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दो चरणों में होगी भारत में जनगणना, पहली बार डिजिटल व स्व गणना की मिलेगी सुविधा

By Mohan Rao Published March 30, 2026
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पूरे देश में जनगणना 2027 में 30 लाख से अधिक प्रगणक, पर्यवेक्षक और अन्य अधिकारी शामिल होंगे

नईदिल्ली। भारत के महारजिस्ट्रार और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने सोमवार को नई दिल्ली में जनगणना-2027 पर एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी, जिसका पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा। पहली बार, जनगणना डिजिटल रूप में आयोजित की जाएगी, और पहली बार ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध होगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, NDMC और दिल्ली छावनी बोर्ड, गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा और सिक्किम में 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक स्व-गणना और 16 अप्रैल से 15 मई 2026 तक मकान सूचीकरण और आवास जनगणना आयोजित की जाएगी।

भारत की जनगणना का संचालन जनगणना अधिनियम, 1948 तथा जनगणना नियम, 1990 (समय-समय पर संशोधित) के प्रावधानों के अंतर्गत किया जाता है। भारत की पिछली जनगणना वर्ष 2011 में संपन्न हुई थी। जनगणना 2027 श्रृंखला की 16वीं तथा स्वतंत्रता के बाद 8वीं जनगणना होगी। भारत सरकार द्वारा जनगणना 2027 आयोजित करने के आशय को 16 जून, 2025 को भारत के राजपत्र में अधिसूचित किया गया है। जनगणना 2027 की संदर्भ तिथि 1 मार्च, 2027 की 00:00 बजे होगी। लद्दाख संघ राज्य क्षेत्र तथा जम्मू-कश्मीर संघ राज्य क्षेत्र एवं उत्तराखंड तथा हिमाचल प्रदेश राज्यों के हिमाच्छादित असमकालिक क्षेत्रों के लिए संदर्भ तिथि 1 अक्टूबर, 2026 की 00:00 बजे होगी।

पहला चरण : मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLO), जो अप्रैल से सितंबर, 2026 के दौरान राज्यों व संघ राज्य क्षेत्र की सुविधा के अनुसार 30 दिनों की अवधि में आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही मकान सूचीकरण कार्य से पूर्व 15 दिनों की स्व-गणना (Self-Enumeration) की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इस चरण में मकानों की स्थिति, परिवारों को उपलब्ध सुविधाओं तथा उनके पास उपलब्ध परिसंपत्तियों से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी। पहले चरण के प्रश्न जनवरी 2026 में अधिसूचित किए जा चुके हैं।

दूसरा चरण : जनसंख्या गणना (Population Enumeration) फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा (लद्दाख संघ राज्य क्षेत्र तथा जम्मू-कश्मीर संघ राज्य क्षेत्र एवं उत्तराखंड तथा हिमाचल प्रदेश राज्यों के हिमाच्छादित असमकालिक क्षेत्रों में यह सितंबर 2026 में आयोजित होगा)। CCPA के निर्णयानुसार, इस चरण में जातियों की गणना भी की जाएगी। इस चरण में प्रत्येक व्यक्ति से जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक, शिक्षा, प्रवास, प्रजनन आदि से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी। जनसंख्या गणना की सटीक तिथियां एवं प्रश्नावली समयानुसार अधिसूचित की जाएगी।

जनगणना 2027 के लिए 11,718.24 करोड़ की स्वीकृति
भारत सरकार ने जनगणना 2027 के लिए 11,718.24 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है, जिसमें प्रगणकों के मानदेय, प्रशिक्षण, आईटी अवसंरचना, लॉजिस्टिक्स आदि के लिए पर्याप्त प्रावधान किया गया है। जनगणना 2027 को डिजिटल माध्यम से संचालित किया जाएगा। प्रगणक मोबाइल ऐप के माध्यम से अपने स्मार्टफोन द्वारा सीधे डेटा एकत्र एवं प्रस्तुत करेंगे। इसके अतिरिक्त, दोनों चरणों में स्व-गणना के लिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध होगी। मोबाइल ऐप एवं स्व-गणना पोर्टल हिंदी एवं अंग्रेज़ी सहित 16 भाषाओं में उपलब्ध होंगे। जनगणना से संबंधित विभिन्न गतिविधियों जैसे— प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के नियुक्ति पत्र एवं पहचान पत्र का निर्माण, कार्य आवंटन, प्रशिक्षण प्रबंधन, HLB निर्माण, डैशबोर्ड के माध्यम से कार्य की निगरानी, कुछ जनगणना अभिलेखों/सारांशों का स्वतः निर्माण आदि के लिए एक पोर्टल विकसित किया गया है। मकानसूचीकरण ब्लॉक, HLB वेब मैपिंग एप्लिकेशन के माध्यम से तैयार किए जाएंगे। डेटा सुरक्षा हेतु आवश्यक सभी उपाय किए गए हैं।

अपनी सुविधा अनुसार भर सकते हैं जनगणना प्रपत्र
स्व-गणना के लिए, व्यक्ति अपने मोबाइल नंबर एवं अन्य मूलभूत विवरणों के माध्यम से पोर्टल में लॉग-इन कर अपनी सुविधा अनुसार जनगणना प्रपत्र भर सकते हैं। सफल सबमिशन के पश्चात एक विशिष्ट स्व-गणना आईडी (SE ID) प्राप्त होगी, जिसे प्रगणक के साथ साझा करना होगा। स्व-गणना सुविधा से लोगों को प्रगणक के आगमन से पूर्व अपनी सुविधा अनुसार जानकारी भरने की स्वतंत्रता मिलेगी। पूर्व की भांति प्रगणक अपने आवंटित ब्लॉकों में घर-घर जाकर गणना करेंगे, जबकि स्व-गणना इस बार एक अतिरिक्त सुविधा के रूप में प्रदान की गई है।

स्व गणना के लिए ऐसे भरें प्रपत्र
स्व गणना के लिए सबसे पहले एसई पोर्टल पर जाएं (se.census.gov.in) → मोबाइल नंबर से लॉग-इन करें → मानचित्र पर स्थान चिन्हित करें → परिवार का विवरण भरें → जानकारी सबमिट करें → SE ID प्राप्त करें → प्रगणक को SE ID दें → डेटा को पुष्टि कर जनगणना में सम्मिलित किया जाएगा।  जनगणना के प्रथम चरण (HLO) का पूर्व-परीक्षण नवंबर 2025 में सभी राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में लगभग 5000 ब्लॉकों में किया गया। इसमें गणना पद्धति, नियुक्ति एवं प्रशिक्षण, प्रश्नावली, ऐप एवं पोर्टल सहित डेटा संग्रहण से लेकर प्रसंस्करण तक सभी गतिविधियों का परीक्षण किया गया।

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