अमृतसर (एजेंसी)। शहीद स्थली जलियांवाला बाग में 15 फरवरी से 20 करोड़ की लागत से चल रहे विकास कार्यों के दौरान बनाई गई नई गैलरी में दो महिलाओं की अर्धनग्न तस्वीरें लगा दी गई हैं। यह तस्वीरें गैलरी के उस हिस्से में लगी हैं जहां पंजाब के अब तक के इतिहास की जानकारी दी गई है। तस्वीरें शेर -ए-पंजाब महाराजा रंजीत सिंह द्वारा लड़ी गई लड़ाइयों के चित्रों के नीचे लगाई गई हैं। इंटरनेशनल सर्व कम्बोज समाज ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर आपत्ति जताते हुए जांच करवाने की मांग की है।
इन तस्वीरों के दाईं तरफ स्थित दीवार के ऊपरी हिस्से में श्री गुरु नानक देव जी की बड़ी तस्वीर स्थापित की गई है। इसके कुछ इंच नीचे खड्ग हाथ में लेकर महाराजा रंजीत सिंह की आदमकद तस्वीर लगी है। इसके साथ ही एक बड़ा स्टैच्यू बाबा बंदा सिंह बहादुर का भी स्थापित किया गया है। इसी गैलरी के ऊपरी हिस्से में सतलुज सहित अन्य पांच दरियाओं का उल्लेख किया गया है। इसी गैलरी में गदरी बाबाओं के बारे में पर्यटक जानकारी ले सकेंगे।
- आपत्तिजनक पेंटिंग को हटाया जाए : शिंदर
- जांच के बाद ही कुछ कहूंगा : मलिक सांसद श्वेत मलिक ने कहा कि उन्होंने शुक्रवार को जलियांवाला बाग का दौरा किया था। उनके ध्यान में इन पेंटिंग के बारे में कोई जानकारी नहीं आई। इस मामले के बारे में वह जांच करेंगे, तभी कुछ कहने की स्थिति में होंगे। सांसद मलिक कह रहे हैं कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि जबकि सच्चाई यह है कि जब वह गैलरी का दौरा कर रहे थे तो तस्वीरें वहीं लगी थीं।
आपत्तिजनक पेंटिंग को हटाया जाए : शिंदर
इंटरनेशनल सर्व कम्बोज समाज ने जलियांवाला बाग में स्थित अर्ध नग्न तस्वीरों पर आपत्ति उठाई है। समाज के अध्यक्ष शिंदर पाल सिंह कम्बोज ने कहा कि शहीद स्थली में ऐसी तस्वीरें स्थापित कर शहीदों का अपमान किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को लिखे पत्र में समाज जलियांवाला बाग ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने मुख्य प्रवेश द्वार में शहीद उधम सिंह के बुत के आगे टिकट विंडो बनाकर कर शहीद का अपमान किया था। सांसद श्वेत मालिक की देख रेख में विकास के काम हो रहे हैं। इसलिए इन तस्वीरों को लगाने के जिम्मेदार मलिक हैं। समाज ने पीएम से अनुरोध किया कि इस मामले को गंभीरता से जांच करवाई जाए। ट्रस्ट के सदस्य मालिक की सदस्यता रद्द की जाए।




