रायपुर। 2019 की चुनावी सभा में मोदी सरनेम वालों को चोर कहने के मामले में सूरत के सेशन कोर्ट ने राहुल गांधी को दो साल की सजा क्या मिली दिल्ली से लेकर देशभर में कांग्रेस समर्थकों केन्द्र सरकार को घेरना शुरू कर दिया। हालांकि सजा मिलने के बाद 30 दिनों की जमानत भी तुरंत मिल गई। इधर राहुल गांधी को सजा मिली और इसका असर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी देखने को मिला। गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेता अंबेडकर चौक व गांधी पुतले के सामने मौन प्रदर्शन किया।

बता दें राहुल गांधी ने कर्नाटक के कोलार में 13 अप्रैल 2019 को चुनावी रैली में कहा था कि नीरव मोदी, ललित मोदी, नरेंद्र मोदी का सरनेम कॉमन क्यों है? सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है? राहुल के इस बयान को लेकर बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि का केस दर्ज कराया था। गुजरात की सूरत कोर्ट ने चार साल पुराने इस मामले में गुरुवार को राहुल को दोषी ठहराया। इस मामले में कोर्ट ने राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाई और उन्हें तुरंत 30 दिनों की बेल भी मिल गई। अब राहुल गांधी परमानेंट बेल के लिए अप्लाई कर सकते हैं। वहीं उनके वकील ने कहा कि वे हायर कोर्ट जाएंगे।
मोहन मरकाम बोले- सत्य पराजित नहीं हो सकता
राहुल गांधी को सजा मिलने पर इसका दोष भी कांग्रेस नेताओं ने मोदी सरकार पर मढ़ दिया है। छत्तीसगढ़ पीसीसी अध्यक्ष ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि सत्य परेशान हो सकता है मगर पराजित नहीं। हम सत्य और राहुल गांधी के साथ खड़े हैं। इससे पहले सीएम भूपेश बघले ने भी इसका विरोध किया था। कहा था कि राहुल गांधी जी तानाशाह के खिलाफ आवाज़ बुलंद कर रहे हैं। गलत को गलत कहने का साहस दिखा रहे हैं। इस साहस से तानाशाह घबराया हुआ है। कभी ED, कभी पुलिस, कभी केस, कभी सजा से डराने में जुटा है। राहुल गांधी जी इस मामले में न्यायसंगत अपील दायर करेंगे। हम लड़ेंगे और जीतेंगे।




