रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित डीएमएफ घोटाले में पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी अनिल टूटेजा को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। देश के शीर्ष अदालत ने उन्हें सशर्त जमानत दे दी है। यह मामला खनन प्रभावित जिलों में विकास कार्यों के लिए आवंटित धन के कथित दुरुपयोग से संबंधित है। 25 माह से जेल में बंद टूटेजा के अब बाहर निकल सकते हैं।

इससे पहले हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने टूटेजा की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति बागची की पीठ ने अनिल टूटेजा को सशर्त जमानत दी। अदालत ने कहा कि आरोप गंभीर हैं, पर उनका परीक्षण विचारण में होगा। पीठ ने निर्देश दिया कि टूटेजा छत्तीसगढ़ से बाहर रहेंगे, एक सप्ताह में अपने ठहरने का विवरण भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो तथा संबंधित थाना क्षेत्र को देंगे और हर सुनवाई में उपस्थित रहेंगे। जमानत बंधपत्र स्थानीय अदालत की संतुष्टि के अनुसार दाखिल किया जाएगा।




