ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: Big news : सेकेंड हैंड गाड़ियां बेचनी है तो लेनी होगी आरटीओ से परमिशन, सरकार ने बनाई नई व्यवस्था
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
ChhattisgarhFeatured

Big news : सेकेंड हैंड गाड़ियां बेचनी है तो लेनी होगी आरटीओ से परमिशन, सरकार ने बनाई नई व्यवस्था

By Mohan Rao
Published: December 29, 2022
Share
सेकेंड हैंड गाड़यां बेचने के लिए लेनी होगी आरटीओ की परमिशन
SHARE

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सेकेंड हैंड गाड़ियां बेचने के लिए अब डीलरशिप आरटीओ देगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने सेकेंड हैंड गाड़ियां बेचने के लिए नई व्यवस्था बनाई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप परिवहन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा ऐसा नया नियम लाया जा रहा है, जिसकी मदद से अब डीलर और गाड़ी की पहचान आसान होगी, साथ ही चोरी की गाड़ियों को फर्जी तरीके से खरीद तथा बिक्री पर लगाम लगाने में सहायता मिलेगी।

सेकेंड हैंड गाड़ी की खरीद-बिक्री के फायदे को देखते हुए और इसे पारदर्शी बनाने के लिए ही परिवहन विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा केंद्र सरकार को सेकंड हैंड गाड़ी विक्रेता को भी डीलर के रूप में अधिकृत करने के लिए लेख किया गया था। इसके बाद केंद्रीय मोटर वाहन रूल, 1989 में बदलाव किया गया है, यह नया नियम 1 अप्रैल, 2023 से लागू होगा। इसके जरिए प्री-ओन्ड वाहन मार्केट के इकोसिस्टम को मजबूत करने की कवायद हो रही है। अब प्री-ओन्ड गाड़ी का बाज़ार मुख्य धारा में सम्मिलित हो कर वित्तीय सुविधाओं का सीधे लाभ ले सकेगा।

जोर पकड़ रहा सेकेंड हैंड वाहनों का बाजार
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में प्री-ओन्ड वाहनो का बाजार धीरे-धीरे जोर पकड़ रहा है। हाल के वर्षों में ऑनलाइन सेकंड हैंड गाड़ी विक्रेता प्लेटफ़ार्म के आगमन, जो वाहनों की खरीद और बिक्री में शामिल हैं, ने इस बाजार को और बढ़ावा दिया है। वर्तमान पारिस्थितिकी तंत्र में, कई विधिक और वित्तीय मुद्दों का सामना करना पड़ रहा था। बाद के डीलर को वाहन के हस्तांतरण के दौरान, तीसरे पक्ष की क्षति देनदारियों के संबंध में विवाद, डिफॉल्टर आदि के निर्धारण में कठिनाई हो रही थी।

मिलेगी डीलरशिप का दर्जा
रायपुर प्री-ओन्ड डीलर एसोसिएशन की तरफ़ से काफ़ी समय से मांग की जा रही थी कि सेकंड हैंड वाहन विक्रेता को भी नवीन वाहन विक्रेता की तरह ही डीलर का दर्जा दिया जाए। डीलर का दर्जा मिलने से सेकंड हैंड डीलर को गाड़ी ख़रीदने के बाद स्टॉक में दिखाने या फ़ाइनेस लेने में सहायता मिलेगी। किसी गाड़ी में एक्सीडेंट होने की दशा में इन्शुरन्स क्लेम में सहायता मिलेगी और डीलर के द्वारा स्टॉक का इन्शुरन्स भी कराया जा सकेगा, जिससे कि किसी प्रकार के आपदा इत्यादि में कोई नुक़सान होने से स्टॉक के नुक़सान की भरपाई हो सके।

कानूनी रूप से रख सकेंगे पुराने वाहन
सेकंड हैंड वाहन विक्रेता अब क्रेता से गाड़ी ख़रीद कर क़ानूनी रूप से अपने पास स्टॉक में रख सकेगा और ज़रूरत के अनुसार उस गाड़ी के समस्त कार्य जैसे  नवीनीकरण या पंजीयन प्रमाणपत्र के नवीनीकरण अथवा पंजीयन प्रमाणपत्र की दूसरी प्रति, अनापत्ति प्रमाणपत्र, बीमा या वाहन के स्वामित्व में अंतरण करने हेतु आवेदन देने के लिये सक्षम होगा। इसी तरह गाड़ी ख़रीदने वालों के लिए भी अब आसान होगा कि वो अधिकृत सेकंड हैंड गाड़ी विक्रेता को चिह्नांकित कर सकते है। इससे टैक्स डिफ़ॉल्ट गाड़ी, चोरी की गाड़ी या अन्य विवाद से बचा जा सकेगा और किसी प्रकार की समस्या होने से आरटीओ कार्यालय से डीलर के संबंध में जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।


प्रस्तावित नियमों के प्रमुख प्रावधान के तहत डीलर की प्रामाणिकता की पहचान करने के लिए पंजीकृत वाहनों के डीलरों के लिए एक प्राधिकरण प्रमाणपत्र पेश किया गया है। इसके अलावा, पंजीकृत मालिक और डीलर के बीच वाहन की डिलीवरी की सूचना देने की प्रक्रिया को विस्तृत किया गया है। पंजीकृत वाहनों के कब्जे वाले डीलर की शक्तियों और जिम्मेदारियों को भी स्पष्ट किया गया है। डीलरों को उनके अधिकार में मोटर वाहनों के पंजीकरण प्रमाण पत्र के नवीनीकरण फिटनेस प्रमाण पत्र के नवीनीकरण, डुप्लीकेट पंजीकरण प्रमाण पत्र, एनओसी, स्वामित्व के हस्तांतरण के लिए आवेदन करने का अधिकार दिया गया है।

इसी तरह एक नियामक उपाय के रूप में, एक इलेक्ट्रॉनिक वाहन ट्रिप रजिस्टर का रखरखाव अनिवार्य कर दिया गया है, जिसमें की गई यात्रा का विवरण शामिल होगा। यात्रा का उद्देश्य, ड्राइवर, समय, माइलेज आदि का उल्लेख रहेगा। ये नियम पंजीकृत वाहनों के डीलरों को पहचानने और उन्हें सशक्त बनाने में सहायता करेंगे। साथ ही ऐसे वाहनों की बिक्री या खरीद के लिए धोखाधड़ी गतिविधियों के खिलाफ पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करेंगे।

Breaking News : 7 मई घोषित होंगे सीजी बोर्ड के परिणाम, सीएम साय करेंगे 10वीं व 12वीं के परीक्षा परिणामों की घोषणा
लश्कर का टॉप कमांडर सैफुल्लाह ढेर; पाकिस्तान में अज्ञात हमलावरों ने गोलियों से किया छलनी
छत्तीसगढ़ में नशीली दवाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, एक सप्ताह में 163 प्रतिष्ठानों में की गई जांच
गोधन न्याय योजना की वेबसाइट और मोबाइल एप को मिला राष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार…. डिजिटल गवर्नेंस श्रेणी में अवार्ड आफ एक्सीलेंस से सम्मानित
चंडीगढ़ से हिसार हेली टैक्सी शुरू, 45 मिनट का होगा सफर, देने होंगे 1755 रुपये
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज नवागढ़ में करेंगे भेंट-मुलाकात, लोगों से लेंगे योजनाओं का फीडबैक
Next Article राहुल गांधी की सुरक्षा में चूक : सीआरपीएफ ने गृह मंत्रालय को दिया जवाब, कहा- दो साल में 113 बार सांसद ने तोड़े सुरक्षा नियम

Ro.No.-13895/18

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?