नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने तेलंगाना यात्रा के दौरान कामारेड्डी के जिला के दौरे पर वहां के जिलाधिकारी की जमकर क्लास लगाई है। दरअसल कामारेड्डी जिले के डीएम साहब वित्त मंत्री को इस सवाल का जवाब नहीं दे पाए कि उचित मूल्य की दुकानों के जरिए सप्लाई किए जाने वाले चावल में केंद्र और राज्य का का हिस्सा कितना है? बता दें कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भाजपा के लोकसभा प्रवास कार्यक्रम के तहत तेलंगाना के जहीराबाद संसदीय क्षेत्र में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शुक्रवार (02 सितंबर) को हिस्ला लिया। अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने कामारेड्डी के जिलाधिकारी से पूछा कि बिरकुर में उचित मूल्य की दुकान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर क्यों गायब है?

उसके बाद निर्मला सीतारमण ने जिलाधिकारी से पूछा कि जो चावल खुले बाजार में 35 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिक रहा है, वह एक रुपये में लोगों के बीच वितरित किया जा रहा है, इसमें राज्य सरकार का कितना हिस्सा है? बताया जाता है कि इन सवालों का संतोषजनक जवाब जिलाधिकारी नहीं दे पाए।
उसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पीडीएस के तहत वितरित होने वाले 35 रुपये प्रति किलो के चावल में 30 रुपये केंद्र सरकार देती है, चार रुपये राज्य सरकार देती है जबकि लाभुक से एक रुपया प्रति किलो लिया जाता है। वित्त मंत्री ने बताया कि मार्च-अप्रैल 2020 से राज्य सरकार और लाभार्थियों के किसी भी योगदान के बिना केंद्र 30 रुपये से 35 रुपये प्रति किलो वाला चावल लाभुकों को मुफ्त में उपलब्ध करा रहा है। जब कामारेड्डी जिले के जिलाधिकारी वित्त मंत्री के सवालों का सही ढंग से जवाब नहीं दे पाए तो वित्त मंत्री ने उन्हें अगले 30 मिनट में जवाब देने को कहा।




