बालोद Balod. छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के ग्राम पंचायत करहीभदर के ग्रामीणों ने देशी शराब की दुकान खोलने की मांग की है। इसे लेकर ग्रामीण शुक्रवार को सरपंच के साथ जिला आबकारी अधिकारी के कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों की मांग है कि देशी शराब दुकान के बंद होने से गांव की रौनक खत्म हो गई है। इस गांव का व्यापार खत्म हो गया। इसे गंभीरता से लेते हुए ग्रामीणों ने जल्द से जल्द यहां पर देशी शराब की दुकान खोलने की मांग की है।
एक तरफ छत्तीसगढ़ में विपक्ष के नेता सरकार से शराब बंदी की बात कर रहे हैं और ऐसे समय में एक गांव से शराब की दुकान खोलने की डिमांड आना अपने आप में आश्चर्य चकित कर देने वाला मामला है। दरअसल बालोद के जिस ग्राम पंचायत करहीभदर की यहां बात हो रही है वहां 10 साल पहले गांव में शराब की दुकान थी। शराब की दुकान के कारण गांव में बहुत रौनक हुआ करती थी। इस गांव का मवेशी बाजार व सब्जी मंडी आसपास काफी प्रसिद्ध था और शराब दुकान बंद होने के बाद धीरे धीरे सबकुछ खत्म हो गया है।
देशी शराब की दुकान खुलवाने की मांग को लेकर गांव वाले यहां के सरपंच लीलाराम डडसेना के साथ पहुंचे हैं। सरपंच का कहना है कि हमने चार बिंदुओं पर अपना डिमांड लेटर प्रशासन को सौंपा है। उनका कहना है कि गांव की आबादी ज्यादा है और इसलिए यहां तहसील कार्यालय व पुलिस चौकी शुरू की जाए। हमारी प्रमुख मांग में शराब की दुकान भी है। शराब की दुकान खुलने से गांव की रौनक लौटेगी और 10 साल पहले की तरह व्यापार भी ठीक हो जाएगा। ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपते हुए मांग पूरी न होने पर प्रदर्शन की भी चेतावनी दी है।




