सुकमा। छत्तीसगढ़ के धुर नक्सल प्रभावित सुकमा-दंतेवाड़ा सीमा पर पुलिस व नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। नक्सलियों के लिये सबसे सुरक्षित माने जाने वाले विहीन क्षेत्र गोगुंडा, सिमेल व तोयापारा के पहाड़ियों में पुलिस का धावा बोला। क्षेत्र में पहाड़ियों में 48 घंटे तक संयुक्त नक्सल विरोधी अभियान चलाया गया। सुकमा के डीआरजी, एसटीएफ, 201 वाहिनी कोबरा एवं जिला दंतेवाड़ा के डीआरजी बलों द्वारा अभियान चलाया गया।
सर्चिंग के दौरान सिमेल की पहाड़ी में हुई पुलिस-नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। जवानों को भारी पड़ता दें नक्सली मौके से भाग गए। सुरक्षा बलों को सिमेल-गोगुंडा के पहाड़ी में लगभग 80-100 नक्सलियों के रहने की सूचना मिली थी। मुठभेड़ के दौरान जवानों ने 2 बड़े-बड़े नक्सली कैम्प ध्वस्त कर दिए। मौके से भारी मात्रा में नक्सल सामाग्री भी बरामद की गई है। यही नहीं नक्सलियों द्वारा पुलिस पार्टी को क्षति पहुंचाने की नीयत से लगाये गये 04 नग आईईडी को भी मौके पर नष्ट किया गया।
मिली जानकारी के अनुसार जिला सुकमा व दंतेवाड़ा के सरहदी क्षेत्र गोगुंडा, सिमेल, तोयापारा, गट्टापाड़, तुम्मापाड़, चिकपल्ली, उपमपल्ली, बगड़ेगुड़ा, नागाराम, नेंडुम, गारूम एवं खुंसडुसपारा के जंगल-पहाड़ी में दरभा डिवीजन के केरलापाल एरिया कमेटी एवं प्लाटून नंबर 24 & 26 के सशस्त्र वर्दीधारी नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना मिली थी। सूचना मिलने पर 9 जुलाई को से 11 जुलाई तक डीआरजी सुकमा, एसटीएफ, 201 वाहिनी कोबरा व डीआरजी दंतेवाड़ा के संयुक्त बलों द्वारा विशेष नक्सल विरोधी अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान दिनांक 10 जुलाई को सुकमा डीआरजी की पार्टी सर्चिंग करते हुए सिमेल की पहाड़ी के पास पहुंचे थे। मलांगीर एरिया कमेटी कि लगभग 30-40 सशस्त्र नक्सलियों द्वारा डीआरजी की पार्टी को जान से मारने एवं हथियार लूटने की नीयत से अंधाधूंध फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद डीआरजी के जवानों द्वारा भी जवाबी फायरिंग शुरू की गई। जवानों की फायरिंग के बाद नक्सली खुद को कमजोर पड़ता देख जंगल-पहाड़ी का आड़ लेकर भाग गये।
इस दौरान दंतेवाड़ा की डीआरजी एवं एसटीएफ की टीम सिमेल व तुम्मापाड़ के बीच पहाड़ी को सर्च करते हुए आगे बढ़ रही थी जहां पर लगभग 80 नक्सलियों की क्षमता वाले दो बड़े-बड़े नक्सली कैम्प मिले, जिसे जवानो द्वारा ध्वस्त किया गया। मौके व आसपास स्थल को सर्च करने पर नक्सली वर्दी, पिट्ठू, बर्तन, सोलर प्लेट, पॉलिथिन, बड़े-बड़े जर्किन, दवाईयां व भारी मात्रा में दैनिक उपयोगी का सामान बरामद किया गया।
इसी प्रकार अभियान के दौरान 10 जुलाई को एसटीएफ की पार्टी गोगुंडा की पहाड़ी की सर्चिंग करते हुए आगे बढ़ रहे थे, जहां नक्सलियों द्वारा पुलिस पार्टी के आने-जाने वाले संभावित रास्तों पर पुलिस को नुकसान पहुंचाने की नीयत से 50 मीटर के दायरे में अलग-अलग जगहों पर 4 नग आईईडी प्लांट किया गया था। जिसे पुलिस पार्टी द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। सुकमा पुलिस द्वारा जिले में चलाया जा रहा नक्सल विरोधी अभियान निरंतर जार रहेगा।




