कांकेर Kanker. छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में पदस्थ महिला पुलिस कर्मी ने आत्मदाह की चेतावनी दी है। शुक्रवार को कलेक्टोरेट परिसर पहुंचकर अपनी आपबीती बताई। महिला पुलिस कर्मी ने वरिष्ठ अफसरों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए आत्मदाह करने कलेक्टोरेट पहुंची। पहले ही महिला कर्मी ने आत्मदाह की चेतावनी दी थी। कुछ देर के लिए कलेक्टोरेट परिसर में गहमा गहमी का महौल बन गया था। कलेक्टर व अन्य अफसरों ने समझाइश देकर महिला को शांत कराया और एक समिति का गठन किया।
शुक्रवार को कांकेर के कलेक्टोरेट कार्यालय में उस समय हड़कंप मच गया जब एक महिला पुलिस कर्मी आत्मदाह करने पहुंच गई। दोपहर करीब 12 बजे महिला पुलिस कर्मी पद्मिनी साहू पहुंची और मीडिया के सामने अपना दुखड़ा सुनाया। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अफसर उसे प्रताड़ित करते हैं। उसका कहना था कि पूर्व में उसने एक पत्र वरिष्ठ अधिकारियों के नाम लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
इस मामले को लेकर कलेक्टर कांकेर ने 5 सदस्यों की एक जांच टीम बना कर अपनी रिपोर्ट प्रशासन को 7 दिनों के अंदर देने का निर्देश दिया है। कलेक्टर द्वारा बनाई गई टीम में आस्था बोरकर डिप्टी कलेक्टर, सिनीवाली गोयल उप संचालक समाज कल्याण, रेखा निषाद अधिवक्ता, बुलबुल वैध अध्यक्ष गैर शासकीय संस्थान, डा विमल भगत मनोरोग चिकित्सक शामिल हैं। उपरोक्त गठित समिति आवेदिका द्वारा लगाए गए तथ्यों की जांच कर इसकी रिपोर्ट सौंपेगी।
अनुशासनहीनता की शिकायतें
इधर इस मामले में एएसपी रत्ना सिंह का कहना है कि महिला पुलिस कर्मी के वरिष्ठ अफसरों पर आरोप गलत हैं। उन्होंने बताया कि उसके खिलाफ अनुशासनहीनता की शिकायतें मिल रही थी। कभी छुट्टी ले लेती और एडवांस में अटेडेंस भरकर चली जाती है। उनके इस तरह के कार्य के लिए उसे नोटिस दिया गया तो वह इस प्रकार के आरोप लगा रही है।





