भिलाई। शरीरिक अक्षमताओं की बाधा को पार कर भिलाई के दिव्यांग गौकरण पाटिल ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भिलाई के बहुविकलांग गौकरण को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का बुलावा आया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें 26 जनवरी के गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में चाय और भोजन के लिए आमंत्रित किया है।

दिव्यांग गौकरण पाटिल बोल व सुन नहीं सकते और दोनों हाथ भी नहीं हैं। गौकरण अपने पैरों से चित्रकारी करते हैं और अपनी अनोखी चित्रकारी के कारण चर्चा में हैं। उनकी असाधारण प्रतिभा को पहचानते हुए भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आमंत्रण मिला है। राष्ट्रपति से आमंत्रण मिलना गौकरण और उनके परिवार के लिए अत्यंत गर्व का क्षण है। राष्ट्रपति भवन से आमंत्रण पत्र मिलने के बाद, गौकरण 24 जनवरी को अपने परिवार के साथ दिल्ली जाने की तैयारी कर रहे हैं।
गौकरण का बचपन से ही बहुविकलांग होना उनके हौसले को पस्त नहीं कर सका। उन्होंने अपने पैरों को ही अपने कला के माध्यम के रूप में चुना। परिवार के पूर्ण सहयोग से उन्होंने प्रयास मूकबधिर स्कूल से स्कूली शिक्षा प्राप्त की और उत्तर प्रदेश के चित्रकूट से मास्टर ऑफ फाइन आर्ट की डिग्री हासिल की। इसके बाद, उन्होंने अपने पैरों से अद्भुत पेंटिंग और ड्राइंग बनाना शुरू कर दिया। उनकी कलाकृतियों में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनसुईया उइके और अमिताभ बच्चन जैसी हस्तियों के चित्र शामिल हैं, जिन्हें उन्होंने न केवल बनाया बल्कि उनसे सराहना भी प्राप्त की। गौकरण अपने दैनिक कार्य अपने पैरों के सहारे ही करते हैं। वे रायपुर में मूकबधिर स्कूल के बच्चों को पढ़ा भी रहे हैं। घर वालों पर बोझ न बनकर वे आत्मनिर्भरता का एक मिसाल पेश कर रहे हैं। उनकी पेंटिंग इतनी जीवंत होती हैं कि उन्हें देखकर सराहना किए बिना नहीं रहा जाता।




