ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: गुस्ताखी माफ: धरती पर बढ़ रहा इंसानी आबादी का बोझ
Share
Notification Show More
Latest News
खेल अकादमियों में प्रवेश के लिए 169 खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम
October 1, 2026
रायपुर में 7-8 अक्टूबर को राज्यस्तरीय रोजगार मेला, 10 हजार से ज्यादा युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर
October 1, 2026
राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर सीमा सुरक्षा बल का प्रेरक आयोजन, भिलाई में रक्तदान शिविर सम्पन्न
October 1, 2026
वरिष्ठजनों का अनुभव हमारी शक्ति और उनकी गरिमा हमारी जिम्मेदारी : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
October 1, 2026
नवजात की खबर मिलते ही सीएचएमओ से फोन पर की चर्चा, स्वास्थ्य की ली जानकारी
खेत में मिली मासूम के लिए आगे आए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, सुरक्षा के दिए निर्देश
October 1, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
ChhattisgarhDurg-BhilaiFeatured

गुस्ताखी माफ: धरती पर बढ़ रहा इंसानी आबादी का बोझ

By @dmin Published July 11, 2022
Share
गुस्ताखी माफ: भाजपा के गढ़े हुए मुद्दे, आयातित नेतृत्व
गुस्ताखी माफ: भाजपा के गढ़े हुए मुद्दे, आयातित नेतृत्व
SHARE

-दीपक रंजन दास
आज विश्व जनसंख्या दिवस है। आबादी का बोझ अकेले भारत में नहीं बल्कि पूरी दुनिया में बढ़ रहा है। कभी 10-12 बच्चे पैदा करने वाले परिवार अब एक या दो बच्चे पैदा कर रहे हैं पर आबादी बढ़ती ही चली जा रही है। हम दो-हमारे दो का फलसफा भी अब इसका कुछ नहीं बिगाड़ पा रहा है। कुछ लोग इसके लिए एक खास समुदाय के लोगों को जिम्मेदार मान रहे हैं – पर यह सही नहीं है। आबादी में उनका हिस्सा बढ़ रहा है तो इसका कारण कुछ और है। पर यहां बात आबादी की हो रही है। दरअसल इस आबादी का परिवार नियोजन की जागरूकता से कोई लेना देना नहीं है। पिछले कुछ दशकों में चिकित्सा विज्ञान ने काफी प्रगति की है। विकास की गाड़ी भी तेजी से आगे बढ़ी है। संस्थागत प्रसव बढ़े हैं, जच्चा बच्चा देखभाल की सुविधाएं बढ़ी हैं। मातृत्व देखभाल की योजनाएं फलीभूत हुई हैं। इधर बेहतर भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं के चलते जीवन प्रत्याशा भी बढ़ी है। इसका कुल नतीजा यह निकला है कि जच्चा-बच्चा मृत्यु के मामलों में कमी आई है और बीमारियों से मरने वालों की संख्या भी कम हुई है। नवजात मृत्यु दर (आईएमआर) की बात करें तो यह 2022 में 27.69 प्रति हजार जीवित प्रसव हो गई। 2021 के मुकाबले यह 3.74 प्रतिशत कम है जब प्रति हजार जीवित प्रसव में 28.771 नवजातों की मौत हो जाती थी। 1981 में यह दर 9.7 थी। मातृत्व मृत्यु दर में भी तेजी से कमी आई है। 2016-18 के बीच यह दर 113 प्रति एक लाख प्रसव थी जो 2014-16 के बीच 130 प्रति एक लाख प्रसव थी। इसी तरह जीवन प्रत्याशा बढ़ी है। वहीं दूसरी तरफ बेहतर स्वास्थ्य और पोषण के चलते जीवन प्रत्याशा भी बढ़ रही है। 2021 में औसत जीवन प्रत्याशा 69.9 वर्ष थी। यानी लोग औसतन लगभग 70 वर्ष जीते थे। 2022 में यह दर बढ़कर 70.19 वर्ष हो गई। इसमें लगभग 0.33 प्रतिशत का सुधार हुआ। सन् 2000 में यह दर 62.28। अर्थात एक तो जन्म के समय होने वाली जच्चा-बच्चा की मौत के मामलों में कमी आ रही है, वहीं दूसरी तरफ लोग ज्यादा सालों तक जी रहे हैं। अब तो आबादी रोकने या उसे रिवर्स गीयर में डालने का केवल एक ही रास्ता बचा है। लोग शादियां न करें और करें भी तो बच्चे न पैदा करें। वैसे भी देश में अब अविवाहित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। बड़ी संख्या में युवा शादी न करने का फैसला कर रहे हैं। हालांकि 32-35 साल की उम्र के बाद इनमें से अधिकांश अपना संकल्प तोड़ रहे हैं। पर यह ट्रेंड अब बढ़ता जा रहा है। अविवाहित लोगों की सफलता इन्हें प्रेरित कर रही है।

You Might Also Like

खेल अकादमियों में प्रवेश के लिए 169 खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम

रायपुर में 7-8 अक्टूबर को राज्यस्तरीय रोजगार मेला, 10 हजार से ज्यादा युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर

राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर सीमा सुरक्षा बल का प्रेरक आयोजन, भिलाई में रक्तदान शिविर सम्पन्न

वरिष्ठजनों का अनुभव हमारी शक्ति और उनकी गरिमा हमारी जिम्मेदारी : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

खेत में मिली मासूम के लिए आगे आए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, सुरक्षा के दिए निर्देश

@dmin July 11, 2022
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article कोयला व्यापारी का दावा, रेड के दौरान आईटी अधिकारी बोला- साथ दो बन जाओगे छत्तीसगढ़ के ‘एकनाथ शिंदे’
Next Article अंतिम संस्कार के बाद दिल्ली से लौटे परिजनों पर की गई पुष्प वर्षा, गूंजा लेफ्टिनेंट कर्नल कपिल देव पाण्डेय अमर रहें का नारा
× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?