भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट में टीए (ट्रेंड अप्रेंटिस) के नाम पर कोआपरेटिव सोसायटी बनाकर लाखों रुपए का गबन करने मामला सामने आया है। इस मामले में लगभग 160 टीए प्रशिक्षुओं ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले में भिलाई भट्ठी पुलिस ने 7 लोगों के खिलाफ धारा 420, 34 के तहत अपराध दर्ज किया है। फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

मिली जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला टीए प्रशिक्षुओं के रोजगार से जुड़ा हुआ है। दरअसल भिलाई इस्पात संयंत्र में टीए प्रशुक्षिओं को नौकरी दी जाती थी। अचानक इसे बंद करने से सैकड़ों टीए प्रशिक्षु नौकरी से वंचित हो गए। इसके लिए लगातार टीए प्रशिक्षुओं द्वारा आंदोलन किया जा रहा था। इस बीच प्रबंधन ने टीए प्रशिक्षुओं को एक सोसायटी बनाकर बीएसपी से कांट्रेक्ट लेकर काम शुरू करने कहा गया।
टीए प्रशिक्षुओ की सहमति के बाद समिति बनाने व संचालन के लिए टीए सदस्यो द्वारा राजेश कुमार मिश्रा को समिति का प्रमुख बनाया गया। समिति को विकसित करने सभी सदस्यों को राजेश मिश्रा ने 4000 से 8000 रुपए तक जमा जमा कराए। सभी सदस्यों द्वारा सितम्बर 2004 से लेकर वर्ष 2005 तक प्रत्येक सदस्य अपना अपना रकम भिलाई स्थित सेक्टर 01 अम्बेडकर पार्क में नगद रकम जमा करना प्रांरभ शुरू किया। लगभग सभी सदस्यों ने 4 से 8 हजार रुपए जमा किए।
इसके बाद समिति का पंजीयन सन् 2006 में भिलाई प्रशिक्षु कल्याण समिति के नाम से करवाया गया जिसमें सभी सदस्य सहमत थे । समिति के रजिस्ट्रेशन के पश्चात् मात्र 22 लोगो का नाम समिति में इनके द्वारा दिया गया था, तथा शेष लगभग 350 टीए प्रशिक्षुओं ने अपना अपना रकम समिति के नाम पर दिये थे और जो लिस्ट बना था रकम प्राप्ति का और सभी का नाम राजेश मिश्रा अपने पास रखते थे। उक्त समिति टीए प्रशिक्षुओ में से 15 लोगो को प्रमुख बनाया गया, जिसमें राजेश मिश्रा के अलावा प्रमोद कुमार पाण्डेय, मार्कण्डेय नाथ तिवारी, संजय उपाध्याय, भगवानदास, पवन यादव, शंभू सिंह प्रमुख रूप से शामिल थे। इन लोगों ने समिति के नाम पर टीए प्रशिक्षुओं ने ली गई राशि को सही जगह पर न लगाकर खुद इस्तेमाल कर लिया। अब इस मामले में भट्ठी पुलिस ने राजेश कुमार मिश्रा, प्रमोद कुमार पाण्डेय, मार्कण्डेयनाथ तिवारी, संजय उपाध्याय, भगवानदास, पवन कुमार यादव और शंभू सिंह के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।




