भिलाई। भाजपा में टिकट को लेकर मचा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में पार्टी की जो दूसरी कथित अथेंटिक सूची जारी हुई थी, उसे लेकर शीर्ष संगठन ने प्रदेश के नेताओं को आड़े हाथों लिया है। इधर, खबर आ रही है कि लीक हुई कथित दूसरी सूची में शामिल ज्यादातर दावेदार दिल्ली पहुंच गए हैं। वहीं प्रदेश और राष्ट्रीय संगठन से जुड़े कई अन्य लोगों ने भी शीर्षस्थ नेताओं से मुलाकात कर दूसरी सूची के नामों पर आपत्ति जाहिर की है। इनमें एक प्रमुख नाम राज्यसभा सांसद सरोज पाण्डेय का है। बताया जाता है कि सुश्री पाण्डेय दूसरी सूची लीक होने के बाद से ही दिल्ली में है। उनके किसी भी समर्थक को टिकट नहीं दिया गया है। जबकि वे स्वयं भी टिकट की दावेदार हैं। वहीं, वैशाली नगर क्षेत्र से पार्षद रिकेश सेन का खुलकर विरोध शुरू हो गया है। क्षेत्र के मंडल अध्यक्षों ने राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष को पत्र लिखकर रिकेश सेन का विरोध किया है।
भाजपा के बेहद पुख्ता सूत्रों के मुताबिक, जो दूसरी सूची हाल ही में लीक हुई है, इसी सूची पर सीईसी ने मुहर लगा दी थी। लेकिन दिल्ली से रायपुर लौटने के दौरान ही प्रादेशिक नेताओं से हुई चूक के चलते यह सूची मीडिया में जारी हो गई और बवाल मच गया। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अब तक प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव के अलावा किसी भी सीनियर नेता ने इस सूची का खंडन नहीं किया। बताते हैं कि जिस दिन से यह सूची जाहिर हुई, उसके बाद से प्रदेश प्रभारी ओम माथुर बेहद नाराज हैं और अब छत्तीसगढ़ से दूरियां बनाकर चल रहे हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ के नेताओं का फोन उठाना भी बंद कर दिया है। चर्चा है कि आज रात शीर्ष नेताओं के साथ प्रदेश के कुछ चुनिंदा नेताओं की बैठक होने जा रही है। इस बैठक में दूसरी सूची के करीब 15 नामों को बदले जाने की भी चर्चा है।
सरोज दिल्ली में, शीर्ष नेताओं से की चर्चा
इधर, खबर है कि राज्यसभा सांसद व पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पाण्डेय ने दिल्ली में शीर्षस्थ नेताओं से छत्तीसगढ़ के राजनीतिक हालातों पर चर्चा की है। दुर्ग जिले सुश्री पाण्डेय की कर्मभूमि है, लेकिन जो सूची जारी की गई है, उसमें उनके किसी भी समर्थक को टिकट नहीं दी गई है। जबकि बताते हैं कि सरोज पाण्डेय ने जिले की 6 में से 4 सीटें अपने समर्थकों के लिए मांगी थी। इनमें दुर्ग शहर, दुर्ग ग्रामीण, वैशाली नगर व अहिवारा की सीटें शामिल है। इन सीटों के लिए गजेन्द्र यादव दुर्ग शहर, ललित चंद्राकर दुर्ग ग्रामीण, डोमनलाल कोर्सेवाड़ा अहिवारा व रिकेश सेन वैशाली नगर के नाम हैं।
साव-साय को बुलावा, रमन की अनदेखी
बताया जाता है कि छत्तीसगढ़ में लगातार गहराती नाराजगी के बाद शीर्षस्थ नेताओं ने छत्तीसगढ़ के सिर्फ दो नेताओं प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव व संगठन मंत्री पवन साय को ही दिल्ली बुलाया। जबकि अब तक हर बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मौजूदगी रही। उन्हें आज की बैठक से दूर रखा गया है। हाल ही में सिंधी व गुजराती समाज ने टिकट वितरण पर नाराजगी जताई थी। इसके अलावा साहू समाज ने भी टिकट वितरण में उपेक्षा का लगाया था और चुनाव में समर्थन नहीं करने की धमकी तक दे डाली थी। इसके अलावा प्रत्याशियों के नाम सामने आने के बाद कार्यकर्ताओं में भी रोष देखा जा रहा है।
मंडल अध्यक्षों ने रिकेश का किया विरोध
वैशाली नगर क्षेत्र के दो मंडल अध्यक्षों ने राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष को पत्र लिखकर रिकेश सेन को टिकट देने का विरोध किया है। इन मंडल अध्यक्षों का साफ कहना है कि यदि रिकेश सेन को टिकट मिलती है तो इससे पार्टी को नुकसान हो सकता है। वैशाली नगर मंडल के अध्यक्ष विजय कुमार शुक्ला व कैम्प मंडल के अध्यक्ष अशोक गुप्ता ने अपने पत्र में कहा है कि वैशाली नगर क्षेत्र से रिकेश सेन का नाम तय किया गया है। यदि ऐसा होता है तो आने वाले चुनाव में पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है क्योंकि रिकेश सेन समाज में बदनाम व्यक्ति है। पार्टी के कार्यक्रमों में उसकी उपस्थिति भी नगण्य रहती है। किसी भी कार्यकर्ता से उसका तालमेल नहीं है। पत्र में टिकट वितरण के दौरान इन बातों का विशेष तौर पर ध्यान रखने का आग्रह किया गया है।
मंडल अध्यक्षों ने कहा- हमने रखी है अपनी बात
इस संबंध में श्रीकंचनपथ ने कैंप अध्यक्ष अशोक गुप्ता व वैशाली नगर मंडल अध्यक्ष विजय कुमार शुक्ला से चर्चा की। उनसे रिकेश सेन के खिलाफ संगठन को लिखे पत्र के संबंध में बात करने पर उन्होंने ने भी इसकी पुष्टि की है। मंडल अध्यक्षों ने कहा है कि हमने संगठन के सामने अपनी बात रखी है। वैशाली नगर के तीनों मंडल अध्यक्षों ने संगठन को पत्र लिखकर विरोध जताया है।




