बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान की दीवानगी न सिर्फ भारत में है, बल्कि विदेशों में भी उनके फैंस की संख्या लाखों में है। फैंस के बीच उनकी जबरदस्त लोकप्रियता है। बता दें कि शानदार एक्टर होने के साथ-साथ शाहरुख खान एक नेकदिल इंसान भी हैं। वह जन-कल्याणकारी कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। एक बार फिर उन्होंने यह बात साबित कर दी है। दरअसल, शाहरुख खान के नाम पर दी जाने वाली स्कॉलरशिप का एक बार फिर एलान हुआ है। आपको बता दें कि यह स्कॉलरशिप इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न और ला ट्रोव यूनिवर्सिटी की साझेदारी में दी जाएगी। पहली बार इस स्कॉलरशिप का एलान वर्ष 2019 में किया गया था।
आपको बता दें कि इस स्कॉलरशिप की घोषणा यूनिवर्सिटी के एक कार्यक्रम के दौरान की गई थी, जिसमें शाहरुख खान मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे। इसके बाद, केरल के त्रिशूर की रहने वाली गोपिका कोट्टंथरायिल भासी को पहली बार इस स्कॉलरशिप से सम्मानित किया गया। रिपोट्र्स के मुताबिक ला ट्रोव यूनिवर्सिटी की तरफ से यह कहा गया कि उनकी इस स्कॉलरशिप के लिए सबसे ज्यादा एप्लीकेशन आईं। करीब 800 आवेदकों ने इसके लिए आवेदन किए। महामारी और यात्रा प्रतिबंधों के कारण इसे पिछले साल के लिए रोक दिया गया था। लेकिन, हालात सामान्य होने के बाद अब एक बार फिर इस स्कॉलशिप का एलान किया गया है।
इस स्कॉलरशिप के लिए सिर्फ वही महिलाएं आवेदन कर सकती हैं, जिनके पास भारतीय नागरिकता हो। साथ ही उन्होंने पिछले 10 वर्षों के भीतर मास्टर ऑफ रिसर्च की डिग्री पूरी कर ली हो। चयनित उम्मीदवार को चार साल की ला ट्रोब यूनिवर्सिटी फुल-फीस रिसर्च स्कॉलरशिप मिलेगी। बता दें कि इस स्कॉलरशिप के लिए 18 अगस्त 2022 से रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं और 23 सितंबर तक चलेंगे।
फेस्टिवल के डायरेक्टर मीतू भौमिक लांगे का कहना है, ‘हम सभी जानते हैं कि शाहरुख का दिल बहुत बड़ा है और उन्होंने इसे एक बार फिर साबित कर दिया है। स्कॉलरशिप भारत की एक महिला शोधकर्ता के लिए जीवन बदलने वाला अवसर है। भारत प्रतिभा से भरा है और बस उन्हें मौका देने की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा कि आईएफएफएम के साथ शाहरुख खान का जुड़ाव बहुत पुराना है। मगर, अब यह एक कारण की वजह से है तो यह और खास हो गया है। बता दें कि ला ट्रोब यूनिवर्सिटी ऑस्ट्रेलिया की बेस्ट यूनिवर्सिटीज में से एक है।




