मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश व राजस्थान के मजदूर काम करते पकड़ाए
भिलाई। दुर्ग जिले में नंदिनी थाना क्षेत्र के बासिन गांव में एक अवैध गुटखा फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस और खाद्य-औषधि प्रशासन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में मुसाफिर ब्रांड के पान मसाला और उसके साथ मिलाकर खाने वाला एम 4 ब्रांड का सुगंधित जर्दे का निर्माण और पेकेजिंग कर बाजार में उपलब्ध कराने का खुलासा हुआ है। छापेमारी के दौरान फैक्ट्री में 13 मजदूर काम करते पाए गए। ये मजदूर मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और राजस्थान के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

दुर्ग जिले की नंदिनी थाना पुलिस को गुटखा बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश करने में सफलता मिली है। इस फैक्ट्री में मुसाफिर ब्रांड का पान मसाला और उसके साथ मिलाकर खाने वाला एम 4 ब्रांड जर्दा का उत्पादन हो रहा था। छापेमार कार्रवाई के दौरान दुर्ग पुलिस व खाद्य विभाग की टीम ने बड़ी मात्रा में पैकेजिंग मटेरियल, तैयार पान मसाला, जर्दा और मशीनरी जप्त किया है। मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से काम करने के लिए लाए गए 13 मजदूरों को हिरासत में लेकर पूछताछ किया जा रहा है। ताकि यह पता चल सके कि उन्हें यहां कौन लाया और फैक्ट्री के संचालन में कौन-कौन लोग शामिल हैं। मजदूरों से प्रारंभिक पूछताछ में यह पता चला है कि यह फैक्ट्री अप्रैल की शुरुआत से सक्रिय थी और एक बड़े अवैध उत्पादन केंद्र के रूप में काम कर रही थी।
यहां पर यह बताना भी लाजिमी होगा कि एम 4 ब्रांड सुगंधित जर्दा के साथ मुसाफिर ब्रांड का 5 रुपए में बिकने वाले पान मसाला की भिलाई – दुर्ग सहित आसपास के शहर व गांव में अच्छी खासी मांग है। बाजार में उपलब्ध मुसाफिर ब्रांड पान मसाला के रैपर में रजत सेल्स कार्पोरेशन दुर्ग अंकित है। बासिन गांव में पुलिस की छापामार कार्रवाई में जप्त मुसाफिर ब्रांड पान मसाला के पैकेट पर भी रजत सेल्स कार्पोरेशन लिखा हुआ है। इसके साथ ही ग्राम चोरहा, अहिवारा धमधा में गोडाउन होने का उल्लेख पैकेट में किया गया है।
रजत सेल्स कार्पोरेशन के मालिक से होगी पूछताछ
नंदिनी थाना प्रभारी डीएसपी दानेश्वर प्रसाद साहू ने बताया कि मुसाफिर ब्रांड के पैकेट पर कुम्हारी स्थित रजत सेल्स से संबंधित एक लाइसेंस नंबर अंकित मिला है। अब जांच का मुख्य बिंदु यह है कि यह रजत सेल्स की ही दूसरी इकाई है या फिर ब्रांड के नाम पर नकली गुटखा बनाया जा रहा था। यदि रजत सेल्स के संचालक इस इकाई को अपनी बताते हैं, तो बिना लाइसेंस के संचालन का मामला दर्ज किया जाएगा। यदि गुटखे के सैंपल जांच में फेल होते हैं, तो अलग से कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फैक्ट्री का मालिक फिलहाल फरार है और पुलिस उसके पकड़े जाने के बाद आगे की धाराएं तय करेगी।




