भिलाई। समाज सेवक और जन अधिकारों के लिए 30 वर्षों से लोगों का सहयोग करने वाले पूर्व फौजी डॉक्टर अरुण सिंह सिसोदिया को इंटीग्रेटेड ग्लोबल यूनिवर्सिटी ने डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। इंटीग्रेटेड ग्लोबल यूनिवर्सिटी और GNCT दिल्ली ने नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में डॉ.अरुण सिंह सिसोदिया को मानद डॉक्टरेट (Honoris Causa) की उपाधि से मेडल,व प्रमाण पत्र प्रदान कार राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया।

यह सम्मान उनके समाज के प्रति असाधारण योगदान,कोरोना काल में अपने जान की बाजी लगाकर कोरोना पीड़ित और उनके इलाज में अस्पताल खोलकर,उन्हें दवाई ,इंजेक्शन,भोजन,सांईटीज़र्स ,मास्क सब्जियां ,अनाज उपलब्ध करा कर किये गए असाधारण अतुलनीय कार्य और समाज के प्रत्येक व्यक्ति ,वर्ग के प्रति संवेदनशीलता व मानवता के प्रति प्रतिबद्धता के लिए प्रदान किया गया। समारोह में यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों ने डॉक्टर अरुण सिंह सिसोदिया की सामाजिक सेवा, नेतृत्व और समाज के उत्थान में उनके उल्लेखनीय कार्यों की सराहना की। इंटीग्रेटेड ग्लोबल यूनिवर्सिटी, जो अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त संस्था है और अमेरिकन लाइब्रेरी, यूएसए का संस्थागत सदस्य है, ने इस उपाधि को प्रदान किया।
इंटीग्रेटेड ग्लोबल यूनिवर्सिटी ने एक बयान जारी कर कहा, “डॉ. अरुण सिंह सिसोदिया ने अपने कार्यों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनकी उपलब्धियां और समर्पण न केवल प्रेरणादायक हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी एक मिसाल हैं। जैसा कि विदित हो कि डॉ. सिसोदिया जोहार चैरिटेबल ट्रस्ट के फाउंडर चैयरमेन, जन अधिकार परिषद के अध्यक्ष, फेरो स्क्रैप वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष व पूर्व फौजी हैं। इनकी 3 पीढियां इनके पिता जय नारायण सिंह सिसोदिया (पूर्व लेफ्टिनेंट विशिष्ट सेवा मैडल ) इनके बड़े भाई राजेन्द्र सिंह सिसोदिया और इनका पुत्र अभिषेक सिसोदिया वायु सेना भी फौजी है।
डॉ. सिसोदिया द्वारा अपने जीवन काल मे वृद्धाश्रम का संचालन,पैरों से दिव्यांगजनो को बैटरी वाली ट्राइसिकल, कान से सुनने वाली मशीन, वृद्धजनों के लिए निशुल्क ई रिक्शा सेवा, कैंसर पीड़ित जनों को आर्थिक मदद, MBBS करने वाली छात्रा को 200000 का आर्थिक मदद, कैंसर पीड़ित को एक लाख जोहार चैरिटेबल ट्रस्ट की तरफ से सहयोग, दर्जनों लोगों को अनुकम्पा नियुक्ति, सैकड़ो लोगो को पेंशन इलाज और हज़ारों श्रमिक को न्यूनतम वेतन दिलाने का अनगिनित कार्य किया है। रक्तदान, स्वास्थ शिविर, वृक्षारोपण, अनाथ आश्रम और नेत्रहीन बच्चों को निरंतर सहयोग करते हुए अपना हर क्षण समाज सेवा हेतु समर्पित रखा है।
सम्मान मिलने के बाद डॉ. सिसोदिया ने ये सम्मान अपनी स्वर्गवासी माता को समर्पित किया जिनका एक वर्ष पूर्व स्वर्गवास हो गया था उन्होंने बताया कि की उनके माता पिता सदैव नेकी की राह पर चलने हेतु कहते थे और प्रेरणा स्रोत है। इस समारोह में संस्था के डायरेक्टर तपन काकोटी व मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती सरोज सहित विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों, शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। डॉ. सिसोदिया ने इस सम्मान के लिए यूनिवर्सिटी के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा, “यह मेरे लिए सम्पूर्ण जीवन काल मे सर्वाधिक गर्व का क्षण है।मैं अपने कार्यों को और अधिक उत्साह के साथ समाज के कल्याण के लिए समर्पित करता रहूंगा। इंटीग्रेटेड ग्लोबल यूनिवर्सिटी ने अपने मिशन के तहत उन व्यक्तियों को मानद उपाधियाँ प्रदान करने का कार्य जारी रखा है, जो समाज में उत्कृष्ट योगदान देते हैं। इस उपाधि के साथ डॉ. सिसोदिया का नाम उन विशिष्ट व्यक्तियों की सूची में शामिल हो गए है, जिन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुआ है।




