भिलाई। डायरिया को लेकर नगर निगम भिलाई का लापरवाह रवैय्या देखने को मिल रहा है। शनिवार को एक बार फिर खुर्सीपार क्षेत्र में डायरिया के कारण 17 से ज्यादा लोग उल्टी-दस्त की परेशानी के साथ अस्पताल पहुंच गए। कई बीमारों का घरों में इलाज चल रहा है। बीमारों की जानकारी की सामने आने के बाद निगम के स्वच्छता विभाग को होश आया और आनन फानन में सफाई कर्मी पहुंच गए। रविवार को श्रीकंचनपथ की टीम ने शिवाजी नगर वार्ड का नजारा देखा यहां नालियों की सफाई के साथ दवाई भी छिडकी जा रही थी।

बता दें भिलाई निगम के शिवाजी नगर वार्ड में डायरिया के कारण 17 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती हुए। इनमें से कई का अभी भी अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं कुछ को डिस्चार्ज किया गया है। भिलाई निगम की टीम अपने क्षेत्र में डायरिया से निपटने में पूरी तरह से असफल साबित हो रही है। खासकर निगम अपनी जिम्मेदारी ही नहीं निभा पा रहा है। खुर्सीपार क्षेत्र में गंगे पानी की सप्लाई और कचरे से पटे नालियों के कारण लगातार बीमारी फैल रही है और निगम का स्वास्थ्य विभाग नींद में सोया है।
कैंप में भी फैला था डायरिया, अभी तक जांच रिपोर्ट का पता नहीं
इससे पहले वृंदा नगर कैंप-1, संतोषी पारा आदि क्षेत्रों में भी डायरिया का प्रकोप था। यहां तो डायरिया के कारण दो लोगों की मौत भी हो गई। इसके बाद भी यहां की स्थिति सुधरी नहीं है। डायरिया की शिकायत के बाद दो चार दिनों तक सफाई कार्यक्रम चलाया गया और कलेक्टर व आयुक्त सहित निगम महापौर भी मौके पर पहुंच गए। पानी का सैंपल जांच के लिए भेजा गया और आज तक उसकी रिपोर्ट का कुछ पता नहीं है।
रविवार को सुबह से पहुंचा सफाई अमला
इधर रविवार को सुबह से सफाई अमला शिवाजी नगर पहुंच गया। नालियों का कचरा निकालने के साथ ही दवाई डाल कर ब्लीचिंग पाउडर डाला गया। इसके आलावा मितानिन व स्वास्थ्य कर्मी घर घर जाकर लोगों की जांच भी कर रही है। घर-घर जाकर ओआरएस के पैकेट भी बांट रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि डायरिया का प्रकोप फैलने के बाद भी निगम पूरे खुर्सीपार क्षेत्र में जांच क्यों नहीं करा रहा। जिस वार्ड में डायरिया की शिकायत आती है उस वार्ड में खानापूर्ति कर दी जाती है। एक तरह से देखा जाए तो डायरिया को फैलाने में नगर निगम भिलाई की महत्वपूर्ण भूमिका नजर आती है।




