकार गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल एवं पुलिस मुख्यालय से प्राप्त जानकारी के आधार पर साइबर ठगी में प्रयुक्त म्यूल बैंक खातों का परीक्षण किया गया। जांच में यह पाया गया कि विभिन्न बैंक खातों में साइबर ठगी से प्राप्त राशि प्राप्त होकर अन्य खातों में स्थानांतरित की गई, जिससे अवैध आर्थिक लाभ अर्जित किया गया। प्रथम दृष्टया यह तथ्य सामने आया कि संबंधित खाताधारकों द्वारा स्वयं अथवा अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर अपने बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त रकम को प्राप्त करने, छिपाने एवं स्थानांतरित करने के उद्देश्य से किया गया। उक्त कृत्य भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2), 318(3), 318(4) बीएनएस के अंतर्गत दंडनीय पाए जाने पर दोनों थानों में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की गई।

थाना सिटी कोतवाली पुलिस द्वारा इंडियन ओवरसीज बैंक के संदिग्ध खातों की जांच के दौरान 106 खाताधारकों के विरुद्ध कार्रवाई प्रारंभ की गई, जिसमें विवेचना के दौरान 08 खाताधारकों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन, इंडियन ओवरसीज बैंक की पासबुक, एटीएम कार्ड एवं आधार कार्ड जप्त किए गए। इसी प्रकार थाना छावनी में पंजीबद्ध प्रकरण में पूर्व में 15 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी थी। विवेचना के दौरान दो अन्य आरोपी प्रेमलाल कौशिक एवं ललित कुमार को गिरफ्तार किया गया। इस प्रकरण में अब तक कुल 17 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है। अन्य आरोपियों की तलाश एवं विवेचना जारी है।
उक्त कार्रवाई में थाना सिटी कोतवाली एवं थाना छावनी की पुलिस टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर प्रभावी विवेचना करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी एवं साक्ष्य संकलन की कार्यवाही की गई। प्रकरण में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की गिरफ्तारी हेतु सतत प्रयास जारी हैं। दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल नंबर अथवा बैंकिंग संबंधी जानकारी उपयोग हेतु उपलब्ध न कराएं। कमीशन अथवा प्रलोभन के लालच में बैंक खाते उपलब्ध कराना भी दंडनीय अपराध है। किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस अथवा राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।
यह हैं आरोपियों के नाम
- मोदित कुमार जैन, उम्र 26 वर्ष, निवासी नूतन चौक, भिलाई-3।
- करण टण्डन, उम्र 21 वर्ष, निवासी पांच रास्ता, सुपेला, भिलाई।
- अवध किशोर, उम्र 55 वर्ष, निवासी सेक्टर एच, खुर्सीपार, भिलाई।
- संकेत कुमार दास, उम्र 27 वर्ष, निवासी खुर्सीपार, भिलाई।
- रविन्द्र कौशिक, उम्र 20 वर्ष, निवासी दुर्गा मंदिर, खुर्सीपार।
- शहबाज आलम, उम्र 26 वर्ष, निवासी जवाहर नगर, जामुल।
- ए. सागर, उम्र 36 वर्ष, निवासी वृंदा नगर, सुपेला।
- प्रिती कौर, उम्र 37 वर्ष, निवासी गांधी कॉलोनी, सुपेला।
- प्रेमलाल कौशिक, उम्र 23 वर्ष, निवासी खुर्सीपार, भिलाई।
- ललित कुमार, उम्र 24 वर्ष, निवासी खुर्सीपार, भिलाई।




