ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: विश्व अल्ज़ाइमर दिवस: ‘वस्तु रख कर भूल जाना, बातों का याद ना रहना ‘ है अल्जाइमर के प्रमुख लक्षण
Share
Notification Show More
Latest News
बालिका@work कार्यक्रम
सुकमा के 30 बच्चों ने जाना श्सखीरूवन स्टॉप सेंटरश् का कामकाज, महिला सुरक्षा के प्रति हुए जागरूक
October 26, 2026
बीएसएफ ने मनाया सतर्कता जागरूकता सप्ताह समारोह, निर्बाध कार्य की दिलाई शपथ
October 26, 2026
राजा फतेह सिंह खेल मैदान में चार दिवसीय प्रतियोगिता का आगाज
खैरागढ़ में 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ
October 26, 2026
राजनीतिक विरोध अपनी जगह, लेकिन प्रधानमंत्री के पिता पर टिप्पणी करना अनुचित : मनीष पाण्डेय
October 26, 2026
जमीन विवाद में हत्या : जशपुर में फूफा ने भतीजे को कुल्हाड़ी से काटा, आरोपी गिरफ्तार
October 26, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
BasterBreaking NewsChhattisgarhFeaturedHealth

विश्व अल्ज़ाइमर दिवस: ‘वस्तु रख कर भूल जाना, बातों का याद ना रहना ‘ है अल्जाइमर के प्रमुख लक्षण

By @dmin Published September 20, 2022
Share
viral symbolic pic
SHARE

जिले में प्रतिमाह औसतन 10 से 12 अल्ज़ाइमर ग्रसित मरीजों का किया जाता है इलाज
जगदलपुर। दुनियाभर में हर साल 21 सितंबर को विश्व अल्जाइमर दिवस (World Alzheimer Day) मनाया जाता है। यह दिन अल्जाइमर बीमारी के नाम पर मनाया जाता है ताकि लोगों को इस रोग के बारे में जागरुक किया जा सके। अल्जाइमर एक प्रकार का मानसिक रोग है। इससे ग्रसित व्यक्ति अक्सर छोटी से छोटी बातें भी भूल जाता है। कहीं पर कुछ वस्तु रखकर भूल जाना, कुछ ही देर पहले की बात को भूल जाना आदि इस विकार के प्रमुख लक्षण हैं।

उदाहरण के तौर पर अगर व्यक्ति 15 मिनट पहले किया कोई काम भूल जाए या फिर यह सोचता रहे कि उसने यह काम किया था या नहीं, तो हो सकता है कि वह अल्जाइमर से ग्रसित हो। यह बीमारी अक्सर 60 से ज्यादा की उम्र के बाद लोगों को होती है। बुज़ुर्ग की अवस्था मे मस्तिष्क की कोशिकाएं कमजोर होकर सिकुड़ जाती हैं जिससे दिमागी काम करने की क्षमता कम होने लगती है7 मस्तिष्क में होने वाली जटिल परेशानियाँ इस रोग का कारण है।

इस सम्बंध में मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ ऋषभ साव ने बताया: भूलने की बीमारी को अल्जाइमर कहते हैं। प्राय: लोग अल्जाइमर रोग को सामान्य लक्षण समझ कर नजरअंदाज कर देते है। जबकि यह पीडि़त व्यक्ति के लिए गंभीर भी हो सकती है। बस्तर जिले में प्रतिमाह औसतन 10 से 12 अल्ज़ाइमर से ग्रसित मरीज इलाज हेतु अस्पताल आते हैं। ऐसे मरीजों के इलाज में दवा के साथ साथ रोगियों और उनके परिजनों को कॉउंसलिंग की जरूरत होती है। इस वर्ष अलजाइमर दिवस ज्ञान की शक्ति (द पॉवर ऑफ नॉलेज) थीम पर मनाया जाएगा।

आगे उन्होंने बताया: अल्ज़ाइमर रोग ज्यादातर वृद्धजनों को प्रभावित करता है। भूलने की स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए जरूरी है कि शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के साथ ही मानसिक रूप से अपने को स्वस्थ रखना। दिमाग की कोशिकाओं को संतुलित करने के लिए दवाओं का प्रयोग किया जाता है। दवाओं के सेवन से रोगियों की याददाश्त और उसकी सूझबूझ में सुधार हो सकता है।

अल्जाइमर से ग्रसित लोगों को निम्न समस्याएँ हो सकती है :-

  • बार-बार बातों और प्रश्नों को दोहराने की आदत, ताकि उन्हें वह बात याद रहे।
  • हाल में की गई बात भूल जाना।
  • चीज़े रख कर भूल जाना और फिर न मिलने पर गुस्सा आना या ब्लड प्रेशर हाई होना।
  • जानी-पहचानी जगहों में खो जाना।
  • रोजमर्रा की वस्तुओं और करीबी लोगों के नाम भूल जाना।
  • वस्तुओं की पहचान करने, विचार व्यक्त करने या बातचीत में भाग लेने के लिए सही शब्द खोजने में परेशानी होना।
  • कमजोर याददाश्त की वजह से लोगों से घुलने मिलने में परेशानी होना।
  • रात में नींद न आना।
  • आंखों की रोशनी कम होने लगना।
  • कुछ भी याद करने, सोचने और निर्णय लेने की क्षमता पर प्रभाव पडऩा, डिप्रेशन में रहना, और डर जाना।

अल्जाइमर से बचाव
इस बीमारी के सम्बंध मे परामर्श हेतु नजदीकी स्पर्श क्लिनिक में सम्पर्क किया जा सकता है। इसके आलावा नियमित रूप से व्यायाम करने के साथ पोषक तत्वों से भरपूर डाइट लेनी चाहिए। लोगों से मिलना जुलना चाहिए, जिससे डिप्रेशन न हो। अगर घर में पहले से किसी को यह बीमारी रही हो तो इस पर पहले ही ध्यान देना चाहिए। लर्निंग पावर को मजबूत करना चाहिए, जैसे किताबें पढऩा, दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताना। डिप्रेशन से दूर रहने के लिए अपना मनपसंद संगीत भी सुन सकते हैं।

You Might Also Like

सुकमा के 30 बच्चों ने जाना श्सखीरूवन स्टॉप सेंटरश् का कामकाज, महिला सुरक्षा के प्रति हुए जागरूक

बीएसएफ ने मनाया सतर्कता जागरूकता सप्ताह समारोह, निर्बाध कार्य की दिलाई शपथ

खैरागढ़ में 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ

राजनीतिक विरोध अपनी जगह, लेकिन प्रधानमंत्री के पिता पर टिप्पणी करना अनुचित : मनीष पाण्डेय

जमीन विवाद में हत्या : जशपुर में फूफा ने भतीजे को कुल्हाड़ी से काटा, आरोपी गिरफ्तार

@dmin September 20, 2022
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article बड़े आंदोलन की तैयारी, 21 सितंबर को होगा जीएम ऑफिस का घेराव… जानिए क्या है इस आंदोलन की वजह
Next Article प्रदेश में एरी सिल्क के उत्पादन से किसानों की आय में वृद्धि के साथ ही जीवन स्तर में होगा सुधार : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सीएम बघेल ने 159 करोड रुपए के विकास कार्यों की दी सौगात

Ro.No.-14097/18

× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?