नई दिल्ली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज और सर्राफा बाजार में सोने-चांदी की कीमतों बड़ी गिरावट दिखी है। बाजार के जानकारों द्वारा कीमतों को लेकर जताया गया अनुमान सच साबित हो रहा है। शुक्रवार का दिन कीमती धातुओं के लिए ऐतिहासिक गिरावट का दिन रहा। जहां चांदी की कीमतों में एक ही दिन में ही 1 लाख रुपये से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, वहीं सोना भी एक झटके में 33,000 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया।
5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी का वायदा भाव गुरुवार को 3,99,893 रुपए पर बंद हुआ था, जो शुक्रवार को क्रैश होकर 2,91,922 रुपये प्रति किलो पर आ गया। यानी एक ही दिन में चांदी 1,07,971 रुपये सस्ती हो गई। गुरुवार को चांदी ने 4,20,048 रुपये का ऐतिहासिक स्तर छू लिया था। उस हाई लेवल से तुलना करें तो महज 24 घंटों के भीतर चांदी 1,28,126 रुपये टूट चुकी है।
औंधे मुंह गिरा सोना
बाजार में सिर्फ चांदी नहीं, सोने की चमक भी फीकी पड़ी। 24 कैरेट सोने (24 Karat Gold) में भारी बिकवाली देखी गई। 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाला सोना गुरुवार को 1,83,962 रुपए पर था जो शुक्रवार शाम तक गिरकर 1,50,849 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। इस तरह सोने में एक ही कारोबारी दिन में 33,113 रुपए की भारी गिरावट आई। अगर गुरुवार के लाइफ टाइम हाई (1,93,096 रुपये) से देखें, तो सोना अपने ऊपरी स्तर से 42,247 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो चुका है।
कीमतों में गिरावट के पीछे यह कारण
कीमतें जब अपने ऐतिहासिक उच्चतम स्तर पर पहुंचीं, तो निवेशकों ने भारी मात्रा में मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार पर बिकवाली का दबाव बना। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर और यूएस ट्रेजरी यील्ड में आई तेजी ने सोने-चांदी की चमक फीकी कर दी है। साथ ही अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के बयानों से वैश्विक तनाव में कमी के संकेत मिले हैं। सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने से निवेशकों का मोहभंग होना भी एक कारण है। 31 जनवरी 2026 का यह क्रैश यह साबित करता है कि बाजार में अत्यधिक तेजी के बाद करेक्शन कितना घातक हो सकता है। जानकारों का कहना है कि ईटीएफ और वायदा बाजार में अभी और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।




