रायपुर। राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पारदर्शिता लाने के लिए फसल बीमा पोर्टल और राज्य के भुईंया पोर्टल को एक साथ जोड़ दिया है। इससे इस वर्ष खरीफ फसल की बीमा कराने वाले किसानों की संख्या तो घट गई है पर आवेदनों की संख्या बढ़ी है। केंद्र सरकार ने 31 जुलाई 2022 तक किसानों से आवेदन मंगाया था। इस स्थिति में इस वर्ष अब तक12 लाख 25 हजार 108 किसानों ने बीमा कराया है। जबकि वर्ष 2021 में 12 लाख 69 हजार 152 , वर्ष 2020 में 13 लाख 13 हजार 327 और 2019 में 13 लाख 26 हजार 347 किसानों ने बीमा कराया था। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष आवेदनों की संख्या बढ़ी है।
ऋणी किसानों के आवेदनों की संख्या 56 लाख 88 हजार 432है। जबकि गैर ऋणी किसानों के आवेदनों की संख्या दो लाख 56 हजार 461 है। पिछले वर्षो में फसल बीमा और भुईंया पोर्टल एक साथ लिंक नहीं होने से रकबे की गलत जानकारी देने की शिकायतें भी आती थीं, लिहाजा राज्य सरकार ने इस पोर्टल को लिंक कर दिया था। योजना अंतर्गत किसानों को खरीफ फसलों की बीमा के लिए कुल प्रीमियम राशि का मात्र दो प्रतिशत देना होता है। खरीफ फसलों के अंतर्गत राज्य में धान सिंचित, धान असिंचित, मूंगफली, सोयाबीन, अरहर, मूंग, उड़द की फसलें अधिसूचित की गई हैं, जिनका बीमा कराया जाता है। इसी के आधार किसान अपनी निर्धारित जमीन पर क्लेम कर पाते हैं। खरीफ वर्ष 2022 के तहत फसल पर प्रतिकूल मौसम जैसे सूखा, बाढ़, कीट व्याधि, ओलावृष्टि आदि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान में किसानों को वित्तीय सहायता मिलती है।




