ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: खेलो इंडिया ट्रायबल गेम्स : राजमिस्त्री की बेटी ने दर्द को हराकर जीता वेटलिफ्टिंग में गोल्ड
Share
Notification Show More
Latest News
डेटा लेबलिंग और एआई में बलरामपुर ने रचा इतिहास, प्रदेश का पहला कॉग्निटिव डेटा एनोटेशन सेंटर स्थापित
October 1, 2026
संबलपुर की चर्चिका बनीं ‘ग्लोबल आइकॉन ऑफ इंडिया’, रायपुर में लहराया परचम
October 1, 2026
गैर-आवासीय खेल अकादमी चयन ट्रायल… 144 खिलाड़ियों ने कराया पंजीयन
October 1, 2026
बेटिकट यात्रियों की धरपकड़ : हथबंद रेलवे स्टेशन पर सरप्राइज चेकिंग में एक लाख से ज्यादा का जुर्माना
October 1, 2026
युवाओं को रोजगार, नागरिकों को सुगम सेवाएं और आधुनिक कौशल से जोड़ना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय
September 30, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsCG GovermentChhattisgarhFeaturedRaipurSports

खेलो इंडिया ट्रायबल गेम्स : राजमिस्त्री की बेटी ने दर्द को हराकर जीता वेटलिफ्टिंग में गोल्ड

By Mohan Rao Published March 27, 2026
Share
SHARE

घुटने की चोट के कारण मोनिखा को केआईटीजी छोड़ने की दी गई थी सलाह

रायपुर।  19 वर्षीय मोनिखा ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में महिलाओं के 48 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। इस उपलब्धि का रास्ता आसान नहीं था। पिछले तीन महीनों से मोनिखा अपने दाहिने घुटने की चोट से जूझ रही थीं, जो उन्हें ट्रेनिंग के दौरान लगी थी। चोट को देखते हुए उनके कोचों ने उन्हें खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में हिस्सा न लेने की सलाह दी थी, लेकिन 19 वर्षीय मोनिखा ने इस मौके को हाथ से जाने नहीं दिया और दर्द के बावजूद मैदान में उतरने का फैसला किया और गोल्ड जीता।

मोनिखा ने कहा, “मेरे कोच मेरे घुटने को लेकर चिंतित थे और उन्होंने कहा था कि आराम करना बेहतर होगा। लेकिन खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जैसे मौके बार-बार नहीं आते। मैं इतने बड़े मंच पर खेलने का अवसर गंवाना नहीं चाहती थी।” मोनिखा ने आगे कहा, “मैं लगातार बेहतर बनना चाहती हूं और एक दिन भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहती हूं। यह गोल्ड तो बस शुरुआत है।”

उनके पिता पद्मधर सोनोवाल एक राजमिस्त्री हैं, जो चार सदस्यों के परिवार का पालन-पोषण करने के लिए दिनभर कड़ी मेहनत करते हैं। मोनिखा की खेल यात्रा में वे हमेशा उनकी सबसे बड़ी ताकत रहे हैं। दो बहनों में बड़ी मोनिखा असम के धेमाजी जिले के बटघोरिया पेनबेनी चौक की रहने वाली हैं। ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी तट पर बसे इस शांत इलाके की दूरी गुवाहाटी से लगभग 425 किलोमीटर है। यहां जीवन शांत और साधारण है, जहां ज्यादातर परिवारों के सपने रोजमर्रा की जरूरतों तक ही सीमित रहते हैं।

लेकिन मोनिखा के लिए वेटलिफ्टिंग हॉल में बजने वाली बारबेल की आवाज एक ऐसे सपने की शुरुआत थी, जो सीमाओं में बंधने को तैयार नहीं था। सीमित संसाधनों के बावजूद खेल के प्रति उनकी जिज्ञासा धीरे-धीरे जुनून में बदल गई, जिसे पड़ोसी राज्य मणिपुर की टोक्यो ओलंपिक रजत पदक विजेता मीराबाई चानू से प्रेरणा मिली और गुरुवार को वही सपना हकीकत में बदल गया, जब उन्होंने घुटने की चोट के बावजूद संघर्ष करते हुए खेलों का पहला वेटलिफ्टिंग स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह जीत उनके वर्षों की मेहनत का परिणाम थी।

उनके सफर में एक बड़ा मोड़ दो साल पहले आया, जब उन्होंने भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के नेशनल सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस (NCOE) ईटानगर में प्रवेश लिया। कचारी जनजाति से आने वाली मोनिखा ने कहा, “एनसीओई ईटानगर ने मुझे वह सब कुछ दिया, जिसका मेरे जैसे छोटे गांव की खिलाड़ी केवल सपना देख सकती थी—बेहतर ट्रेनिंग, पोषण, मार्गदर्शन और चोट से उबरने की सुविधा। इस सहयोग के बिना यहां तक पहुंचना बहुत मुश्किल था।” इसके बाद उनकी प्रगति लगातार होती रही। 2023 में उन्होंने स्कूल नेशनल्स में स्वर्ण पदक जीता। 2024 में ओडिशा के संबलपुर में आयोजित खेलो इंडिया अस्मिता लीग में रजत पदक हासिल किया। 2025 में तेजपुर में राज्य चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता और चंडीगढ़ में इंटर-यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में आठवां स्थान प्राप्त किया।

You Might Also Like

डेटा लेबलिंग और एआई में बलरामपुर ने रचा इतिहास, प्रदेश का पहला कॉग्निटिव डेटा एनोटेशन सेंटर स्थापित

संबलपुर की चर्चिका बनीं ‘ग्लोबल आइकॉन ऑफ इंडिया’, रायपुर में लहराया परचम

गैर-आवासीय खेल अकादमी चयन ट्रायल… 144 खिलाड़ियों ने कराया पंजीयन

बेटिकट यात्रियों की धरपकड़ : हथबंद रेलवे स्टेशन पर सरप्राइज चेकिंग में एक लाख से ज्यादा का जुर्माना

युवाओं को रोजगार, नागरिकों को सुगम सेवाएं और आधुनिक कौशल से जोड़ना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय

Mohan Rao March 27, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article मुख्यमंत्री साय ने गृहग्राम बगिया में नवमी पर मां दुर्गा स्वरूप कन्याओं को कराया भोजन
Next Article नदी में तटबंध निर्माण से सुरक्षित होंगे घर– उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा उपमुख्यमंत्री ने 4.08 करोड़ रूपए की लागत के सकरी नदी तटबंध निर्माण का किया भूमिपूजन

Ro.No.-13998/18

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?