ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: मुख्यमंत्री ने किया ‘बस्तर पंडुम 2025’ का लोगो अनावरण, बोले- बस्तर में शांति स्थापित करने की दिशा में साबित होगा मील का पत्थर
Share
Notification Show More
Latest News
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन को दिखाई हरी झंडी
September 28, 2026
बस्तर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे मुख्यमंत्री साय, प्रभावित परिवारों से मिलकर जाना हाल
September 28, 2026
बाढ़ की मुश्किल घड़ी में अपनों के बीच पहुंचे वित्त मंत्री चौधरी, बोले- हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है सरकार
September 28, 2026
बबीता और घासीप्रसाद के जीवन में खुशियों का माध्यम बना प्रधानमंत्री आवास
बबीता और घासीप्रसाद के जीवन में खुशियों का माध्यम बना प्रधानमंत्री आवास
September 28, 2026
धान खरीदी नीति से लेकर जल प्रबंधन और प्रशासनिक सुधारों की हुई समीक्षा
मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर कार्य करने के दिए निर्देश
September 28, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsCG GovermentChhattisgarhFeaturedRaipur

मुख्यमंत्री ने किया ‘बस्तर पंडुम 2025’ का लोगो अनावरण, बोले- बस्तर में शांति स्थापित करने की दिशा में साबित होगा मील का पत्थर

By Mohan Rao Published March 12, 2025
Share
बस्तर पंडुम के लोगों का विमोचन
SHARE

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को विधानसभा परिसर स्थित समिति कक्ष में मांदर की थाप पर नाचते कलाकारों की मौजूदगी में बस्तर पंडुम 2025 के लोगो का अनावरण किया। उन्होंने बस्तर पंडुम के सफल आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह आयोजन सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ ही बस्तर के प्रतिभाशाली कलाकारों को सशक्त मंच प्रदान करेगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बस्तर पंडुम के बुकलेट का विमोचन किया।  इस मौके पर उप मुख्यमंत्री अरूण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, विधायक किरण देव, विधायक लता उसेंडी, विधायक विनायक गोयल, संस्कृति विभाग के सचिव अन्बलगन पी. और संचालक संस्कृति विवेक आचार्य मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरानल सीएम साय ने कहा कि बस्तर के लोग जीवन का हर पल उत्सव की तरह जीते हैं और अपनी खुशी की अभिव्यक्ति के लिए उनके पास समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है। बस्तर में शांति स्थापना के लिए हम तेजी से अपने कदम बढ़ा रहे हैं और बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर के लोकजीवन और लोकसंस्कृति को सहेजने के साथ ही उनकी उत्सवधर्मिता में हम सहभागी बनेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद बस्तर का विकास और वहां के लोगों को मुख्य धारा से जोड़ना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल रहा है। बस्तर को माओवाद से मुक्त करने की दिशा में हमने तेजी से अपने कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक और हाल ही में आयोजित अबूझमाड़ पीस हॉफ मैराथन में भी बस्तर वासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। यह दर्शाता है कि बस्तर वासियों का विश्वास लगातार शासन के प्रति बढ़ा है और वे क्षेत्र में शांति और अमन-चैन चाहते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने बजट में नक्सली हिंसा से ग्रसित रहे पुवर्ती गांव में भी अस्पताल खोलने का बड़ा निर्णय लिया है। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से हम बस्तर वासियों के मूलभूत जरूरत को तेजी से पूरा कर रहें हैं।  मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के लोग अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं और हर मौके को अपने खास अंदाज में सेलिब्रेट करते हैं । बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर के असल जीवन को और करीब से देखा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम में नृत्य, गीत, लोककला, लोकसंस्कृति, नाट्य, शिल्प, रीति- रिवाज, परंपरा और व्यंजन सहित विभिन्न 7 विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी। श्री साय ने कहा कि बस्तर में खुशहाली हो, लोग भयमुक्त होकर अपने अंदाज में जिये और उन्हें शासन की सभी सुविधाओं का लाभ मिले।

बस्तर की पहचान को दर्शा रहा है बस्तर पंडुम का लोगो
बस्तर पंडुम के लोगो में बस्तर के लोकजीवन को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया गया है और यह उनकी सांस्कृतिक पहचान से गहरे से जुड़ा हुआ है। बस्तर के विरासत को बहुत ही कलात्मक ढंग से दिखाने का प्रयास इसमें किया गया है।  “बस्तर पंडुम” गोंडी का शब्द है जिसका अर्थ है बस्तर का उत्सव। प्रतीक चिन्ह में बस्तर की जीवनरेखा इंद्रावती नदी, चित्रकूट जलप्रपात, छत्तीसगढ़ का राजकीय पशु वनभैंसा, राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना, बायसन हॉर्न मुकुट, तुरही, ढोल, सल्फी और ताड़ी के पेड़ को शामिल गया है। इस प्रतीक चिन्ह के माध्यम से सरल, सहज और उम्मीदों से भरे अद्वितीय बस्तर को आसानी से जाना और समझा जा सकता है।

नृत्य, गीत समेत 07 प्रमुख विधाओं पर केंद्रित होगा आयोजन
बस्तर पंडुम 2025’’ में जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, पारंपरिक वेशभूषा एवं आभूषण, शिल्प-चित्रकला और जनजातीय व्यंजन एवं पारंपरिक पेय से जुड़ी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। ये स्पर्धाएं तीन चरणों में संपन्न होंगी। जनपद स्तरीय प्रतियोगिता 12 से 20 मार्च, जिला स्तरीय प्रतियोगिता 21 से 23 मार्च, संभाग स्तरीय प्रतियोगिता दंतेवाड़ा में 1 से 3 अप्रैल तक सम्पन्न होगी। प्रत्येक स्तर पर प्रतिभागियों को विशेष पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।

बस्तर के लोकजीवन और परंपराओं पर आधारित आयोजन होंगे प्रमुख आकर्षण
बस्तर पंडुम में बस्तर की पारंपरिक नृत्य-शैली, गीत, रीति-रिवाज, वेशभूषा, आभूषण और पारंपरिक व्यंजनों का शानदार प्रदर्शन होगा। प्रतियोगियों के प्रदर्शन को मौलिकता, पारंपरिकता और प्रस्तुति के आधार पर अंक दिए जाएंगे। आयोजन में समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ नागरिकों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा। प्रतियोगिता के विजेताओं के चयन के लिए एक विशेष समिति बनाई गई है, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ आदिवासी समाज के वरिष्ठ मुखिया, पुजारी और अनुभवी कलाकार शामिल रहेंगे। इससे प्रतियोगिता में पारदर्शिता बनी रहेगी और पारंपरिक लोककला को न्याय मिलेगा।

You Might Also Like

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन को दिखाई हरी झंडी

बस्तर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे मुख्यमंत्री साय, प्रभावित परिवारों से मिलकर जाना हाल

बाढ़ की मुश्किल घड़ी में अपनों के बीच पहुंचे वित्त मंत्री चौधरी, बोले- हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है सरकार

बबीता और घासीप्रसाद के जीवन में खुशियों का माध्यम बना प्रधानमंत्री आवास

मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर कार्य करने के दिए निर्देश

Mohan Rao March 12, 2025
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article Good news : कांगेर वैली नेशनल पार्क यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल, वित्तमंत्री चौधरी ने कहा- ऐतिहासिक पल
Next Article भिलाई में बनेगा छत्तीसगढ़ का पहला हार्स राइडिंग ट्रैक, विधायक रिकेश सेन के प्रस्ताव पर भिलाईयंस को मिली होली की बड़ी सौगात

Ro.No.-13998/18

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?