ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: Gustakhi Maaf: डंडा सिर्फ प्राइवेट स्कूलों पर
Share
Notification Show More
Latest News
छत्तीसगढ़ के रायपुर और बिलासपुर समेत 24 राज्यों के 50 शहर बनेंगे स्वच्छता के मॉडल शहर
September 29, 2026
दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई : कमीशन के लालच में बेंक खातों का दुरुपयोग, 14 आरोपी गिरफ्तार
September 29, 2026
मुख्यमंत्री साय ने यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव में युवाओं और स्टार्टअप उद्यमियों से किया संवाद
September 29, 2026
छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक महकमे में बड़ा फेरबदल : 125 अफसरों का तबादला
September 29, 2026
शहरी स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं के कार्यों में आएगी तेजी, केंद्र सरकार देगी विशेष तकनीकी सहयोग और मार्गदर्शन
स्वच्छता की राष्ट्रीय पहल ‘प्रगति-50’ में रायपुर और बिलासपुर शामिल
September 29, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsChhattisgarhDurg-BhilaiFeatured

Gustakhi Maaf: डंडा सिर्फ प्राइवेट स्कूलों पर

By Om Prakash Verma Published May 29, 2025
Share
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
SHARE

-दीपक रंजन दास
प्रदेश में स्कूलों के युक्तियुक्त करण को लेकर बवाल मचा हुआ है. इससे 25 हजार शिक्षकों का पद प्रभावित होगा, अर्थात विलोपित हो जाएगा. सरकार कह रही है कि इससे स्कूलों का स्तर सुधरेगा. छात्र-शिक्षक अनुपात बेहतर होगा. शिक्षक विहीन स्कूल नहीं रहेंगे. दरअसल, सरकार स्कूल चाहे जितने खोल ले पर इसके आगे वह ज्यादा कुछ नहीं कर पाती. सरकार का डंडा केवल निजी स्कूलों पर चलता है. उनके लिए तमाम नियम हैं. इतनी जगह होनी चाहिए, इतने शिक्षक होने चाहिए, इतने भृत्य होने चाहिए और अगर नहीं हुए तो उनकी मान्यता निरस्त करने की धमकी दे दी जाती है. जबकि सरकारी स्कूलों के लिए ऐसा कुछ नहीं है. नेताजी घोषणा कर आते हैं और नए सत्र से स्कूल खुल जाता है. कभी उसके पास अपना भवन नहीं होता तो कई बार शिक्षकों की व्यवस्था नहीं हो पाती. राज्य के 30,700 प्राइमरी स्कूलों में औसतन प्रति शिक्षक 21.84 बच्चे हैं. वहीं 13,149 मिडिल स्कूलों में यह अनुपात 26.2 बच्चों का है. 212 प्राइमरी स्कूल शिक्षक विहीन हैं. 6,872 प्राथमिक स्कूल एक शिक्षक के भरोसे हैं. वही हेडमास्टर है, वही टीचर है और वही हरकारा. 48 मिडिल स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं. 255 मिडिल स्कूल एक-एक शिक्षक के दम पर चल रहे हैं. 362 स्कूल ऐसे भी हैं जहां शिक्षक तो नियुक्त हैं पर वहां कोई छात्र नहीं है. शहरी क्षेत्रों की बात करें तो 527 स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात 10 या उससे भी कम है. 245 स्कूलों में अनुपात 40 या ज्यादा है. इसलिए स्कूल शिक्षा विभाग ने स्कूलों से युक्तियुक्तकरण का प्रस्ताव मांगा. इसके आधार पर अब 10,463 स्कूलों का युक्तियुक्तकरण किया जाना है. इनमें ई-संवर्ग के 5849 और टी-संवर्ग के 4614 स्कूल हैं. युक्तियुक्तकरण के तहत जहां छात्र नहीं, वहां के शिक्षकों को वहां भेजेंगे जहां शिक्षक नहीं हैं. स्कूल संचालन का खर्च घटेगा. संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा. एक परिसर में प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी होंगे. बच्चों को बार-बार एडमिशन लेना नहीं पड़ेगा. ड्रॉपआउट रेट घटेगी. लैब, लाइब्रेरी एक जगह देना आसान होगा. दरअसल, स्कूली शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है. अभिभावक पूरी कोशिश करते हैं कि उनका बच्चा अंग्रेजी माध्यम की शाला में पढ़ाई करे. आत्मानंद स्कूल खुलने के बाद बच्चों का तेजी से ध्रुवीकरण हुआ. इसलिए भी सरकारी स्कूलों की छात्र संख्या गिरती चली गई. भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा संचालित स्कूलों में से हिन्दी मीडियम के स्कूल सालों पहले बंद किये जा चुके हैं. अब कर्मचारी संख्या घटने के बाद अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों का भी युक्तियुक्तकरण हो रहा है. अफसरों के बच्चे डीपीएस में पढ़ने चले गए तो नामचीन बीएसपी स्कूल हाशिए पर आ गए. यही हश्र अब सरकारी स्कूलों का हो रहा है. दिक्कत केवल यह है कि यहां काम करने वाले सरकारी मुलाजिम हैं. उनका क्या होगा? शिक्षकों की भर्ती का क्या होगा? बीएड-डीएड धारी उच्च शिक्षित होनहार विद्यार्थियों का क्या होगा? नौकरी कैसे पैदा होगी?

You Might Also Like

छत्तीसगढ़ के रायपुर और बिलासपुर समेत 24 राज्यों के 50 शहर बनेंगे स्वच्छता के मॉडल शहर

दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई : कमीशन के लालच में बेंक खातों का दुरुपयोग, 14 आरोपी गिरफ्तार

मुख्यमंत्री साय ने यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव में युवाओं और स्टार्टअप उद्यमियों से किया संवाद

छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक महकमे में बड़ा फेरबदल : 125 अफसरों का तबादला

स्वच्छता की राष्ट्रीय पहल ‘प्रगति-50’ में रायपुर और बिलासपुर शामिल

Om Prakash Verma May 29, 2025
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने महासमुंद में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का किया औचक निरीक्षण
Next Article समाधान शिविर में 110 लोगों को सीएम साय ने सौंपी प्रधानमंत्री आवास की चाबी, नए पुलिस चौकी की घोषणा

Ro.No.-13998/18

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?