ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: Gustakhi Maaf: फूड इंडस्ट्री और एग्रीकल्चर का तराजू
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsChhattisgarhDurg-BhilaiFeatured

Gustakhi Maaf: फूड इंडस्ट्री और एग्रीकल्चर का तराजू

By Om Prakash Verma
Published: September 25, 2023
Share
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी
SHARE

-दीपक रंजन दास
अधिकांश लोगों को ऐसा लगता होगा कि खेती किसानी और खाद्य उद्योग एक ही चीज है. ये दोनों न केवल अलग हैं बल्कि तराजू के दो पलड़ों में इन्हें अलग-अलग रख दो तो किसान आसमान की ओर चले जाएंगे. आज दुनिया भर के किसान मर रहे हैं. उन्हें अपनी उपज की कीमत नहीं मिल रही. जबकि उन्हीं उत्पादों का उपयोग कर प्रसंस्करण उद्योग मालामाल हो रहा है. इसमें सबसे बड़ा रोड़ा है सरकार की नीतियां. केन्द्र सरकार धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करती है. साथ ही यह शर्त भी चिपका देती है कि यदि राज्य सरकार ने इससे ज्यादा की बोनस राशि दी तो फिर केन्द्र धान खरीदी से हाथ खींच लेगा. पूरी खरीदी राज्य को ही करनी पड़ेगी. इस डर से राज्य की सरकारें धान के समर्थन मूल्य पर ज्यादा बोनस नहीं दे पाती. जबकि यह मूल्य इतना कम है कि कृषि मजदूरों के हिस्से में कुछ भी नहीं आता. फसल खराब होने की स्थिति में किसान खुद कर्ज से लद जाता है और या तो जेल चला जाता है या फिर खुदकुशी कर लेता है. कृषि और कृषि आधारित उद्योग की बात करें तो किसान को धान का जहां मुश्किल से प्रति किलो 22-24 रुपए मिलता है वहीं उससे निकला चावल 50 से 65 रुपए किलो बिकता है. इसी चावल से बनाया गया मुर्रा 250 से 300 रुपए किलो बिकता है. देश के मशहूर कृषि विशेषज्ञ देविंदर शर्मा का मानना है कि यदि स्थिति में बदलाव नहीं आया तो 2050 तक देश दुनिया भर में केवल 5 प्रतिशत ही किसान रह जाएंगे. वो इस बात से भी खफा थे कि कारोबारियों का हजारों करोड़ का कर्जमाफ हो जाता है लेकिन किसानों को जेल हो जाती है. वो कहते हैं कि खुद को बचाने का हथियार भी किसानों के पास ही है. देश के आधी आबादी किसानों की है. 60 करोड़ लोग खेती से प्रत्यक्ष जुड़े हैं. ये 60 करोड लोग अगर ठान लें तो उनकी अपनी सरकार बन सकती है. जब तक वे अपने वोट का इस्तेमाल ठीक नहीं करते हैं, दूसरे तरीके की सरकारें ही बनती रहेंगी. इन 60 करोड़ लोगों को किसानी के आधार पर वोट डालना चाहिए. किसान होने के नाते वोट डालना चाहिए. धर्म, जाति या पॉलीटिकल आईडियोलॉजी के नाम पर वोट देंगे तो ये खुद मरेंगे. यही हो रहा है किसानों के साथ. पिछले 70-75 सालों से सरकारें उनकी आय को दोगुना करने की बातें कर रही हैं पर वास्तविकता के धरातल पर कुछ नहीं हो रहा है. इस मामले में देविंदर छत्तीसगढ़ सरकार के साथ खड़े नजर आते हैं. वे कहते हैं कि पारम्परिक खेती की तरफ बढ़ना, भूजल के लिए नरवा योजना चलाना, आर्गेनिक खेती की तरफ कदम बढ़ाना, ये सभी शुभ संकेत हैं. यह सरकार किसानों के हाथ तक ज्यादा से ज्यादा पैसा पहुंचाने की कोशिश कर रही है. इससे राज्य की पूरी अर्थव्यवस्था पुष्ट हो रही है.

भाजपा जल्द प्रत्याशी घोषित करने की तैयारी में, कांग्रेस ने भी तेज की प्रक्रिया, कल सम्मेलन
संपत्ति लोगों की भलाई पर खर्च हो, मां और महात्मा गांधी से ये बात सीखी-अजीम प्रेमजी
कार्ति चिदंबरम को एससी ने दी विदेश जाने की इजाजत, लेकिन जमा कराने होंगे 2 करोड़
कांग्रेस में ‘एक परिवार, एक टिकट’ नियम पर बनी सहमति, गांधी परिवार को ‘विशेष छूट’, ये बड़े बदलाव भी शामिल
अस्पताल का शव गृह बना सेक्स रैकेट का अड्डा, लाशों के बीच बना रहे थे संबंध
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article जगदलपुर में रेल यातायात ठप, रेलवे ट्रैक पर लैंड स्लाइड से रद्द हुई कई ट्रेनें… मेंटेनेंस में जुटा रेलवे अमला
Next Article भिलाई के पॉश कॉलोनी में लाखों की चोरी, घर की दीवार फांदकर बदमाशों ने दिया वारदात को अंजाम

Ro.No.-13672/51

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?